वकीलों का उग्र आंदोलन: सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम, बंद रहेंगी राजस्व कोर्ट और रजिस्ट्रियां
वकीलों का आरोप है कि मुख्यमंत्री, राजस्व मंडल अध्यक्ष सहित तमाम अधिकारियों को ज्ञापन दिया जा चुका, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई.

Published : July 9, 2026 at 2:50 PM IST
जयपुर: राजस्व न्यायालय से जुड़े वकीलों और सरकार के बीच प्रतिरोध लगातार गहराता जा रहा है. पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे वकीलों का आक्रोश गुरुवार को फूट पड़ा और उन्होंने कलेक्ट्रेट को बंद कर दिया. साथ ही पंजीयन विभाग के डीआईजी स्टाम्प के खिलाफ कलेक्ट्रेट सर्किल पर प्रदर्शन किया गया. 'दी डिस्ट्रिक्ट एडवोकेट्स बार एसोसिएशन जयपुर' के बैनर तले आंदोलन कर रहे वकीलों ने ऐलान किया कि अगले 48 घंटे में जयपुर के सभी उप पंजीयक कार्यालय में कोई भी रजिस्ट्री का कार्य नहीं होगा.
बार के अध्यक्ष संदीप शर्मा ने बताया कि राजस्व मंडल जयपुर की बैंच, अतिरिक्त जिला कलेक्टर जयपुर चतुर्थ के न्यायालय को चौमूं स्थानांतरित करने के विरोध, सांगानेर एसडीएम की ओर से किए गए फैसलों के प्रकरणों को अन्य न्यायालय में भेजने, उप पंजीयक कार्यालयों में स्लॉट व्यवस्था एवं पंजीयन संबंधी अनियमिताओं को लेकर 30 जून से राजस्व न्यायालय का कार्य बहिष्कार किया जा रहा है. सरकार की ओर से जयपुर जिले की जमीनों की डीएलसी रेट बढ़ाने की संभावना को देखते हुए एसोसिएशन की ओर से आम जनता को 6 से 8 जुलाई तक कुछ राहत दी गई थी और शाम को 4 से 6 बजे तक रजिस्ट्री करने की छूट दी थी, लेकिन अब तक मांगें पूरी नहीं होने के कारण वकील नाराज हैं.
पढ़ें: राजस्व कोर्ट के वकीलों का कार्य बहिष्कार 3 जुलाई तक, मांगें नहीं मानी, तो होगा उग्र आंदोलन
कलेक्ट्रेट के गेट बंद कराए: वकीलों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट के सभी गेट बंद करा दिए और राजस्व कोर्ट भी बंद कर दिए. वकीलों ने कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी कर रैली निकाली. वकील नारेबाजी करते हुए जिला कोर्ट और संभागीय आयुक्त कार्यालय भी पहुंचे. इसके बाद वकीलों ने पंजीयन विभाग के डीआईजी स्टाम्प के खिलाफ जुलूस निकाला.

आंदोलन तेज करने की चेतावनी: अध्यक्ष संदीप शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री, महानिरीक्षक मुद्रांक, चेयरमैन राजस्व मण्डल अजमेर, अतिरिक्त मुख्य सचिव , शासन सचिव, जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन दिया गया, लेकिन आज तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ. उन्होंने कहा कि सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है. सरकार ने हमारी मांगें नहीं मानीं तो इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. उन्होंने कहा कि 48 घंटे में जयपुर जिले के सभी राजस्व न्यायालय में कार्य बहिष्कार किया जाएगा साथ ही सभी उप पंजीयक कार्यालय में कोई रजिस्ट्री का कार्य नहीं होगा. प्रदर्शन के दौरान महासचिव मनोज वर्मा, पूर्व अध्यक्ष सुनील शर्मा, गजराज सिंह राजावत, अखिलेश जोशी, हजारीलाल शर्मा आदि वकील भी मौजूद रहे.

