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देश सेवा के बाद 'कीवी मैन' बने मान सिंह, 4 पौधों से शुरू किया सफर, आज कमाई के साथ दे रहे रोजगार

सेना से रिटायर होने के बाद मान सिंह ने फल उत्पादन में कदम रखा. आज वे अच्छी खासी कमाई के साथ रोजगार भी दे रहे.

Kiwi Farming MAN SINGH CHAUHAN
देश सेवा के बाद 'कीवी मैन' बने मान सिंह (PHOTO-ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 26, 2026 at 2:44 PM IST

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Updated : August 26, 2026 at 4:02 PM IST

3 Min Read
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टिहरी गढ़वाल: उत्तराखंड के पहाड़ी जिलों में खेती को रोजगार बनाना चुनौतियों से भरा है. पानी की कमी, जंगली जानवरों का खतरा, सुविधाओं का अभाव, ज्यादा मेहनत-कम लाभ, बाजारों का उपलब्ध न होना, जैसे कई कारणों से लोग खेती से दूर हो रहे हैं. लेकिन टिहरी गढ़वाल के नरेंद्रनगर क्षेत्र के गजा गौसारी गांव निवासी रिटायर्ड नायब सूबेदार मान सिंह चौहान ने महज चार कीवी के पौधों से जिले में कीवी उत्पादन के जरिए पलायन रोकने और वापस लौटने का एक नया रास्ता दिखाया है. मान सिंह का छोटा का प्रयास आज एक बड़े कीवी उद्यम में बदल चुका है, जिससे उनकी 50 हजार से ज्यादा की कमाई हो रही है.

सेना की नौकरी के बाद खेती की ओर बढ़ाया कदम: मान सिंह चौहान ने सेना में रहते हुए देश की सेवा की और 26 साल की नौकरी के ओनरी नायब सूबेदार के पद से 2005 में रिटायर्ड हुए. मान सिंह चौहान ने सेवानिवृत्ति के बाद पहाड़ में रहकर कुछ अलग करने का फैसला लिया. उन्होंने 2014 में पारंपरिक खेती के बजाय ऐसी फसल को चुना, जिससे कम जमीन में बेहतर आमदनी हासिल की जा सके. इसी सोच के साथ उन्होंने कीवी की खेती की ओर कदम बढ़ाया. शुरुआत में उन्होंने अपने खेत में सिर्फ चार कीवी के पौधे लगाए.

देश सेवा के बाद 'कीवी मैन' बने मान सिंह (ETV Bharat)

चार पौधों से शुरू हुआ कीवी का सफर: मान सिंह चौहान बताते हैं कि, कीवी के चार पौधों से उन्होंने शुरुआत की थी. शुरुआती दौर में पौधों की देखभाल, उत्पादन और बाजार को लेकर कई चुनौतियां सामने आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. उन्होंने कीवी की खेती के तौर-तरीकों को समझा. पौधों की लगातार देखभाल की और अनुभव के साथ अपने बागान का विस्तार करते चले गए. धीरे-धीरे कीवी के पौधों की संख्या बढ़ी और उत्पादन भी बढ़ता गया.

मेहनत ने बदली खेती की तस्वीर: मान सिंह बताते हैं कि, पहाड़ों में खेती करना आसान नहीं है. मौसम, सिंचाई, बंदर और अन्य जंगली जानवरों से फसल को बचाना किसानों के लिए बड़ी चुनौती रहती है. इसके बावजूद कीवी उत्पादन को आगे बढ़ाया. इसका नतीजा है कि आज कीवी की खेती अच्छी आमदनी दे रही है. उन्होंने बताया कि, हालांकि आमदनी उत्पादन पर निर्भर करती है. लेकिन पिछले सीजन (अक्टूबर से दिसंबर) उन्हें लगभग 50 हजार रुपए की आय हुई. साथ ही वह 2 से 3 लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं.

Kiwi Farming MAN SINGH CHAUHAN
कीवी की खेती दे रही अच्छी आमदनी (PHOTO-ETV Bharat)

सफलता का राज: मान सिंह चौहान बताते हैं कि खेती में सफलता के लिए सिर्फ जमीन होना पर्याप्त नहीं है. किसान को नई तकनीक सीखने, फसल की सही देखभाल करने और बाजार की मांग को समझने की जरूरत होती है. उनका मानना है कि पहाड़ों में अगर किसान पारंपरिक खेती के साथ-साथ फल उत्पादन और आधुनिक कृषि को अपनाए तो गांव में रहकर भी अच्छी आमदनी की जा सकती है.

Kiwi Farming MAN SINGH CHAUHAN
चार पौधों से शुरू किया था सफर (PHOTO-ETV Bharat)

पहाड़ की खेती में छिपी संभावनाओं का उदाहरण: मान सिंह चौहान की सफलता यह भी बताती है कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों में फल उत्पादन की काफी संभावनाएं हैं. यहां की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियों के अनुरूप अगर किसानों को सही प्रशिक्षण, तकनीक और बाजार उपलब्ध हो तो कृषि को मजबूत स्वरोजगार में बदला जा सकता है. कीवी जैसे उच्च मूल्य वाले फल किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं.

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Last Updated : August 26, 2026 at 4:02 PM IST