संकल्प 2026: नारायणपुर पुलिस ने बनाया रोडमैप, अबूझमाड़ की वैश्विक पहचान पर फोकस
नारायणपुर जिले को नक्सल हिंसा, अपराध, असुरक्षा से मुक्त कर शांति-समृद्धि की राह पर ले जाने का लक्ष्य तय किया गया.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : January 8, 2026 at 1:31 PM IST
नारायणपुर: पुलिस अधीक्षक कार्यालय नारायणपुर के सभागृह में जिला स्तरीय क्राइम मीटिंग हुई. इसमें लंबित अपराध, मर्ग प्रकरण, गुमशुदगी केस की समीक्षा की गई.
बार्डरलेस पुलिसिंग पर फोकस
एसपी रॉबिंसन गुड़िया ने बार्डरलेस पुलिसिंग पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि कोई भी पीड़ित किसी भी थाना या कैम्प में या फोन के जरिए शिकायत दर्ज करा सकता है. उसे संबंधित थाना भेजकर टालने की प्रवृत्ति बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

माओवादी नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने का लक्ष्य
नारायणपुर जिले में बचे माओवादी नेटवर्क के पूर्ण सफाए का लक्ष्य तय किया गया. नक्सलियों की सप्लाई चैन को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए सभी थाना और कैम्प प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं. मुख्य मार्गों पर नियमित एमसीपी लगाकर सघन जांच के निर्देश हैं.

ये जरुरी निर्देश दिए गए
⦁ शांतिपूर्ण तरीके से शत प्रतिशत नक्सल सरेंडर प्रशासन की प्राथमिकता है ताकि अबूझमाड़ और नारायणपुर के लोग विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें.
⦁ युवाओं को पुलिस से जोड़ने के लिए खेल प्रतियोगिताओं, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जागरूकता अभियानों को तेज करने पर जोर दिया.
⦁ हेलमेट पहनना पुलिस बल के सभी अधिकारियों और जवानों के लिए अनिवार्य किया गया है.
⦁ नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर कठोर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं.
⦁ विजुअल पुलिसिंग के तहत गश्त, सीसीटीवी निगरानी, बदमाशों की सूची अपडेट करने और प्रतिबंधात्मक कार्रवाई बढ़ाने पर जोर दिया गया.
साल 2025 की उपलब्धियों की समीक्षा
⦁ साल 2025 में नारायणपुर पुलिस ने नक्सल उन्मूलन की दिशा में 27 नए सुरक्षा व जन सुविधा कैंप स्थापित किए.
⦁ 4.96 करोड़ के इनामी 43 खूंखार नक्सलियों को मार गिराया.
⦁ 78 नक्सलियों को गिरफ्तार किया.
⦁ 298 नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराया.
⦁ साइबर अपराध, मोबाइल रिकवरी, सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर अपराधों में कमी दर्ज की गई.
अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन पर फोकस
एसपी रॉबिंसन गुड़िया ने अबूझमाड़ को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में 31 जनवरी 2026 को आयोजित होने वाले अबूझमाड़ पीस हाफ मैराथन (पांचवां संस्करण) को लोक उत्सव के रूप में मनाने की घोषणा करते हुए जिले के हर गांव की भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए.

