UP कैडर की सीनियर IAS दिव्या मित्तल का इस्तीफा, मिर्जापुर में पानी लाने वाली अफसर ने क्यों छोड़ा पद? जानिए वजह
पढ़िए राज किशोर के संपादन के साथ संवाददाता अखिल पांडेय की रिपोर्ट

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 30, 2026 at 12:11 PM IST
|Updated : August 31, 2026 at 1:40 PM IST
लखनऊ: यूपी कैडर की सीनियर IAS दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. वर्तमान में वे राजस्व विभाग के विशेष सचिव पद पर तैनात थी. इस्तीफा देने की वजह भी अभी स्पष्ट नहीं है. सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए उन्होंने इस्तीफे की जानकारी दी.हालांकि अभी उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं हुआ है.
IAS का इमोशनल लेटर: करीब 13 साल आईएएस रहने के बाद दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. रविवार सुबह इंस्टाग्राम, एक्स(X) और फेसबुक पर अपने इस्तीफे के बारे में दिव्या मित्तल ने जानकारी दी. उन्होंने लिखा- आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है.
आज मैंने 13 वर्षों की अविस्मरणीय यात्रा को अपनी इच्छा से विराम देते हुए IAS से त्यागपत्र दे दिया है।
— Divya Mittal (@divyamittal_IAS) August 30, 2026
साधारण परिवेश में पलते हुए मैंने एक अच्छे, सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात एक कर IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ने के बाद, लंदन में नौकरी लग गयी। पर 'सब कुछ' पा लेने पर भी कुछ… pic.twitter.com/4VRXpK8nu8
इस्तीफे की असली वजह!: चर्चा है कि IAS दिव्या मित्तल के इस्तीफे के पीछे मिर्जापुर कनेक्शन है? उनके विधानसभा चुनाव लड़ने की चर्चा तेज है. अपने पोस्ट में उन्होंने मिर्जापुर का कई बार जिक्र किया है. दिव्या मित्तल मिर्जापुर से विधानसभा चुनाव लड़ना चाहती हैं. मिर्जापुर में तैनाती के दौरान उन्होंने गांव में पानी पहुंचाया था, जिसके बाद से ही उनका केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल से विवाद की चर्चा सामने आई थी.इसी प्रकरण के बाद उनका ट्रांसफर हुआ था. अनुप्रिया पटेल ने ही उन्हें मिर्जापुर से हटवाया था,ऐसी चर्चा है. यह चर्चा बहुत तेज हो गई है कि सांसद अनुप्रिया पटेल के खिलाफ लोकसभा चुनाव में दिव्या मित्तल मैदान में उतर सकती हैं. पार्टी चाहे जो हो.

मिर्जापुर में पानी लाने में योगदान: मिर्जापुर के पहाड़ों पर बसे गांव लहुरियादह गांव में आजादी के 75 साल बाद जल जीवन मिशन योजना के तहत पानी पहुंचाने का श्रेय दिव्या मित्तल को ही जाता है. अपने पोस्ट में दिव्या मित्तल ने अपने उन तमाम कामों का जिक्र किया है. जिसमें उन्हें सुकून मिला. दिव्या मित्तल ने लिखा कि आज आभार से आंखें नम हैं. बस एक दृश्य इनमें बसा है. लहुरिया दह की पहाड़ी की वो वृद्ध मां, जो अपने गांव में पहली बार पानी पहुंचता देख कुछ नहीं बोली. बस कांपते हाथों से मेरा सिर छूकर आशीर्वाद दे गई. पद तो आज छूट गया पर वह स्पर्श जीवन भर नहीं छूटेगा. वह सपना भी नहीं छूटेगा जो देश की इस मिट्टी ने मुझे दिया है.
बहुत कुछ करने का मौका मिला और बहुत सीखा. देवरिया ने सिखाया कि सही के साथ खड़ा होना विकल्प नहीं, कर्तव्य है. मीरजापुर ने सिखाया कि 'असंभव' कोई तथ्य नहीं, बस एक राय है और मां विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर सीखा कि शक्ति किसी पद से नहीं, उनकी कृपा और लोगों के विश्वास से आती है. सबसे बड़ी सीख यह थी कि अपने लिए देखे सपने तो पूरे हो चुके थे, अब अपने लोगों के लिए देखे सपनों को जीना था. इस जीवन का असली सुकून उन आंखों में दिखा, जिस परिवार को पहली बार ज़मीन का हक़ मिला, जिस दिव्यांग को सम्मान से जीने का अवसर मिला, और जिस किसान के खेत को पानी मिला. उनके संघर्षों में साथ चलते हुए मैंने सीखा कि हर सरकारी फ़ाइल के पीछे एक व्यक्ति है, और उसकी गरिमा बनाये रखना ही न्याय है.- दिव्या मित्तल, IAS अधिकारी

सहयोग के लिए आभार: पोस्ट के जरिए उन्होंने उन तमाम लोगों का आभार जताया है. जिन्होंने इस यात्रा में उनका साथ दिया. उन्होंने लिखा कि सच यह है कि सबसे ज़्यादा मैंने ही पाया और वो कर्ज़ और भी बढ़ता गया. लोग मेरी ख़ुशी में मुझसे ज़्यादा खुश हुए. उन्होंने मुझे तब भी उसी विश्वास से देखा जब मैं खुद ही थकी या टूटी थी और इसी ने आगे बढ़ते रहने की हिम्मत दी. इतना प्यार, इतना सम्मान, इतना अपनापन मिला कि मेरी झोली पूरी भर गई. इसमें उन साथियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी बहुत बड़ा श्रेय है जिन्होंने मेरे कंधे से कंधा मिलाकर काम किया और साथ डटे रहे.

सख्त अधिकारी के तौर पर पहचान: दिव्या मित्तल को एक ऐसी सख्त आईएएस अधिकारी के रूप में जाना जाता है जो गलत बर्दाश्त नहीं करती थीं. अवैध कब्जे की शिकायत पर लेखपाल और कानून को को फटकार लगाने का उनका वीडियो खूब वायरल हुआ था.

यादगार पल: आईएएस दिव्या मित्तल का मिर्जापुर से बस्ती के लिए ट्रांसफर हुआ था. मिर्जापुर जिलाधिकारी रहने के दौरान दिव्या मित्तल ने आम जनता के दिलों में इस कदर जगह बना ली थी कि जब वे मिर्जापुर से बस्ती के लिए रवाना होने वाली थीं तो लोगों ने अपनी चहेती अधिकारी को ऐसी विदाई दी कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई. सोशल मीडिया पर वह वीडियो खूब वायरल हुआ था. दिव्या मित्तल के ऊपर लोगों ने गुलाब की पंखुड़ियों से बारिश कर दी थी. उन्हें बीच में बिठाया और ऊपर से काफी मात्रा में पंखुड़ियां उड़ेलकर भारत माता की जय के नारे लगाए थे. इस दौरान इस दिव्या मित्तल भी बेहद भावुक हो गई थीं और उन्होंने कहा था कि मिर्जापुर की जनता का वे पूरे जीवन भर याद रखेंगी. आज भी उन्होंने जब अपने सेवाकाल से इस्तीफा देने का एक भावुक पत्र लिखा तो मिर्जापुर के लोगों को खूब याद किया.

दिव्या के पति भी दे चुके हैं इस्तीफा: दिव्या मित्तल मूलरूप से हरियाणा के रेवाड़ी की रहने वाली हैं. साल 2012 में बिना किसी कोचिंग के पहली बार में उन्होंने आईपीएस क्वालीफाई कर लिया. उन्हें गुजरात कैडर मिला. आईपीएस के प्रशिक्षण के दौरान दिव्या ने आईएएस बनने की तैयारी जारी रखी. अगले ही साल 2013 में उनका सिलेक्शन इसके लिए हो गया. यूपीएससी में उनकी 68 रैंक आई थी. उनके पति (आईटीएस) गगनदीप ढिल्लो 2011 बैच के अधिकारी थे, उन्होंने भी 2022 में नौकरी से इस्तीफा दे दिया था. ब्यूरोक्रेसी में ये ऐसी पति पत्नी की जोड़ी है कि दोनों ही इस्तीफा दे चुके हैं. इनकी बेटियों का नाम अद्विका और अव्याना है.

दिव्या मित्तल की ओर से लिए गए इस अचानक फैसले की चर्चा प्रशासनिक गलियारों में खूब हो रही है. काम करने के तरीके की वजह से उनकी गिनती तेज-तर्रार अफसरों में रही है.
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