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पायलट के निर्वाचन क्षेत्र के इस गांव का ऐलान- निकाय चुनाव का करेंगे बहिष्कार, जानिए पूरा मामला...

पूर्व डिप्टी सीएम पायलट के निर्वाचन क्षेत्र के गांव वालों की मांग, फिर बनाओ ग्राम पंचायत.

Villagers carrying banners boycotting the elections
चुनाव बहिष्कार के बैनर लिए ग्रामीण (ETV Bharat Tonk)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : August 30, 2026 at 9:46 PM IST

3 Min Read
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टोंक: नगर निकाय चुनाव में जहां राजनीतिक दल टिकट वितरण एवं डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं. वहीं, पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट के निर्वाचन क्षेत्र टोंक में परिसीमन से जुड़ा विवाद सामने आया है. यहां पंचायत से हटाकर डारडा हिन्द गांव को नगर परिषद क्षेत्र में शामिल किए जाने से ग्रामीण नाराज हैं.

ग्रामीणों ने नगर परिषद चुनाव के बहिष्कार का ऐलान कर दिया है. ग्रामीणों ने कहा कि न गांव से कोई चुनाव लड़ेगा और ना ही गांव में वोट डाले जाएंगे. ग्रामीणों के इस निर्णय के बाद उपखंड अधिकारी सीमा खेतान गांव पहुंची एवं लोगों से समझाइश की, लेकिन ग्रामीण अपने निर्णय पर अड़े रहे. डारडा हिन्द गांव के निवासी राजेंद्र चौधरी ने कहा कि डारडा हिन्द के लोगों ने निकाय चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया है.

किसने क्या कहा, सुनिए (ETV Bharat Tonk)

ग्रामीणों की मांग है कि गांव को फिर ग्राम पंचायत का दर्जा दिया जाए. ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वे निकाय चुनाव में एक भी वोट नहीं डालेंगे और गांव से कोई भी प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ेगा. ग्रामीणों को समझाने के लिए SDM सीमा खेतान और तहसीलदार अजितपाल सिंह यादव पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर चुनाव में मतदान करने की अपील की, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे. प्रशासन की समझाइश को मानने से इनकार कर दिया.

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ग्रामीणों ने दर्द किया साझा: ग्रामीणों ने कहा कि बीते 18 महीनों से गांव में विकास कार्य ठप पड़े हैं. उनका आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर गांव की समस्याओं को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई. यदि गांव को नगर निकाय में शामिल किया गया तो हर चीज के दाम बढ़ेंगे और इसके बावजूद गांव का विकास नहीं होगा. ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि प्रशासन कहेगा तो हम मुर्गा बन जाएंगे, लेकिन एक भी मत नहीं डालेंगे. ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव के दिन गांव के गेट पर ताला लगाया जाएगा और किसी को गांव में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा.

राजनेताओं से खफा ग्रामीण: ग्रामीणों ने कहा कि उनकी मांग को लेकर SDM और तहसीलदार गांव पहुंचे, लेकिन उनकी मांग के बावजूद कोई भी नेता उनसे मिलने नहीं आया. ग्रामीणों ने SDM सीमा खेतान से कहा कम से कम आपने हमारी सुध तो ली वो भी 18 महीने बाद. ग्रामीणों ने साफ कहा कि न मतदान करेंगे और न ही किसी राजनीतिक दल से कोई प्रत्याशी गांव से उम्मीदवारी जताएगा. जब तक डारडा हिन्द को फिर ग्राम पंचायत नहीं बनाया जाता तब तक आंदोलन और चुनाव बहिष्कार जारी रहेगा.

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