हिमाचल में जल्द भरे जाएंगे दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित पद, प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश
दिव्यांगजनों से संबंधित मुद्दों की समीक्षा बैठक में निदेशक ने दिए अहम निर्देश. जानिए किस विभाग में दिव्यांगजनों के लिए कितने पद आरक्षित है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 11:19 AM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में जल्द ही दिव्यांगजनों को सरकारी नौकरी के अवसर प्राप्त हो सकते हैं. शिमला में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रूप से सक्षम का सशक्तिकरण विभाग (ईसोमसा) ने दिव्यांगजनों (पीडब्ल्यूडीज) से संबंधित मुद्दों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें दृष्टिबाधित संघ की ओर से उठाई गई मांगों के साथ ही दिव्यांगजनों से संबंधित मामलों पर चर्चा की गई.
ईसोमसा के निदेशक सुमित खिमटा ने बताया कि, अभी केवल पशुपालन और मुद्रण एवं लेखा विभाग ने ही बैकलॉग पदों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किए हैं. उन्होंने दिव्यांगजनों के लिए अन्य विभागों में आरक्षित शेष पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए. उन्होंने बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग ने दिव्यांगजनों के लिए आरक्षित जेबीटी पदों के अंतिम परिणाम घोषित कर दिए हैं. जिसमें कुल 119 जेबीटी पद भरे गए हैं, जिनमें 50 दृष्टिबाधित, 49 आर्थोपेडिक रूप से अक्षम, 11 श्रवण बाधित, 8 बहु-दिव्यांगता वाले और 1 बौद्धिक रूप से अक्षम के लिए हैं.

इस विभाग में दिव्यांगजनों के लिए इतने पद आरक्षित
निदेशक सुमित खिमटा बताया कि, "स्कूल शिक्षा विभाग ने 94 टीजीटी पदों के लिए विज्ञापन जारी किया गया है, जिसमें 26 दृष्टिबाधित, 22 श्रवण बाधित, 13 बौद्धिक रूप से अक्षम या ऑटिज्म स्पेक्ट्रम वाले और 10 बहु-दिव्यांगता वाले के लिए आरक्षित हैं. वहीं, बैठक में एचआरटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा के लिए अनिवार्य हिम बस कार्ड को लेकर भी चर्चा हुई. दिव्यांगजनों को बस कार्ड प्राप्त करने में सहायता के लिए विशेष शिविर आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं."
HRTC बसों में हिम बस कार्ड अनिवार्य न करने की मांग
वहीं, दृष्टिबाधित संघ ने मांग रखी है कि दिव्यांगजनों के लिए एचआरटीसी बसों में निःशुल्क यात्रा के लिए हिम बस कार्ड अनिवार्य न किया जाए. संघ ने इस मामले को हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में चुनौती भी दी है. अन्य मुद्दों में दिव्यांगजनों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत दिव्यांगता राहत भत्ता (डीआरए) बढ़ाना, दिव्यांगजनों के लिए स्वतंत्र राज्य आयुक्त की नियुक्ति, सहारा पेंशन योजना का कार्यान्वयन, मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत दृष्टिबाधित व्यक्तियों को बिना शर्त आवास प्रदान करना और दिव्यांगजन कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष करना शामिल है.
जल्द से जल्द बैकलॉग पदों की भर्ती की अपील
दिव्यांगजनों के लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन के अंतर्गत दिव्यांगता राहत भत्ता (डीआरए) बढ़ाना और सेवानिवृत्ति आयु में वृद्धि नीतिगत मामले हैं, जिन पर प्रदेश की सरकार निर्णय लेगी. वहीं, दृष्टिबाधित संघ ने बताया कि सहारा पेंशन योजना का लाभ पिछले छह महीने से लाभार्थियों को नहीं मिला है. ऐसे में मामले को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को भेजा गया है. दृष्टिबाधित संघ के अध्यक्ष शोभू राम ने अधिकारियों से प्रक्रिया को ते गति प्रदान करने का आग्रह किया, ताकि बैकलॉग रिक्तियां जल्द भरी जा सकें.
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