कोरबा के देवपहरी वाटरफॉल में युवकों का रेस्क्यू, 15 घंटे मौत से लड़ी जंग, तेज पानी के बीच चट्टान पर बिताई रात
कोरबा के देवपहरी वाटरफॉल से तीन युवकों का सफल रेस्क्यू किया गया.ये युवक नदी के बीच में फंस गए थे.राजकुमार शाह की रिपोर्ट

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : August 25, 2026 at 12:02 PM IST
कोरबा : देवपहरी वाटरफॉल में फंसे तीन युवकों का रेस्क्यू कर लिया गया है. आपको बता दें कि देवपहरी वाटरफॉल की बारिश में खूबसूरती देखते ही बनती है.इसलिए हर साल यहां मानसून में काफी पर्यटक आते हैं. सोमवार शाम को भी तीन युवक वाटरफॉल घूमने आए थे.तीन नदी के बीच में बने पत्थर की उथले चट्टान पर बैठे थे.लेकिन अचानक नदी में पानी का बहाव तेज हो गया.जिसके बाद ये तीनों उसी चट्टान में फंस गए. रात भर तीनों युवक उसी चट्टान में बैठे रहे.मंगलवार सुबह तीनों युवकों का रेस्क्यू किया गया. 15 घंटे बार एसडीआरएफ की टीम ने तीनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला.
तीन दोस्त नदी के बीच में फंसे
आपको बता दें कि देवपहरी में पिकनिक मनाने के लिए घनश्याम महंत, हिमेश सारथी और धनेश्वर सारथी गए हुए थे. सभी लेमरू के समीप श्यांग और गुरमा गांव के निवासी हैं.तीनों नदी के बीच बने चट्टान में बैठकर जलप्रपात का नजारा ले रहे थे.इसी दौरान पानी का स्तर बढ़ने लगा.देखते ही देखते चट्टान की दोनों से पानी तेज गति से बहने लगा.इस वजह से तीनों नदी के किनारे नहीं आ सके.फंसने के बाद इन लोगों ने अपने परिजनों और पुलिस को सूचना दी.

वोट और रस्सी की मदद से रेस्क्यू
वनांचल थाना लेमरु के प्रभारी टीआई लोकनाथ यादव ने बताया कि सोमवार शाम को देवपहरी में तीन युवक फंस गए थे.सभी पिकनिक मनाने आए थे और पानी का प्रवाह तेज होने की वजह से फंस गए. युवकों ने खुद ही फोन कर इसकी जानकारी दी, कंट्रोल रूम और सभी लोगों को जानकारी दी गई. सूचना मिलने पर हम टीम के साथ शाम को मौके पर पहुंचे. इसके बाद एसडीआरएफ टीम को सूचना दी गई. एसडीआरएफ भी देवपहरी पहुंची, बचाव दल के सदस्य रात में ही रेस्क्यू करना चाह रहे थे. लेकिन पानी का बहाव अत्यधिक तेज था, अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बंद करना पड़ा.
टीम ने युवकों को रात भर गुंबज में ही रहने की हिदायत दी. रात भर युवक नदी के बीच में ही तेज बहाव के बीच फंसे हुए थे. जिसके बाद सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन चालू किया गया. सुबह 9 से 10 बजे के बीच उन्हें रस्सी बांधकर बोट के जरिए नदी से बाहर निकाला गया. अभी तीनों युवक सकुशल बाहर आ चुके हैं - लोकनाथ यादव,प्रभारी टीआई,लेमरु थाना
पर्यटन स्थल पर नहीं है सुरक्षा के इंतजाम
मानसून के मौसम में वन विभाग से लेकर स्थानीय प्रशासन लोगों से तेज बहाव और खतरनाक स्थलों से दूर रहने की सूचना जारी करता है. लेकिन पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम मौजूद नहीं हैं. खास तौर पर युवा पर्यटन स्थलों पर जाकर एक्सप्लोर करने का जोखिम उठाते हैं. जलप्रपात और तेज बहाव वाले नदियों में वह पहुंच जाते हैं. एडवेंचर के चक्कर में वह ऐसे इलाकों में फंस जाते हैं और फिर अप्रिय घटनाएं सामने आती हैं. लाख हिदायत देने के बाद भी लोग खतरनाक स्थलों पर पहुंच रहे हैं, तो दूसरी तरफ इन स्थलों पर जाने से रोकने वाला भी कोई मौजूद नहीं है. सुरक्षा के इंतजाम मौजूद नहीं है.देवपहरी में पिछले वर्ष भी कुछ लोग इसी स्थान पर फंस गए थे. जिन्हें रेस्क्यू कर निकाला गया था.
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