कानपुर में सात लाख बिजली उपभोक्ताओं को केस्को ने दी राहत, स्मार्ट डिवाइसेस से अब कटौती न के बराबर होगी
केस्को एमडी सैमुअल पॉल ने कहा कि निजी कंपनी को इन डिवाइसेस का काम दिया गया है. 20 जनवरी से यह काम शुरू होगा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 3, 2026 at 6:17 PM IST
कानपुर/समीर दीक्षित: नए साल 2026 में अपने सात लाख से अधिक उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी लिमिटेड (केस्को) की ओर से सबस्टेशंस पर ऐसी स्मार्ट डिवाइसेस लगने जा रही हैं. इनकी वजह से शहर में कटौती न के बराबर हो जाएंगी. इसी तरह अभी जो लोकल स्तर पर फाल्ट्स की बहुत अधिक संख्या रहती है और अचानक ही मोहल्लों में लाइट कट जाती है.
निजी कंपनी को सौंपा गया काम: स्मार्ट डिवाइसेस लगने से ये झंझट भी खत्म होंगे. 237 करोड़ रुपये से केस्को शहर के सभी 96 सबस्टेशंस में ये डिवाइसेस इंस्टाल करेगी और फिर उन्हें सीधे केस्को द्वारा संचालित सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजीशन सिस्टम (स्काडा) से जोड़ दिया जाएगा. केस्को एमडी सैमुअल पॉल ने बताया, एक निजी कंपनी को इन डिवाइसेस का काम दिया गया है.
उन्होंने कहा कि 20 जनवरी से यह काम शुरू होगा. कंपनी इस साल के अंत तक सभी 96 सबस्टेशंस में डिवाइसेस लगाकर उन्हें स्काडा सिस्टम से जोडे़ंगे और फिर बिजली सप्लाई से लेकर कटौती और फॉल्ट्स की सारी जानकारी आनलाइन सामने आ जाएगी.
फीडर में लगेंगी डिवाइसेस, जानिए कैसे काम करेंगी: केस्को एमडी सैमुअल पॉल ने बताया, अभी तक सबस्टेशंस पर जो फीडर सिस्टम होता है, अगर वहां कोई दिक्कत है तो उदाहरण के तौर पर जितने पॉवर ट्रांसफॉर्मर उससे कनेक्ट होते हैं. सभी को बंद करना पड़ता है. इससे बड़ी संख्या में उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है. वहीं, गर्मी में उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ जाती हैं.
छोटे फाल्ट्स मिनटों में ठीक होंगे: अब सेक्शनलाइजर और आटो रिक्लोजर जैसी डिवाइसेस से केवल उतने ही ट्रांसफॉर्मर बंद करेंगे, जितने में दिक्कत होगी. वहीं, ऑटो रिक्लोजर डिवाइस से तो छोटे फाल्ट्स मिनटों में ठीक हो जाएंगे. गैंग को घंटों फाल्ट्स ढूंढने नहीं पड़ेंगे. इसी तरह रिमोट ट्रांसमिशन यूनिट और रिंग मेन यूनिट डिवाइसेस से कई फायदे होंगे. मौजूदा समय में शहर के 14 सबस्टेशंस स्काडा सिस्टम से जुड़े हैं.
पॉवर कट होते ही स्काडा सिस्टम पर आ जाएगा सारा अपडेट: केस्को एमडी सैमुअल पॉल ने कहा, स्काडा सिस्टम स्मार्ट सिस्टम है जिसकी मदद से हम संबंधित एरिया में अधिक से अधिक बिजली सप्लाई कर रहे हैं. इस सिस्टम की खासियत है कि इससे जुड़े सबस्टेशन में पॉवर कट होते ही सभी जिम्मेदारों के स्मार्टफोन व अन्य डिवाइसेस पर मैसेज आ जाता है. इसके बाद कहां पर किस तरह का फॉल्ट है ये जानकारी भी सिस्टम पर सामने दिखायी देती है. इसे फौरन ही ठीक करके दोबारा सप्लाई शुरू कर दी जाती है.
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