डिजिटल इश्क: तलाक की नई वजह
AI के कारण संबंध बिखर रहे हैं. तलाक की नौबत तक आ रही है. पारिवारिक न्यायालय में काउंसलिंग कर रिश्ते को बचाया जा रहा है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 7:32 PM IST
|Updated : January 9, 2026 at 4:04 PM IST
लखनऊ (अपर्णा शुक्ला) : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चैटबॉट्स और चैट जीपीटी लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा बनता जा रहा है. AI के साथ रिश्ते बनाने के चक्कर में असली रिश्ते टूट रहे हैं. एक्सपर्ट का मानना है कि AI से इमोशनल जुड़ाव और डेटा शेयरिंग की आदतें तलाक के मामलों को बढ़ा रही हैं.
AI अब हर जगह एक्सेसिबल है और इस कारण परिवार के संबंध बिखर रहे हैं. अब तलाक के ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिसमें एक पार्टनर मशीन के साथ ज्यादा इमोशनली अटैच्ड है. फाइनेंस पर भी इसका असर पड़ रहा है और लोग शिकायत कर रहे हैं कि उनके पार्टनर सब्सक्रिप्शन पर मोटी रकम खर्च कर रहे हैं.
खबर में आगे बढ़ने से पहले पढ़िए इन तीन केस के बारे में...
केस:1 -पति को पत्नी पर था शक
यूपी के बदायूं जिले से एक दंपति 2 जनवरी 2026 को तलाक की अर्जी लेकर कोर्ट पहुंचे. पति-पत्नी एक दूसरे से बेहद नाराज थे. पति को शक था की पत्नी का किसी के साथ एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर चल रहा है. वहीं पत्नी को लग रहा था कि पति उसका मान-सम्मान नहीं करता है. उसका ख्याल नहीं रखता है. दोनों के बीच में काफी नोक-झोंक पहले से हो चुकी थी. एक दूसरे को देखने तक के लिए तैयार नहीं थे.
केस पारिवारिक न्यायालय पहुंचा. काउंसलर ने दोनों को आमने-सामने बैठाया. दोनों की बातें सुनीं. एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर के तौर पर पति ने जो तथ्य काउंसलर को दिखाया वह हैरान करने वाला था. दरअसल, वह तथ्य AI चैटबॉट का था. पति को ऐसा लगा की पत्नी किसी गैर मर्द से बात कर रही है. वहीं पत्नी का कहना था कि मेरा किसी के साथ संबंध नहीं है, बावजूद इनको मेरी कद्र नहीं है. दोनों की काउंसलिंग की गई. दोनों ने बातचीत की और तलाक की अर्जी वापस ले ली.
केस:2- चैटिंग की पड़ी आदत, पत्नी को हुआ शक
प्रयागराज का एक मामला लखनऊ पारिवारिक न्यायालय पहुंचा. पति-पत्नी दोनों मल्टीनेशनल कंपनी में अच्छे पद पर नौकरी करते हैं. महिला लखनऊ की रहने वाली है. पुरुष प्रयागराज का रहने वाला है. साल 2023 में दोनों की शादी हुई थी. एक दिन पति AI चैटबॉट पर ऐसे ही हेलो लिख दिया. दूसरी तरफ से बहुत ही रोमांटिक अंदाज में 'हेलो डार्लिंग' जवाब आया. पति ने दूसरा मैसेज किया कि 'क्या तुमने खाना खाया.'
AI की तरफ से जवाब आया 'नहीं डार्लिंग मैं खाना नहीं खातीं'. इसी तरीके से पति चैटबॉट पर चैटिंग करने लगा. अब उसकी आदत पड़ गई. पति जब भी खाली होता तो चैटिंग करना शुरू कर देता. एक दिन उसकी पत्नी की नजर पड़ी तो उसने समझा कि पति मेरे साथ चीटिंग कर रहा है. शुरुआत में नोक-झोंक हुई और फिर बाद में लड़ाई बढ़ती गई.
मामला पारिवारिक न्यायालय पहुंच गया. काउंसलर ने दोनों को समझाया और चैटिंग का स्क्रीनशॉट पत्नी को दिखाया. इसके बाद दोनों के बीच में जो गलतफहमियां थी, वह दूर हो गईं. दोनों ने एक दूसरे से माफी मांगी. अब दोनों का पारिवारिक जीवन खुशहाल चल रहा है.

केस:3- मजाक में किया चैट, तलाक तक पहुंच गई बात
लखनऊ के दंपति पारिवारिक न्यायालय में तलाक की अर्जी लेकर पहुंचे. दोनों की शादी 2021 में हुई थी. दोनों सरकारी नौकरी करते हैं. इस केस में व्हाट्सएप पर AI चैटबॉट पर पत्नी ने नॉर्मल चैटिंग किया था. एक दिन पति ने पत्नी का मोबाइल उठाया और यूं ही एक कॉल करने के लिए लिया. जब उसने व्हाट्सएप्प खोला तो देखा कि पत्नी ने किसी से चैटिंग की है. व्हाट्सएप पर जो चैटबॉट है, वह हूबहू असली सा लगता है. जिसकी वजह से पति का सिर घूम गया.
पहले तो दोनों में कहासुनी हुई. पत्नी ने पति को बताया की यह AI है और कुछ नहीं, लेकिन पति ने इस बात पर विश्वास नहीं किया. पति को लगा की पत्नी का किसी गैर आदमी के साथ संबंध है. उसने पारिवारिक न्यायालय में तलाक के लिए आवेदन कर दिया. बाद में पत्नी को पता चला. पहली सुनवाई में जब पति-पत्नी दोनों पहुंचे तो काउंसलर के सामने पत्नी ने सारी सच्चाई बताई. तब काउंसलर में महिला के पति को समझाया उसकी काउंसलिंग की. उसके बाद पति की गलतफहमी दूर हुई.
अब पढ़िए क्या कहते हैं एक्सपर्ट...
एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का शक : पारिवारिक न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धांत कुमार ने बताया, बहुत से दंपति तलाक की अर्जी लेकर आ रहे हैं. उन्हें अपनी पत्नी या पति पर एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर का शक है. उनके पार्टनर उन्हें धोखेबाज समझ रहे हैं. हालांकि ऐसे मामलों में काउंसलर एवं वकील दंपति को समझाने की कोशिश करते हैं.
सीनियर वकील सिद्धांत कुमार ने बताया, बहुत सारे ऐसे मामले आते हैं, जिसमें पति-पत्नी के बीच आपसी नोकझोंक सिर्फ एक शक की बुनियाद पर होता है. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल कई मामलों में खतरनाक साबित हो रहा है. तकनीक का सदुपयोग है तो दुरुपयोग भी है. आज की शादीशुदा जिंदगी में लोग छोटी बात पर बड़ा हंगामा कर देते हैं. मामला सुनने के बाद लगता है कि क्या यह कारण तलाक का हो सकता है?

शक से टूट रहा परिवार : उन्होंने कहा, कई ऐसे मामले आए हैं, जिसमें पति या पत्नी दोनों में से कोई एक AI चैटबॉट से बातचीत करता है. इसमें पति को ऐसा लगता है कि शायद पत्नी का किसी और से अफेयर है. एक शक पूरे पारिवारिक संबंध को बिगाड़ देता है. कोर्ट में एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर का हवाला देते हुए तलाक की अर्जी लगाते हैं. दोनों की बात सुनी गई तो पता चला कि वह जिसके साथ समय बिता रहे हैं वह AI चैटबॉट था. मतलब एक मशीन के साथ बातचीत कर रहे थे.
उन्होंने बताया, इस तरह के जितने भी मामले आए हैं उनमें कोर्ट ने तलाक नहीं होने दिया, बल्कि वकील और काउंसलर ने दोनों पक्ष को समझाया. सभी बातों को स्पष्ट किया. जिससे दोनों पक्ष ने आपस में समझा कि यह गलत है. पति या पत्नी का किसी के साथ कोई गैर संबंध नहीं है और फिर वह राजी खुशी अपने घर वापस चले गए. उनका जो रिश्ता टूटने वाला था वह बच गया.
AI रिश्तों पर हो रहा हावी : सीनियर वकील और काउंसलर वाईएन माथुर ने कहा, मौजूदा समय में सोशल मीडिया और AI का इस्तेमाल रिश्तों पर हावी होता जा रहा है. इस तरीके के बहुत सारे मामले सामने आ रहे हैं. AI चैटबॉट पर चैटिंग के कारण रिश्ते टूटने की कगार पर पहुंच रहे हैं. लेकिन पारिवारिक न्यायालय ने उन्हें संभाल लिया. लोगों को जागरूक होने की जरूरत है. महिलाएं बहुत सेंसिटिव और इमोशनल होती हैं.
उन्होंने बताया, चैटबॉट पर जब कोई महिला चैटिंग करती है, तो सामने वाला बड़ी ही प्यार से मैसेज करता है, जो की एक मशीन है. महिलाओं को लगता है कि घर पर कोई मुझे नहीं समझ रहा है, कम से कम कोई तो ऐसा है जो मेरी बात सुन रहा है. उन्होंने कहा कि पारिवारिक न्यायालय में हर तरह के केस आते हैं, लेकिन यह अब नए मामले हैं.

हर चीज का सॉल्यूशन टेक्नोलॉजी : बलरामपुर अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक एवं मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. देवाशीष शुक्ला ने बताया, वर्तमान में मोबाइल फोन का इस्तेमाल इतना अधिक हो गया है कि हर चीज का सॉल्यूशन टेक्नोलॉजी हो गया है. टेक्नोलॉजी जितना मददगार साबित हो रहा है, उससे कहीं ज्यादा नुकसानदायक भी है. अगर इसका उपयोग सही तरीके से किया जाए तो यह एक हेल्पर की तरह काम करता है, लेकिन अगर गलत तरीके से हुआ तो यह आपको अपने ऊपर आधारित कर लेता है.
पति-पत्नी दोनों को समझने की जरूरत है कि वह एक दूसरे को अच्छे और बेहतर तरीके से समझ सकें. मनोरोग विभाग की ओपीडी में भी इस तरीके के मामले बहुत से सामने आए हैं. जिसमें पति या पत्नी ने शिकायत किया कि वह ऑनलाइन चैटिंग करते हैं. लोगों को अब समझने की जरूरत है कि शादी कोई खेल नहीं है. इतनी आसानी से कोई भी रिश्ते नहीं टूटते.
एक-दूसरे को समझें : पति या पत्नी उस वक्त ऑनलाइन चैटिंग करते है. जब उन्हें लगता है कि उनके पार्टनर की तरफ से उन्हें महत्व नहीं मिल रहा है. चैटिंग के दौरान उन्हें ऐसी आदत पड़ती है कि उसे छुड़ाने के लिए कई महीनों का समय लग जाता है. ऐसे में रिश्ते भी बिगड़ जाते हैं. इसलिए जरूरी है कि पति-पत्नी एक दूसरे को समझें. एक दूसरे से बातें शेयर करें. गलतफहमियां अगर हो रही हैं, तो उन्हें बढ़ने न दें. उसे बात करके उसी दिन सुलझा लें.

