हाथी का दांत साबित हो रहा बोकारो में रेड क्रॉस सोसाइटी का ब्लड बैंक, मरीजों को नहीं मिल रहा खून, जानें वजह
बोकारो में रेड क्रॉस सोसाइटी का ब्लड बैंक हाथी का दांत साबित हो रहा है. लोगों को ब्लड बैंक से ब्लड नहीं मिल रहा है.

Published : December 27, 2025 at 6:10 PM IST
बोकारो: जिला में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा संचालित ब्लड बैंक की बदहाल व्यवस्था के कारण लोगों को परेशानी हो रही है. ब्लड बैंक में पर्याप्त मात्रा में रक्त मौजूद होने के बावजूद बिजली आपूर्ति ठप रहने और वैकल्पिक व्यवस्था के अभाव में मरीजों को ब्लड नहीं मिल पा रहा है. नतीजतन, कई गंभीर मरीजों के परिजनों को घंटों तक ब्लड बैंक परिसर में इंतजार करने को मजबूर रहें.
अपने मरीजों के लिए ब्लड लेने आए परिजनों के अनुसार, सुबह से ही ब्लड बैंक में बिजली नहीं है. बिजली के बिना ब्लड स्टोरेज और वितरण की प्रक्रिया ठप पड़ गई. सबसे चिंताजनक बात यह है कि आपात स्थिति के लिए लगाया गया जनरेटर पिछले तीन से चार महीनों से खराब पड़ा हुआ है. कर्मचारियों का कहना है कि इस संबंध में अधिकारियों को कई बार सूचित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है.
मरीजों के परिजनों से साझा की परेशानी
डायलिसिस मरीज के लिए ब्लड लेने पहुंचे चक्रवीर कुमार ने बताया कि उनके पिता एक निजी अस्पताल में डायलिसिस पर हैं. ब्लड बैंक में उनके डोनर द्वारा पहले ही ब्लड डोनेट किया जा चुका है, इसके बावजूद जब वे ब्लड लेने पहुंचे तो बिजली नहीं होने का हवाला देकर ब्लड देने से मना कर दिया गया. उन्होंने कहा कि इस तरह की व्यवस्था सीधे तौर पर मरीज की जान के साथ खिलवाड़ है.
ब्लड बैंक में मौजूद कर्मचारियों ने भी माना कि बिजली संकट के कारण कार्य पूरी तरह बाधित हुआ है. कर्मचारियों के अनुसार, जनरेटर लंबे समय से खराब है और उसकी मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर कोई पहल नहीं की गई.

चिकित्सा पदाधिकारी का बयान
वहीं, इस संबंध में ब्लड बैंक में पदस्थापित चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. मैथिली ठाकुर ने कहा कि जिन लोगों को यहां ब्लड नहीं मिल पा रहा है उन्हें सदर अस्पताल भेजा जा रहा है. वहां ब्लड उपलब्ध है.
हालांकि, लोगों का कहना है कि जिला मुख्यालय के एक प्रमुख ब्लड बैंक में महीनों से जनरेटर खराब रहना और बिजली बैकअप की कोई व्यवस्था न होना यह प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल है. लोगों ने इस कुव्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई है. वहीं अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब तक संज्ञान लेकर व्यवस्था को दुरुस्त करता है, ताकि भविष्य में किसी मरीज की जान खतरे में न पड़े.
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