देवघर नगर निगम चुनाव: सियासी सरगर्मी चरम पर, बागी नेताओं ने बढ़ाई मुश्किलें
देवघर में नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीति तेज है. हालांकि कई बागी नेताओं ने बीजेपी और कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं.

Published : February 19, 2026 at 8:47 PM IST
देवघर: नगर निगम चुनाव को लेकर देवघर के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी तेज हो गई है. स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राजनीतिक समर्थन और पार्टी लाइन के आधार पर मतदाता अपना फैसला लेने की तैयारी में जुटे हैं. सभी प्रमुख पार्टियों के बड़े नेता अपने समर्थित प्रत्याशियों के प्रचार में सक्रिय हो गए हैं.
भाजपा ने रीता चौरसिया को बनाया मजबूत दावेदार
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पूर्व पार्षद रीता चौरसिया को अपना समर्थित मेयर प्रत्याशी बनाया है. सांसद निशिकांत दुबे सहित पार्टी के तमाम बड़े नेता उनके प्रचार-प्रसार में जुटे हुए हैं. सांसद दुबे ने बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए कहा कि जो नेता आज पार्टी से बागी हुए हैं, उन्हें एक दिन भाजपा में ही लौटना है. ऐसे में उन्हें रिश्तों में गांठ नहीं डालनी चाहिए.
उन्होंने झारखंड सरकार पर आरोप लगाया कि डर के कारण उसने दलगत आधार पर निकाय चुनाव नहीं कराए. इस वजह से भाजपा को हर वार्ड और मोहल्ले में यह समझाना पड़ रहा है कि भाजपा समर्थित उम्मीदवार को ही असली 'कमल छाप' समझकर वोट दिया जाए. दुबे ने दावा किया कि राज्य के 48 निकाय चुनावों में भाजपा समर्थित प्रत्याशी विजयी हो रहे हैं.
बागी नेता बाबा बलियासे ने की भाजपा से बगावत
भाजपा के पूर्व मजबूत सिपाही नागेंद्र नाथ बलिया उर्फ बाबा बलियासे अब पार्टी के खिलाफ मैदान में उतर आए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उन्हें डराने की कोशिश कर रही है और उनके बंद मुकदमों को फिर से खोला जा रहा है. बाबा बलियासे ने कहा कि देवघर की जनता के हित में वे किसी से भी टकराव करने को तैयार हैं. यदि भाजपा उनकी कुर्बानियों को भूल गई है, तो जनता भाजपा के प्रत्याशी को हराकर पार्टी को सबक सिखाएगी.
कांग्रेस ने रवि केसरी को दिया समर्थन, भाजपा पर साधा निशाना
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मुन्नम संजय ने बताया कि उनकी पार्टी रवि केसरी को समर्थन दे रही है और उनके लिए वोट मांग रही है. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा नियम-कानून को ताक पर रखकर सिर्फ जीत दर्ज करने में जुटी है, जबकि कांग्रेस मापदंडों का ख्याल रखते हुए प्रचार कर रही है.
मुन्नम संजय ने कहा कि भाजपा के सभी बड़े नेता देवघर में चुनाव प्रचार के लिए उतर आए हैं, लेकिन कांग्रेस सिर्फ आशिक समर्थन देकर लोगों से अपील कर रही है, जो लोकतंत्र के नियमों को बचाकर रखती है.
महागठबंधन का रुख गठबंधन अटूट रहेगा
जेएमएम समर्थित प्रत्याशी रवि रावत को गठबंधन के अन्य दल (कांग्रेस और आरजेडी) का समर्थन मिल रहा है. मुन्नम संजय ने स्पष्ट किया कि यह लोकतंत्र है और हर किसी को चुनाव लड़ने का अधिकार है. महागठबंधन के दल अपने प्रत्याशियों को समर्थन दे रहे हैं, लेकिन जीतने वाला मेयर या पार्षद महागठबंधन का ही माना जाएगा. निकाय चुनाव का गठबंधन पर कोई असर नहीं पड़ेगा और राज्य सरकार में गठबंधन की भूमिका पहले की तरह बनी रहेगी.
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