ETV Bharat / state

फरीदाबाद में रैन बसेरों का रियलिटी चेक: टूटे दरवाजे, कूड़े के ढेर और नशेड़ियों का अड्डा, देखें ये चौंकाने वाली रिपोर्ट

Night Shelters in Faridabad: ईटीवी भारत की टीम ने फरीदाबाद में रैन बसेरों का रियलिटी चेक किया. जानें कैसे हैं इंतजाम.

Night Shelters in Faridabad
Night Shelters in Faridabad (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Haryana Team

Published : January 7, 2026 at 2:58 PM IST

5 Min Read
Choose ETV Bharat

फरीदाबाद: उत्तर भारत समेत हरियाणा में ठंड का सितम जारी है. सर्द हवाओं और कोहरे के चलते जनजीवन प्रभावित हो रहा है. ऐसे में उन लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. जिनका कोई सहारा नहीं है. बेघर और बेसहारा लोगों को ठंड से बचाया जा सके, इसलिए प्रशासन ने हर जिले में रैन बसेरों की व्यवस्था की है, ताकि उन्हें कड़कड़ाती ठंड से बचाया जा सके. ऐसे में ईटीवी भारत की टीम ने फरीदाबाद में रैन बसेरों का रियलिटी चेक किया. हमारी रिपोर्ट में एक रैन बरेसा की स्थिति बदहाल मिली, तो दूसरा अच्छी स्थिति में मिला.

फरीदाबाद में रैन बसेरों का रियलिटी चेक: ईटीवी भारत की टीम सबसे पहले फरीदाबाद की जनता कॉलोनी स्थित रैन बसेरा का जायजा लिया. इस रैन बसेरे का मुख्य गेट खुला हुआ था. गेट की हालत इतनी जर्जर हो चुकी है कि वो टूटा हुआ है. जब हमारी टीम रैन बसेरे के अंदर गई, तो मैदान पर अंधेरा था. ना यहां लाइट की कोई व्यवस्था था, ना कोई केयरटेकर मौजूद था. जगह-जगह गंदगी के ढेर लगे थे. आवारा पशु मैदान में बैठे हुए थे.

रैन बसेरों का रियलिटी चेक (Etv Bharat)

जनता कॉलोनी स्थित रैन बसेरे की हालत जर्जर: जब ईटीवी भारत की टीम बिल्डिंग की तरफ गई तो वो भी रखरखाव के अभाव में जर्जर मिली. रैन बसेरे के कमरों में ताला लगा था. हालांकि कमरों के आगे की लाइट जल रही थी. इस रैन बसेरे को देख कर ऐसा लग रहा था, कि मानो ये शराबियों का अड्डा बना हुआ हो, क्योंकि मौके पर यूज डिस्पोजल ग्लास, शराब की बोतलें, सिगरेट, बीड़ी के खोखे मौजूद मिली.

स्थानीय लोग परेशान: रिपोर्टिंग के दौरान रैन बसेरे को पास में रह रहे कुछ युवक आए. उनमें से एक अमित ने बताया "मेरा घर रैन बसेरे के पास ही है. ये कभी खुला रहता है, तो कभी बंद. ये नशेड़ियों का और आवारा पशुओं का अड्डा बना हुआ है. इसका मुख्य गेट भी टूटा हुआ है और साफ-सफाई भी नहीं है. हर जगह कूड़े के ढेर लगे हैं. सरकार को प्रशासन को चाहिए, कि ऐसे रैन बसेरों को बंद कर देना चाहिए, क्योंकि इससे हमें काफी परेशानी होती है. शाम होती ही ये नशेड़ियों का अड्डा बन जाता है. कई बार हमने उनको भगाने की भी कोशिश की, लेकिन वो लड़ाई-झगड़े पर उतर जाते हैं."

Night Shelters in Faridabad
जनता कॉलोनी स्थित रैन बसेरे पर लटका ताला (Etv Bharat)

तिकोना पार्क में बने रैन बरेसे की हालत अच्छी: इसके बाद ईटीवी भारत की टीम दूसरे रैन बसेरे का जायजा लेने तिकोना पार्क पहुंची. यहां स्थित रैन बसेरे की हालत अच्छी थी. रैन बसेरे के केयरटेकर बलजीत सिंह ने ईटीवी भारत से बातचीत के दौरान बताया कि "ये रैन बसेरा तिकोना पार्क में स्थित है. यहां पर रोज काफी संख्या में लोग आकर रुकते हैं. इस रैन बसेरा में महिला और पुरुष के लिए अलग से वार्ड बनाए गए हैं. इसके अलावा थर्ड जेंडर के रुकने के लिए भी यहां पर व्यवस्था है. यहां साफ सफाई का विशेष ध्यान रखा गया है. जितने भी लोग यहां आते हैं. उनके लिए रजिस्टर लगाया हुआ. जिसमें उनका नाम, आधार नंबर और फोन नंबर दर्ज होता है. सभी के लिए अलग-अलग बेड की व्यवस्था की गई है. वॉशरूम भी साफ सुथरे मिले. नाहने के लिए गर्म पानी की व्यवस्था मिली."

Night Shelters in Faridabad
रैन बसेरे की टूटी हुई खिड़की (Etv Bharat)

सफाई से लेकर साफ पानी की व्यवस्था: रैन बसेरा में रह रहे धर्मराज ने बताया कि "मैं नेपाल का रहने वाला हूं और यहां आकर मजदूरी करता हूं. मेरे पास इतने पैसे नहीं है कि मैं कहीं जाकर रुकूं, इसलिए मैं यहीं पर आकर इस रैन बसेरा में रुकता हूं. यहां पर हर चीज की व्यवस्था है, नहाने के लिए गर्म पानी भी है, बेड भी अच्छा है. पीने के लिए साफ पानी भी है."

मजदूरों के लिए घर जैसा रैन बसेरा: बिहार से आए राजकुमार राय ने बताया कि "मैं बिहार का रहने वाला हूं और यहां पर जाकर मजदूरी करता हूं. मजदूरी से ज्यादा पैसे नहीं कम पाता हूं, इसलिए मेरे पास रहने की जगह नहीं है. किसी ने मुझे रैन बसेरा के बारे में बताया था. जिसके बाद में रैन बसेरा में आकर रह रहा हूं और यहां पर सब सुविधाएं हैं. जैसे एक घर में होती हैं. यही सुविधा किसी होटल में मिलेगी, तो वो हजार रुपए ले लेगा, लेकिन मैं 600 की दिहाड़ी करने वाला आदमी. कहां से इतना खर्चा उठा पाऊंगा? इसलिए मैं यही रहता हूं."

Night Shelters in Faridabad
नशेड़ियों का अड्डा बना जनता कॉलोनी स्थित रैन बसेरा (Etv Bharat)

ईटीवी भारत के रियलिटी चेक में एक रैन बसेरा जर्जर हालत में मिला, जबकि दूसरे की स्थिति काफी अच्छी मिली. बता दें कि बेसहारा लोगों के लिए सरकार और प्रशासन रैन बसेरों की व्यवस्था करती है. जिस व्यक्ति के पास छत नहीं है या वो असहाय है. ऐसे व्यक्ति यहां नि शुल्क में रह सकता है. इनको प्रशासन द्वारा तमाम सुविधाएं दी जाती हैं.

ये भी पढ़ें- हरियाणा बजट जनभागीदारी पोर्टल का CM ने किया शुभारंभ, बोले - "विकसित भारत 2047 का ग्रोथ इंजन बनेगा हरियाणा"

ये भी पढ़ें- स्किल डेवलपमेंट के लिए हरियाणा सरकार की नई पहल, आम नागरिकों के लिए किया विशेष ऑनलाइन पोर्टल किया लॉन्च