नीतीश कुमार से मिले आरसीपी सिंह, प्रणाम का जवाब इशारों में.. मुलाकात में निशांत की भूमिका?
नीतीश कुमार से आरसीपी सिंह की 'आत्मीय मुलाकात' के बाद जेडीयू में उनकी घर वापसी और बड़े राजनीतिक उलटफेर के कयास तेज हैं. पढ़ें

Published : June 27, 2026 at 11:56 AM IST
पटना: आरसीपी सिंह ने लंबे समय के इंतजार के बाद आखिरकार बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात की. लेकिन इस मुलाकात में एक चौंकाने वाली तस्वीर सामने आई. इस मुलाकात की जानकारी खुद आरसीपी सिंह ने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक तस्वीर पोस्ट करके साझा की है.
नीतीश कुमार से मिले आरसीपी सिंह: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आरसीपी सिंह की इस मुलाकात के बारे में खुद आरसीपी सिंह ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा, ''बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ,जनता दल (यूनाइटेड)के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्य सभा सांसद, हमारे नेता आदरणीय नीतीश बाबू से भेंट हुई. उनसे बातचीत हुई. मुलाकात बहुत आत्मीय रही.''
आज बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री ,जनता दल (यूनाइटेड)के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्य सभा सांसद, हमारे नेता आदरणीय नीतीश बाबू से भेंट हुई। उनसे बात चीत हुई। मुलाक़ात बहुत आत्मीय रही। pic.twitter.com/LBCwAJ0Jhy
— RCP Singh (@RCP_Singh) June 27, 2026
नीतीश कुमार ने RCP को देखा तक नहीं: जेडीयू सूत्रों की माने तो नीतीश कुमार के मिलने पहुंचे आरसीपी सिंह उनके आवास पर पहुंचे थे. इस दौरान काफी देर तक अपने समर्थकों के साथ आवास के बाहर बैठे रहे. इस बीच जब नीतीश कुमार बाहर निकले तो उनकी नजर आरसीपी सिंह पर पड़ी. उन्होंने खड़े होकर तुरंत हाथ जोड़कर प्रणाम किया.
इशारों में प्रणाम का जवाब, फिर अंदर चले गए: तस्वीरों में दिख रहा है कि आरसीपी नीतीश कुमार के पास खड़े थे. नीतीश कुमार वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और नेताओं से मिले, उनसे बातचीत की, लेकिन उन्होंने आरसीपी सिंह की तरफ देखा और प्रणाम का जवाब दिया और फिर वहां मौजूद कार्यकर्ता से बातचीत करने लगे. इसके बाद आरसीपी सिंह से बातचीत किए बिना अंदर चले गए.
इस 'मुलाकात' में निशांत की भूमिका? : हालांकि आरसीपी सिंह का दावा है कि उनकी और नीतीश कुमार की मुलाकात हुई, उनसे बात भी हुंई. दरअसल, चुनाव के बाद आरसीपी सिंह ने नीतीश कुमार से मिलने के लिए कई बार संदेश भिजवाया था. एक लंबे इंतजार के बाद अब जाकर आरसीपी सिंह की यह मुराद पूरी हुई है. कयास लगाए जा रहे हैं कि इस आत्मीय मुलाकात को संभव कराने में नीतीश कुमार के बेटे निशांत की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है.
JDU में 'घर वापसी' के कयास तेज: इस आत्मीय मुलाकात के बाद बिहार के सियासी गलियारों में आरसीपी सिंह की जेडीयू में 'घर वापसी' की अटकलें तेज हो गई हैं. मुलाकात के दौरान जेडीयू पार्टी के कई अन्य वरिष्ठ नेता भी वहां मौजूद थे. हालांकि बंद कमरे में दोनों नेताओं के बीच क्या बातचीत हुई और नीतीश बाबू से क्या आश्वासन मिला, यह तो आने वाले समय में ही साफ हो पाएगा.
कभी नीतीश के बेहद खास थे आरसीपी: आरसीपी सिंह एक समय मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद सहयोगियों में गिने जाते थे. नीतीश कुमार ने ही उन्हें अपना प्रधान सचिव बनाया था. इसके बाद आईएएस (IAS) की नौकरी से वॉलेंटरी रिटायरमेंट (VRS) लेने के बाद आरसीपी सिंह सक्रिय राजनीति में आए और जेडीयू संगठन में कदम रखा.
जेडीयू में आरसीपी का सफर: नीतीश कुमार ने आरसीपी सिंह को संगठन में लगातार महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी. उन्हें पहले पार्टी का राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया और बाद में वे राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद तक पहुंचे. नीतीश कुमार ने उन्हें दो बार राज्यसभा सांसद भी बनाया, लेकिन केंद्र में मंत्री बनने के बाद दोनों के रिश्तों में दूरियां बढ़ने लगीं.

विवाद के बाद जेडीयू छोड़ा: रिश्तों में आई तल्खी इस कदर बढ़ी कि आरसीपी सिंह को जेडीयू का साथ छोड़ना पड़ा. इसके बाद वे BJP में शामिल हुए, लेकिन वहां उन्हें कोई खास राजनीतिक तवज्जो नहीं मिली. इसके बाद जब नीतीश कुमार दोबारा एनडीए में वापस आए, तो बीजेपी के अंदर आरसीपी सिंह की स्थिति और अधिक कमजोर हो गई.
जन सुराज का दामन थामा: बीजेपी में उपेक्षा झेलने के बाद आरसीपी सिंह ने प्रशांत किशोर की पार्टी 'जन सुराज' का दामन थाम लिया. हालिया बिहार विधानसभा चुनाव में उन्होंने अपनी बेटी को भी चुनावी मैदान में उतारा था, लेकिन कोई सफलता नहीं मिल सकी. विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद से ही वे लगातार नीतीश कुमार से संपर्क साधने की कोशिश में हैं.
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