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रतलाम में नहीं बनी स्कूल की सड़क, कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे, जनसुनवाई बंद कराने की लिए थे तख्ती

रतलाम में जनसुनवाई बंदी का आवेदन लेकर पहुंचे स्कूली बच्चे, 3 साल से स्कूल की सड़क के लिए जनसुनवाई के काट रहे थे चक्कर.

Ratlam students protest in Jansunvai
रतलाम में नहीं बनी स्कूल की सड़क, कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : July 7, 2026 at 10:11 PM IST

3 Min Read
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रतलाम: रतलाम कलेक्ट्रेट में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एक बार फिर अजब नजारा देखने को मिला. 3 साल से स्कूल की सड़क नहीं बनने से नाराज छात्र जनसुनवाई बंद करवाने की मांग लेकर रतलाम स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंच गए. शिवपुर गांव के ग्रामीण और छात्र लगातार 3 सालों से जनसुनवाई में स्कूल की कीचड़ भरी सड़क के निर्माण की मांग को लेकर चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन आज तक कोई नतीजा नहीं मिलने से नाराज ग्रामीण और छात्र हाथों में जनसुनवाई बंद करने के पोस्टर लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में धरने पर बैठ गए.

कलेक्टर मिशा सिंह से चर्चा और ग्रामीण एसडीएम द्वारा मौके पर आकर समस्या का समाधान निकलवाने के आश्वासन के बाद धरने पर बैठे स्कूली छात्र और ग्रामीण धरने से हटने को तैयार हुए.

रतलाम में जनसुनवाई बंदी का आवेदन लेकर पहुंचे स्कूली बच्चे (ETV Bharat)

स्कूल की सड़क नहीं बनने से धरने पर बैठे छात्र

दरअसल, यह पूरा मामला शिवपुर गांव का है. जहां ग्रामीणों ने जनसुनवाई में लगातार हो रही उपेक्षा से नाराज होकर प्रशासन और जनसुनवाई के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया. करीब 50 से अधिक स्कूली छात्र और उनके पालक के साथ शिवपुर गांव के ग्रामीण भी इस प्रदर्शन में पहुंचे थे. स्कूली छात्रों की मांग थी कि गांव से शासकीय स्कूल तक का रास्ता बेहद खराब है और सड़क निर्माण के लिए पिछले तीन सालों से वह जनसुनवाई और कलेक्ट्रेट के चक्कर लगा रहे हैं.

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स्थानीय ग्रामीण मानवेंद्र सिंह ने बताया कि "हर साल बारिश में स्कूल जाने के कच्चे रास्ते पर कीचड़ हो जाता है जिससे स्कूली छात्रों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. पिछले 3 सालों से एक ही समस्या के लिए हम सभी यहां आते हैं और आश्वासन मिलने के बाद चले जाते हैं.

'जनसुनवाई में नहीं होता है कोई काम, सिर्फ फिजूल खर्ची'

एक अन्य ग्रामीण देवेंद्र सिंह ने बताया कि "पिछले साल की मीडिया रिपोर्ट और वीडियो भी हम सबूत के साथ यहां लाए हैं जिसमें अधिकारियों द्वारा सड़क बनाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हो रही है. जनसुनवाई बंद करने की तख्ती लेकर पहुंचे छात्रों ने बताया कि "जनसुनवाई बंद करने का आवेदन इसलिए लेकर आए हैं क्यों कि यहां कोई काम तो होता नहीं है फिर क्यों यहां बैठकर फिजूल खर्ची करते हैं प्रशासन के अधिकारी."

वहीं, इस मामले पर एसडीएम आर्ची हरित ने बताया कि "ग्रामीण एवं बच्चों से कलेक्टर मैडम ने भी चर्चा की है और गांव में जाकर वस्तु स्थिति की जानकारी ली जाएगी जिसके आधार पर सड़क निर्माण को लेकर निर्णय लिया जाएगा."