साइबर ठगों ने रिटायर्ड दंपति को 28 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट, 1.34 करोड़ ठगे, कंबोडिया से जुड़े तार
रतलाम में रिटायर्ड प्रोफेसर दंपति को साइबर ठगों ने 28 दिन डिजिटल अरेस्ट रख ठगे 1 करोड़ 34 लाख, अंतरराज्यीय गिरोह के 10 आरोपी गिरफ्तार.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : December 30, 2025 at 8:46 PM IST
रतलाम: मध्य प्रदेश के रतलाम में एक रिटायर्ड दंपति को साइबर ठगों ने 28 दिन तक डिजिटल अरेस्ट रख कर उनसे 1 करोड़ 34 लाख रुपए की ठगी की है. इस मामले का पुलिस ने मंगलवार 30 दिसंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर खुलासा किया है. पुलिस ने बताया कि असम से ऑपरेट कर एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह ने पति-पत्नी को उनके कनाडा में रह रहे बेटे की जान का खतरा बताकर इस ठगी को अंजाम दिया है.
रतलाम पुलिस ने इस मामले में अब तक बिहार, जबलपुर, भोपाल, नीमच और जामनगर से 10 आरोपियों की गिरफ्तारी कर चुकी है. साथ ही कुछ बैंक अकाउंट फ्रीज भी करवाए हैं, जिनमें 11 लाख रुपए की राशि शेष बची है. ठगी की बड़ी राशि कश्मीर, भोपाल, असम, अहमदाबाद और सूरत से कंबोडिया तक पहुंचने की जानकारी मिली है.
पति-पत्नी को कैसे किया डिजिटल अरेस्ट
दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले पति पत्नी को 14 नवंबर को अज्ञात नंबर से कॉल आया कि आपके बैंक अकाउंट से करोड़ों रुपए की मनी लांड्रिंग हो रही है. जिस पर उन्होंने रुपये के ट्रांजेक्शन के बारे में कोई जानकारी नहीं होना बताया, लेकिन पूछताछ के दौरान ही फरियादी दंपति से साइबर अपराधियों ने बैंक अकाउंट और उनके कनाडा में रह रहे बेटे के बारे में भी जानकारी जुटा ली.
कनाडा में रह रहे बेटे को लेकर दी धमकी
इसके बाद शातिर साइबर अपराधियों ने फरियादी दंपति को धमकाया कि आपका बेटा कनाडा से वापस नहीं आ सकेगा. बेटे की जान की धमकी मिलने पर दोनों डर हो गए और उन्होंने अपने जीवन की सारी जमा पूंजी और ज्वैलरी बेचकर 1 करोड़ 34 लाख रुपए साइबर अपराधियों के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए. दोनों पीड़ित दंपति 28 दिनों तक इन साइबर अपराधियों के डिजिटल अरेस्ट में रहे, जब उनका बेटा कनाडा से वापस घर लौटा तो इस ठगी के बारे में उसे पता लगा. इसके बाद वह रतलाम साइबर सेल में माता-पिता के साथ शिकायत करने पहुंचा था.
कश्मीर, भोपाल, असम, और कंबोडिया तक नेटवर्क
एसपी अमित कुमार ने बताया, "यह संगठित साइबर अपराधियों का एक ग्रुप है, जो अलग-अलग राज्यों और शहर से ऑपरेट करता है. साइबर अपराध कर ठगी की राशि यह अलग-अलग बैंक अकाउंट में ट्रांसफर करवाते थे. जिसके लिए यह बाकायदा कमीशन भी देते थे. फर्जी सिम कार्ड और बैंक अकाउंट उपलब्ध करवाने के लिए उनके सोशल मीडिया पर ग्रुप बने हुए थे."
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अब तक 10 आरोपी गिरफ्तार
रतलाम एसपी, "जिसके माध्यम से ठगी के रुपये का ट्रांजेक्शन अलग-अलग बैंक अकाउंट में करते हुए हवाला के जरिए क्रिप्टो करेंसी में बदले जाते थे. इस नेटवर्क के माध्यम से कंबोडिया तक रुपए जाने का लिंक पुलिस को मिला है. रतलाम पुलिस ने इस ग्रुप के मास्टरमाइंड में से एक को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है. वही, कुल 10 आरोपियों को अब तक गिरफ्तार किया गया है. शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी रतलाम पुलिस जुटी हुई है."

