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एक ही ट्रैक पर 2 ट्रेन हो सकेंगी रवाना, रतलाम में ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का इंस्टॉलेशन

रतलाम रेल मंडल द्वारा 1 दिन में 41.6 किमी ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली की रिकॉर्ड कमीशनिंग, मिशन रफ्तार के तहत बढ़ेगी ट्रेनों की स्पीड.

RATLAM TRAIN SIGNALING SYSTEM
1 ही ट्रैक पर 2 ट्रोनों को किया जा सकेगा रवाना (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : March 3, 2026 at 8:35 PM IST

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Updated : March 3, 2026 at 9:31 PM IST

3 Min Read
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रिपोर्ट: दिव्यराज सिंह राठौर

रतलाम: दिल्ली मुंबई रेलमार्ग पर मिशन रफ्तार और ट्रेनों के परिचालन को सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए कई आधुनिक परिवर्तन किए जा रहे हैं. जिसमें ट्रैक सुधार से लेकर कवच इंस्टॉलेशन और सिगनलिंग प्रणाली को अपडेट करने जैसे काम चल रहे हैं. रतलाम रेल मंडल ने रिकॉर्ड टाइम में ऑटोमेटिक ब्लॉक सिगनलिंग प्रणाली की कमीशनिंग कर पूरे भारतीय रेलवे में रिकॉर्ड बनाया है.

1 दिन में 41.6 किमी की गई कमीशनिंग

महज एक दिन में ही रतलाम रेल मंडल द्वारा मंगल महुडी–आनास खंड पर 41.6 किमी में ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली की सफलतापूर्वक कमीशनिंग की गई है. रतलाम रेल मंडल के इस ट्रैक पर कुल 221 किलोमीटर के सेक्शन में 192.56 किलोमीटर का ट्रैक ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल प्रणाली से लैस हो चुका है. जिसका सीधा लाभ ट्रेनों के परिचालन दक्षता में वृद्धि और मिशन रफ्तार के अंतर्गत ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने में मिलेगा.

मिशन रफ्तार के तहत बढ़ेगी ट्रेनों की स्पीड (ETV Bharat)

ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम से बढ़ेगी रफ्तार

दिल्ली मुंबई रेल मार्ग पर रतलाम रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले करीब 221 किलोमीटर के रेलवे ट्रैक पर कई आधुनिक प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है. जिसमें एक्सीडेंट रोधी कवच सुरक्षा प्रणाली, ट्रैक के दोनों तरफ सुरक्षा दीवार बनाने और ब्लॉक सिगनलिंग सिस्टम को अपग्रेड कर ऑटोमेटिक सिग्नल सिस्टम इंस्टॉल किए जाने का कार्य हो रहा है. यह सभी कार्य ट्रेनों को सुरक्षित तरीके से अधिक रफ्तार से चलाई जाने के लिए किया जा रहे हैं.

ट्रेनों के समयपालन में होगा सुधार

रतलाम रेल मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि "ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल सिस्टम की कमीशनिंग के साथ रतलाम मंडल के गोधरा–नागदा खंड में ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग की कुल लंबाई 150.96 किलोमीटर से बढ़कर 192.56 किमी हो गई है, जो भारतीय रेलवे के किसी भी मंडल द्वारा एक वित्तीय वर्ष में सबसे अधिक लंबी ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम की कमीशनिंग है. यह रतलाम रेल मंडल के लिए बड़ी उपलब्धि है. इससे लाइन क्षमता में वृद्धि, ट्रेनों के सुरक्षित संचालन तथा समयपालन में सुधार होगा."

Railway track Information on screen
ऑन स्क्रीन रेलवे ट्रैक के बारे में मिलेगी जानकरियां (ETV Bharat)

इस कार्य के अंतर्गत आधुनिक डेटा लॉगर, फायर डिटेक्शन एवं अलार्म सिस्टम, अर्थ लीकेज डिटेक्टर आदि भी लगाए गए हैं. जिससे ऑन स्क्रीन रेलवे ट्रैक के बारे में सभी जानकारियां उपलब्ध हो सकेंगी.

एक ही ट्रैक पर 2 ट्रेनों को किया जा सकेगा रवाना

दिल्ली मुंबई रेल मार्ग पर ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल लिंक प्रणाली इंस्टॉल होने से ट्रेनों के परिचालन की क्षमता बढ़ेगी. रेलवे प्लेटफार्म का अधिकतम उपयोग कर एक ही ब्लॉक सेक्शन में ट्रेनों को एक दूसरे के पीछे रवाना किया जा सकेगा. पूर्व की प्रणाली में किसी ट्रेन के अगले स्टेशन तक पहुंचने से पूर्व उस ट्रैक पर ट्रेन रवाना नहीं की जा सकती थी. लेकिन अब ऑटोमेटिक सिगनलिंग प्रणाली की मदद से ट्रेनों के समय पर परिचालन में मदद मिल सकेगी. वहीं, ट्रेनों की गति बढ़ाने में भी मदद मिलेगी.

Ratlam train signaling system
रतलाम में ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग का इंस्टॉलेशन (ETV Bharat)

रतलाम रेल मंडल के अंतर्गत आने वाले गोधरा से नागदा सेक्शन में ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल प्रणाली इंस्टॉलेशन का 88 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है. वहीं, रेल मंडल के नागदा से भोपाल और उज्जैन से इंदौर रेल मार्ग के बीच भी ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नल प्रणाली सिस्टम लगाए जाने का कार्य किया जाएगा. इन सभी प्रोजेक्ट का लक्ष्य ट्रेनों को सुरक्षित और अधिकतम गति के साथ चलाना है, जिसके लिए रेलवे के अलग-अलग कार्य जारी हैं.

Last Updated : March 3, 2026 at 9:31 PM IST