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रतलाम को भी इंदौर जैसी घटना का इंतजार! पार्षद का दावा महीनों से गंदा पानी पी रहे सैकड़ों परिवार

रतलाम में पार्षद का दावा महीनों से दूषित पानी पी रही 40 फीसदी जनता, एनजीटी की फटकार के बावजूद नगर निगम नहीं दे रहा ध्यान.

RATLAM CONTAMINATED WATER
बोतल में गंदा पानी लेकर शिकायत करते शहरवासी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : December 31, 2025 at 8:45 PM IST

3 Min Read
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रतलाम: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर के भागीरथपुरा में गंदे पानी की वजह से हुई 7 मौतों से मध्य प्रदेश में हड़कंप मचा हुआ है. लेकिन ऐसी ही स्थिति रतलाम नगर निगम क्षेत्र में भी बनी हुई है. यह दावा है पार्षद सलीम मोहम्मद बागवान का. उनका कहना है कि रतलाम के वार्ड क्रमांक 32 सहित आसपास के क्षेत्र में पेयजल के नलों में गंदा बदबूदार और कीड़ों वाला पानी महीनों से आ रहा है, लेकिन किसी भी जिम्मेदार का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है.

गंदे पेयजल से नहीं मिल रही निजात

इस समस्या को लेकर उन्होंने स्थानीय लोगों के साथ जनसुनवाई से लेकर मुख्यमंत्री हेल्पलाइन और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल तक का दरवाजा खटखटा चुके हैं. वे इसके लिए लंबे समय से लड़ाई लड़ रहे हैं. लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है. बागवान का कहना है कि "रतलाम नगर निगम प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इतने ढीठ हो गए हैं कि एनजीटी को गलत जानकारी दे रहे हैं. जिसके बाद एनजीटी कोर्ट ने रतलाम नगर निगम और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फटकार लगाई है."

पार्षद का दावा महीनों से गंदा पानी पी रहे सैकड़ों परिवार (ETV Bharat)

'जनसुनवाई में भी नहीं गंदे पानी की सुनवाई'

यह मामला रतलाम नगर निगम क्षेत्र में सीवरेज सिस्टम और खस्ताहाल पेयजल पाइपलाइन से जुड़ा हुआ है. वार्ड क्रमांक 32 के पार्षद सलीम मोहम्मद बागवान ने पेयजल की लाइन में सीवरेज का गंदा पानी आने की शिकायत नगर निगम में की थी. लेकिन नगर निगम के अफसरों ने कोई सुनवाई नहीं की. स्थानीय रहवासी भी कई बार जनसुनवाई में गंदे पानी से भरी बोतल लेकर पहुंच चुके हैं. जब कोई कार्रवाई नहीं हुई तो थक हार कर पार्षद सलीम मोहम्मद बागवान ने इस मामले की शिकायत नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में कर दी.

Ratlam dilapidated sewerage system
खस्ताहाल सीवरेज सिस्टम (ETV Bharat)

एनजीटी की फटकार भी बेअसर

जिस पर संज्ञान लेते हुए एनजीटी ने राज्य प्रदूषण बोर्ड को निरीक्षण करके जल्द से जल्द समस्या का समाधान कराने के निर्देश दिए थे. लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और रतलाम नगर निगम की उदासीनता की वजह से अब तक इस पर कोई कार्य नहीं हो सका है. इस मामले को उठाने वाले पार्षद सलीम मोहम्मद बागवान ने बताया कि "इंदौर में हुई घटना से प्रदेश सरकार का ध्यान इस ओर आया है, लेकिन रतलाम में तो कई लोग बीमार होकर मर चुके हैं जिनका कोई रिकॉर्ड भी नहीं है."

'40 फीसदी जनता पी रही गंदा पानी'

प्रदेश में सीवरेज लाइन को लेकर पूर्व विधायक पारस सकलेचा ने बताया कि "इंदौर और रतलाम का मामला एक समान ही है. वहां भी सीवरेज लाइन को पानी की पाइपलाइन के साथ डाल दिया गया है, जिसका परिणाम लोगों की मौत के रूप में सामने आ रहा है. यही हालत रतलाम में भी है. यहां की 40 फीसदी जनता गंदा पानी पीने को मजबूर है."