सरपंच का मैं कुछ नहीं कर सकता, जनसुनवाई में पहुंचे सेना के जवान से बोले कलेक्टर साहब
रतलाम में पक्की सड़क निर्माण की मांग से सरपंच आगबबूला, सेना के जवान को दे डाली मकान तुड़वाने की धमकी. दिव्यराज सिंह राठौड़ की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 25, 2026 at 8:03 PM IST
रतलाम: कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को सेना के एक जवान को सरकारी सिस्टम की बेरुखी का शिकार होना पड़ा है. ग्राम पंचायत द्वारा 5 साल से मोहल्ले की सड़क का निर्माण नहीं किए जाने और सरपंच की दबंगई से आहत सेना का जवान रतलाम कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचा था. जहां अब जनसुनवाई नहीं होने की बात कहकर उसे लौटा दिया गया.
कलेक्टर का जबाव सुन रुआंसा हुए जवान
इसके बाद जवान कलेक्टर अजय कटेसरिया के पास अपनी समस्या लेकर पहुंचा, लेकिन कलेक्टर ने जवान को टका सा जवाब दिया और जिला पंचायत सीईओ के पास अपनी समस्या लेकर जाने को कहा. कलेक्टर का जवाब सुनकर सेना का जवान घनश्याम धनगर रुआंसा हो गया. इसके बाद बाहर आकर ईटीवी भारत को अपनी आपबीती बताई.
सालों से सिर्फ आश्वासन
दरअसल, सेना में पदस्थ घनश्याम धनगर पिपलोदा जनपद के जड़वासा गांव का रहने वाला है. वर्तमान में वह श्रीनगर में पदस्थ है. उसके मोहल्ले में वर्षों से कोई पक्की सड़क नहीं है. जिसकी वजह से लोगों को कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ता है. सड़क निर्माण को लेकर साल 2021 में एक आवेदन दिया था. लेकिन तत्कालीन सरपंच और वर्तमान सरपंच ने केवल आश्वासन ही दिया. 5 साल बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया.
सरपंच का मैं कुछ नहीं कर सकता
सैनिक घनश्याम धनगर ने बताया, "कलेक्टर साहब ने मेरा आवेदन पढ़ने के बाद कहा कि मैं कोई राजा नहीं हूं. सरपंच का मैं कुछ नहीं कर सकता हूं. इसके बाद कलेक्टर ने उसे जिला पंचायत सीईओ के पास जाने के लिए कहा. हालांकि इसके बाद जिला पंचायत सीईओ वैशाली जैन ने घनश्याम के आवेदन पर पिपलोदा जनपद के अधिकारियों को मामले को दिखावाने की बात कही है."

घर तोड़ने की धमकी
जब सालों के इंतेजार के बाद सड़क नहीं बनी तो इस बार छुट्टी में आए जवान ने ग्राम पंचायत में सरपंच से सवाल जवाब किया. आरोप है कि इसको लेकर सरपंच ने अभद्रता करते हुए पूरे मोहल्ले के मकानों को अवैध बताकर तुड़वाने की धमकी दे डाली. सरपंच के दुर्व्यवहार से आहत जवान अपनी शिकायत लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचा, लेकिन यहां भी उसे निराशा हाथ लगी.
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जनसुनवाई में नई व्यवस्था लागू
नवागत कलेक्टर ने जनसुनवाई के लिए नई व्यवस्था लागू की है. इसके बाद से अब जिला कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई नहीं हो रही है. कलेक्टर द्वारा निर्धारित 8 अलग-अलग केंद्रों पर जनसुनवाई हो रही है, लेकिन कई लोग अब भी रतलाम कलेक्ट्रेट में ही जनसुनवाई के लिए पहुंच रहे हैं और चक्कर काट रहे हैं.

