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पैराडाइज वैली हादसा: मां-बेटे की सूझबूझ ने बचाई कई जिंदगियां, स्थानीय बने फरिश्ते

मध्य प्रदेश के रतलाम जिले में रविवार दोपहर पर्यटन स्थल पैराडाइज वैली में दर्दनाक हादसा हो गया. स्थानीय लोगों की मदद से बची कई जानें. संवाददाता दिव्यराज सिंह की रिपोर्ट.

Ratlam Picnic Spot Accident video
मां-बेटे की सूझबूझ से बची कई जिंदगियां (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : August 24, 2026 at 9:19 PM IST

4 Min Read
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रतलाम: रतलाम के मशहूर पिकनिक स्पॉट पैराडाइज वैली में रविवार दोपहर हुए हादसे में दो शिक्षकों और एक छात्र की मौत घटना के बाद सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और फोटो में एक मां और बेटे की सूझबूझ और साहस देखने को मिला है. जिसकी वजह से इस हादसे में और जान जाने से बच गई.

हादसे के वक्त वहां भुट्टे बेचने वाले युवक और स्थानीय ग्रामीणों सहित अन्य लोगों ने बच्चों को बचाने में मेहनत की. यदि सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो और फोटो सामने नहीं आते तो एक मां और बेटे का साहस और विषम परिस्थिति में लिए गए निर्णय लोगों के सामने नहीं आते.

तेजा नगर की रहने वाली नर्स अनीता ने बच्चों की जान बचाने को अपनी साड़ी उतार कर दे दी

रतलाम के तेजा नगर क्षेत्र में रहने वाली नर्स अनीता भाभर ने बच्चों की जान बचाने के लिए अपनी साड़ी उतार कर दे दी. वहीं, उनके 15 वर्षीय बेटे विशाल भाभर ने बच्चों और शिक्षकों को पानी में डूबते देखकर पानी में छलांग लगा दी और 2 से 3 बच्चों को बचाकर किनारे भी लेकर आया. सोशल मीडिया पर मां बेटे की बहादुरी के वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं.

दरअसल रविवार को जावरा के एक निजी स्कूल के बच्चों और शिक्षकों के साथ पैराडाइज वैली में दर्दनाक हादसा हो गया. जिसमें 1 छात्र और 2 शिक्षकों की मौत हो गई. घटना के वक्त जहां चीख पुकार मची हुई थी, उसी दौरान एक मां और बेटे ने अदम्य साहस का परिचय दिया. पहले बेटे (विशाल) बिना वक्त गंवाए पानी में छलांग लगा ली और 2 बच्चों को किनारे तक लेकर आया. इसी दौरान किसी ने आवाज लगाकर कहा कि कोई रस्सी लेकर आओ. नर्स अनीता भाभर ने बिना विचार किया अपनी पहनी हुई साड़ी उतार कर दे दी, जिसकी रस्सी बनाकर उसके सहारे डूब रहे बच्चों और पानी में उतरे अन्य लोगों को भी बाहर निकाला जा सका.

घटना के कुछ वीडियो सामने आने के बाद लोगों को पता चली सच्चाई

रतलाम के तेजा नगर में रहने वाली नर्स अनीता भाभर और उनका 15 वर्षीय बेटा विशाल, 12 साल की बेटी रौनक और 10 साल का भांजा दिव्यांश भी रविवार को पिकनिक मनाने के लिए वहां पहुंचे थे. लेकिन बिना किसी शोर-शराबे के बच्चों के लिए अनजान फरिश्ता बनने के बाद यह परिवार अपने घर लौट गया. लेकिन जब घटना के कुछ वीडियो और फोटो सामने आए तब पता चला कि अनीता और उनके बेटे विशाल ने इंसानियत का परिचय देते हुए कितना बड़ा काम किया है.

अनीता ने कहा, हम इस काम का क्रेडिट नहीं लेना चाहते

समाजसेवी और रतलाम प्रेस क्लब के अध्यक्ष मुकेश गोस्वामी ने बताया "इस घटनाक्रम के बारे में जानकारी मिली तो अंजान मां बेटे की तलाश शुरू की और पता चला कि वे तेजा नगर में रहने वाली अनीता भाभर और उनका बेटा है. अनीता से जब फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि वे इस कार्य का क्रेडिट नहीं लेना चाहते हैं. उनसे जो बन सका उन्होंने किया है." इस मामले में तहसीलदार कुलभूषण शर्मा और थाना प्रभारी अनुराग यादव ने भी मदद करने वाले लोगों की प्रशंसा की है और रतलाम प्रशासन को उनके द्वारा किए गए सराहनीय कार्य की जानकारी दी है.

बहरहाल इस घटनाक्रमों में एक दो-नहीं कई अनजान फरिश्ते और मददगार सामने आए, जिन्होंने अपने-अपने स्तर पर घटना के पीड़ितों की मदद करने का प्रयास किया. जिनमें तालाब के किनारे भुट्टे बेच रहा युवक गुड्डू पारगी और बच्चों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाने वाले मीडियाकर्मी दिलजीत सीमन और नवीन टांक भी शामिल हैं.