इंस्पेक्टर साहब सेकंड इनिंग में बने टीचर, दो स्कूलों में मुफ्त में जगा रहे शिक्षा की अलख
रतलाम में नारकोटिक्स विभाग के जगदीश यादव पहले टीचर नहीं बन सके, रिटायरमेंट के बाद बने शिक्षक. गांव के स्कूलों में पढ़ा रहे हैं नि:शुल्क.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : March 1, 2026 at 1:44 PM IST
रिपोर्ट: दिव्यराज सिंह राठौर
रतलाम: टेस्ट क्रिकेट की तरह जीवन की दूसरी परी यदि खेलनी है तो नारकोटिक्स विभाग के इन रिटायर्ड इंस्पेक्टर साहब की तरह खेली जा सकती है. पहली पारी की बाकी रह गई कसर पूरी की जा सकती है. रतलाम के चिकलाना गांव में रहने वाले रिटायर्ड नारकोटिक्स इंस्पेक्टर जगदीश यादव अपनी दूसरी पारी कुछ इसी अंदाज में खेल रहे हैं.
नारकोटिक्स विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर थे
64 वर्षीय जगदीश यादव गांव की पृष्ठभूमि में पढ़ लिखकर नारकोटिक्स विभाग में शासकीय सेवा देने के बाद रिटायर्ड हो गए. लेकिन अपने पिता के शिक्षक बनने की सलाह को रिटायरमेंट के बाद पूरा करने में जुट गए हैं. जगदीश यादव रूपनगर के शासकीय स्कूल और मावता के एक निजी स्कूलों में अपनी नि:शुल्क सेवा देते हैं.
वहीं, बच्चों को नि:शुल्क कोचिंग देकर नवोदय विद्यालय, उत्कृष्ट विद्यालय और शासकीय छात्रवृत्ति परीक्षा की तैयारी भी करवाते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि रिटायरमेंट की उम्र में घर पर आराम करने के बजाय बिना किसी शुल्क के वह बच्चों को पढ़ाकर अपनी दूसरी पारी खेल रहे हैं.
सेवानिवृत होने के बाद पूरी की पिता की इच्छा
नारकोटिक्स विभाग से इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत होने वाले जगदीश यादव ने बताया कि "वह एक सामान्य किसान परिवार से आते हैं. जहां गांव में शिक्षा के लिए पर्याप्त संसाधन और माहौल नहीं था. लेकिन उन्होंने और उनके भाइयों ने कम संसाधनों में भी पढ़ाई कर नारकोटिक्स और इनकम टैक्स विभाग में शासकीय नौकरियां हासिल की. बच्चों को नि:शुल्क पढ़ने के सवाल पर जगदीश यादव ने बताया कि उनके पिता ने कहा था कि शिक्षक बनकर ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों का भविष्य बनाने का काम करो.

किस्मत में नारकोटिक्स विभाग की नौकरी लिखी थी. 3 साल पहले जब सेवानिवृत्ति हुए तो विचार आया कि क्यों न स्वर्गीय पिताजी की इच्छा पूरी करूं. इसके बाद मैंने गांव में ही बच्चों को जवाहर नवोदय विद्यालय, उत्कृष्ट विद्यालय और शासकीय स्कॉलरशिप परीक्षा की तैयारी करवाना शुरू किया. फिर जानकारी मिली कि रूपनगर के स्कूल में गणित पढ़ाने के लिए शिक्षक की आवश्यकता है तो मैंने नि:शुल्क पढ़ाने का प्रस्ताव दिया जिस पर वहां के संस्था प्रभारी ने मुझे अवसर दिया."
रूपनगर प्राथमिक स्कूल के प्रभारी शिक्षक बद्रीलाल राठौर ने बताया कि "जगदीश सर यहां के साथ की स्कूल के अलावा मावता स्थित निजी स्कूलों में भी बच्चों को पढ़ाने जाते हैं."

चिकलाना गांव के सरपंच गट्टू सिंह ने भी बताया कि बीते 3 सालों में जगदीश सर के द्वारा पढ़ाये हुए 80 बच्चे अब तक जवाहर नवोदय विद्यालय और उत्कृष्ट विद्यालय में चयनित हो चुके हैं."
ये भी पढ़ें:
बहरहाल खुद के गांव और दो अन्य गांव में बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाने की यह मुहिम जगदीश यादव के द्वारा लगातार जारी है. वहीं, दूसरी पारी में शिक्षक बन चुके जगदीश यादव समाज के अन्य लोगों को भी ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए कुछ करने की प्रेरणा दे रहे हैं.

