मालवा की सड़कों पर गोवंश का कब्जा, रात के वक्त सफर करना खतरे से खाली नहीं
मंदसौर के भानपुरा और रतलाम के आलोट में गोवंश से परेशान राहगीर, झुंड में बैठे गोवंश से बनी रहती है हादसों की आशंका. दिव्यराज सिंह राठौड़ की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : August 25, 2026 at 10:44 PM IST
|Updated : August 25, 2026 at 10:59 PM IST
रतलाम: रतलाम और मंदसौर जिलों की सड़कों से गुजरने वाले राहगीर इन दिनों एक नई समस्या से परेशान हैं. यदि आप भानपुरा- रामपुरा, गरोठ-भानपुरा, आलोट-नागेश्वर और आलोट-आगर मार्ग से गुजर रहे हैं तो थोड़ा सावधान हो जाइए क्योंकि इन सड़कों पर अब गोवंश का कब्जा है. एक दो नहीं बल्कि सैकड़ों की संख्या में गोवंश के झुंड सड़क पर ही बैठ रहे हैं. यही नहीं इन मार्गों पर बसे कस्बों की सड़कों पर भी गोवंश का ही कब्जा है. जिसका समाधान स्थानीय प्रशासन के पास भी नहीं है जिसकी वजह से अब इन सड़कों पर सफर सुरक्षित नहीं है. वहीं, बारिश के मौसम में सड़कों पर गोवंश की संख्या भी बढ़ गई है.
आलोट के राजवीर सिंह ने बताया कि आलोट से आगर मार्ग और नागेश्वर चोमेला मार्ग पर रात के समय सफर करना खतरे से खाली नहीं है. बारिश के मौसम में गोवंश के झुंड गीली जगह में नहीं बैठते हुए सड़क पर ही आकर बैठ जाते हैं. जिसकी वजह से हादसे होने की आशंका रहती है."

गोवंश का झुंड मंदसौर और रतलाम जिले की सीमा तक भी पहुंचा
वहीं, आलोट नगर में भी जगह-जगह गोवंश का ही कब्जा है. जिसकी वजह से आम लोगों और राहगीरों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है. आलोट एसडीएम विवेक सोनकर ने बताया कि "आलोट और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में गोवंश पड़ोस के जिले से माइग्रेट होकर पहुंच जाते हैं. गोवंश और आवारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए स्थानीय निकाय द्वारा प्रयास किए जा रहे हैं."
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दरअसल, बड़ी मात्रा में छोड़े गए पशुओं की संख्या आगर मालवा जिले में पहले से ही है. लेकिन धीरे-धीरे गोवंश के यह झुंड मंदसौर और रतलाम जिले की सीमा तक भी पहुंच गया है. रतलाम के आलोट आगर मार्ग पर कुछ हादसे भी सामने आ चुके हैं. वहीं, खरीफ की फसलों को इन पशुओं से बचने के लिए किसान इन्हें गांधी सागर के पठारी क्षेत्र की तरफ छोड़ देते हैं. जिसकी वजह से इनकी संख्या सैकड़ों में पहुंच जाती है.
बहरहाल स्थानीय नगरीय निकाय और प्रशासन के पास गोवंश की इस अनोखी समस्या का समाधान नहीं है. सैकड़ों की संख्या में सड़कों पर गोवंश के आ जाने से हादसे होने का खतरा तो बना ही हुआ है. वहीं, यह गोवंश किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं.

