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रतलाम में नासूर बनी जनसुनवाई! मौत पर मरहम हासिल करने 6 महीने से चक्कर काट रहा किसान

रतलाम कलेक्टर से मिली मदद हासिल करने गांव से 65 किलोमीटर दूर हर सप्ताह जिला मुख्यालय आता है किसान. बेटे की मौत से ज्यादा दर्दनाक बनी जनसुनवाई. दिव्यराज सिंह राठौर की रिपोर्ट.

Ratlam jansunwai
रतलाम जनसुनवाई (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : June 30, 2026 at 4:48 PM IST

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Updated : June 30, 2026 at 5:12 PM IST

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रतलाम: रतलाम में जनसुनवाई व्यवस्था में सुधार और यहां आने वाले आवेदनों के तत्काल निराकरण के लिए चाहे जितने दावे किए जाएं लेकिन जनसुनवाई की हकीकत नहीं बदल पा रही है. यहां आने वाले आवेदकों को समस्या के निराकरण के लिए लंबाई इंतजार करना पड़ रहा है. बड़ावदा तहसील के एक गांव से बीते 1 साल से जनसुनवाई में आ रहे रमेश चंद्र निनामा अपने बेटे की करंट लगने से मौत के बाद आर्थिक सहायता की राशि के लिए चक्कर पर चक्कर लगा रहे हैं. लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही है.

अपने गांव से 65 किलोमीटर दूर रतलाम जनसुनवाई में पहुंच रहा किसान

अपने गांव से करीब 65 किलोमीटर दूर से रतलाम जनसुनवाई में पहुंचे रमेश निनामा ने बताया कि पहले तो बेटे की मौत की सहायता राशि स्वीकृत करवाने में 7 महीने लग गए. अब 4 लाख की राशि स्वीकृत होने के बाद 6 महीने से राशि लेने के लिए परेशान होना पड़ रहा है.

मदद के लिए रतलाम जनसुनवाई में महीनों से पहुंच रहा किसान (ETV Bharat)

दरअसल कलेक्टर के आदेश पर कृषक जीवन कल्याण योजना की निधि से मृतक किसान के परिवार को 4 लाख की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई थी. लेकिन 6 महीने से आवेदक रमेश निनामा को यह राशि नहीं मिल सकी है और वह जनसुनवाई में आकर परेशान हो रहे हैं. रमेश ने बताया कि वह हीरूखेड़ी का रहने वाला है. पिछले साल मार्च में उनके बेटे योगेश को खेत पर सिंचाई करने के दौरान करंट लग गया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी.

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रतलाम जनसुनवाई में महीनों से पहुंच रहा किसान (ETV Bharat)

जनवरी 2026 में स्वीकृत हुई है 4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता

बड़ावदा तहसील में आर्थिक सहायता के लिए आवेदन दिया था लेकिन 7 महीने तक तहसील और कलेक्ट्रेट के चक्कर लगाने के बाद कलेक्टर महोदय ने जनवरी 2026 में आर्थिक सहायता 4 लाख रुपए स्वीकृत की थी. लेकिन अब स्वीकृत राशि भी नहीं मिल पा रही है. लगातार चक्कर लगाने के बाद भी राशि कब मिलेगी इसका जवाब नहीं मिल पा रहा है. उन्हें मंडी बोर्ड के उज्जैन स्थित ऑफिस में संपर्क करने के लिए कहा गया है.

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किसान का आवेदन (ETV Bharat)

जनसुनवाई कर रही अधिकारी राधा महंत ने बताया "मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड के माध्यम से स्वीकृत राशि मिलनी है. कृषक जीवन कल्याण योजना के अंतर्गत स्वीकृत राशि मंडी बोर्ड से प्राप्त होने पर हितग्राही के खाते में ट्रांसफर की जाएगी."

बहरहाल जनसुनवाई में कलेक्टर के आदेश के बावजूद आवेदकों को समाधान नहीं मिल पा रहा है और ना ही जनसुनवाई कर रहे अधिकारियों से संतोषजनक जवाब. बेटे की मौत से व्यथित पिता को करीब 1 साल से अधिक समय तक चक्कर लगवाने के बाद अब उन्हें मध्य प्रदेश मंडी बोर्ड के उज्जैन स्थित कार्यालय से स्वीकृत राशि की जानकारी लेने के लिए कहा गया है.

Last Updated : June 30, 2026 at 5:12 PM IST