गेहूं-सोयाबीन पर बढ़े MSP, बजट से मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी उम्मीदें
मध्य प्रदेश के बजट से युवाओं, आम आदमी से लेकर किसानों को उम्मीदें, रतलाम में किसानों ने बताया बजट में क्या-क्या होना चाहिए.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 11, 2026 at 4:52 PM IST
रतलाम: मध्य प्रदेश सरकार के बजट 2026 को लेकर हर वर्ग को कुछ ना कुछ उम्मीदें हैं. कृषि को लेकर मध्य प्रदेश का बजट हमेशा से ही उम्मीद वाला रहा है और किसानों को मोहन यादव सरकार के इस बजट से सौगातें मिलने की भी उम्मीद है. अतिवृष्टि और प्रमुख फसल सोयाबीन की खेती में हुए नुकसान की भरपाई का भरोसा मध्य प्रदेश सरकार के आगामी बजट से किसानों को है.
रतलाम में किसानों ने 18 फरवरी को आने वाले बजट पर अपनी राय दी. जिसमें गेहूं फसल विक्रय पर अधिक बोनस मिलने, फसलों के उत्पादन लागत घटाने वाली सब्सिडी देने, किसानों की ऋण माफी और पशुपालन की योजनाओं पर बैंकों से सुलभ ऋण उपलब्ध करवाए जाने की उम्मीद लगाई है.
किसान बोले- खेती की लागत घटाने वाला हो बजट
रूपाखेड़ा गांव के युवा किसान अरविंद पाटीदार ने बताया कि "गेहूं का समर्थन मूल्य 2585 रुपए से बढ़कर ₹3000 तक किया जाना चाहिए. वहीं समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने पर मिलने वाले बोनस को भी मध्य प्रदेश सरकार को अपने वादे के मुताबिक बढ़ाना चाहिए. किसान पाटीदार ने बताया कि भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के अंतर्गत पशुपालन के लिए किसानों ने आवेदन तो किए हैं, लेकिन बैंकों द्वारा उन्हें ऋण नहीं दिया जा रहा है.
किसानों के लिए ऋण देने की प्रक्रिया सरल और सुलभ बनाई जानी चाहिए. जिससे पशुपालन करने वाले किसानों को मदद मिल सकेगी." किसान नेता राजेश पुरोहित ने बताया कि "बजट तो हर साल आता है, लेकिन किसानों की उम्मीद और मांगे वहीं की वहीं खड़ी हुई हैं. किसानों की सबसे बड़ी समस्या फसलों का उचित दाम नहीं मिलना और खेती की लागत लगातार बढ़ना है. सरकार को इस बजट में सब्सिडी स्कीम्स और फसलों की लागत घटाने वाली योजनाएं लाना चाहिए.

सोयाबीन पर MSP बढ़ाने की मांग, फेंसिंग योजना भी हो लागू
वहीं, घोड़ारोज यानी नीलगाय सहित जंगली जानवरों से फसलों को बचाने के लिए खेत फेंसिंग योजना भी मध्य प्रदेश सरकार को लागू करना चाहिए. जिससे किसान अपने खेत की सुरक्षा की व्यवस्था कर सके." एक अन्य किसान मांगीलाल ने बताया कि "इस वर्ष फसलों में किसानों को बड़ा नुकसान हुआ है. जिससे किसान ऋण भरने की स्थिति में नहीं हैं. ऐसे में छोटे किसानों की ऋण माफी सरकार को करना चाहिए."
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सेमलिया गांव के किसान राजेश गोस्वामी ने कहा कि "सरकार को सोयाबीन के समर्थन मूल्य को भी बढ़ाकर 6000 रुपए से अधिक करना चाहिए, क्योंकि इससे सोयाबीन की खेती में किसानों की लागत भी नहीं निकल पाती है. किसानों ने डीजल की कीमतों में भी राहत दिए जाने की मांग मध्य प्रदेश सरकार से की है."
बहरहाल मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री व वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा 18 फरवरी को मध्य प्रदेश की मोहन सरकार का बजट पेश करेंगे. किसानों को उम्मीद है कि इस बजट में किसने की लंबे समय से चली आ रही उम्मीद और मांगों पर सरकार द्वारा राहत दी जाएगी.

