ETV Bharat / state

रतलाम में हो रही विदेश जैसी खेती, ऑटोमेशन सिस्टम पर फ्रूट यार्ड में ब्लूबेरी उगा रहे किसान

रतलाम में ऑटोमेशन सिस्टम पर ब्लूबेरी की खेती, समय पर सिंचाई और खाद मिलने से सामान्य से अधिक होता है उत्पादन.

RATLAM BLUEBERRY CULTIVATION
ऑटोमेशन सिस्टम से किसान को मिलता है अधिक उत्पादन (ETV Bharat)
author img

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : May 6, 2026 at 10:30 PM IST

|

Updated : May 6, 2026 at 10:42 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

रतलाम: मध्य प्रदेश के किसान लगातार खेती में उन्नत तकनीक को अपना रहे हैं. वर्तमान में उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों को मजदूर की बड़ी समस्या होती है. इस समस्या के समाधान के लिए अब किसान खेती में ऑटोमेशन यानी पूरी तरह मशीनों के माध्यम से सिंचाई एवं पौधों की देखरेख की तकनीक अपना रहे हैं.

ऑटोमेशन सिस्टम से किसान को मिलता है अधिक उत्पादन

रतलाम के किसान राजेश पटेल रेन मऊ गांव में इस ऑटोमेशन तकनीक की मदद से पहली बार ब्लूबेरी उगा रहे हैं. उन्हें पहली बार में ही ब्लूबेरी का अच्छा उत्पादन प्राप्त हुआ है. इससे पहले अपने अमरूद और ड्रैगन फ्रूट के बगीचे में भी वह ऑटोमेशन सिस्टम लगा चुके हैं. इस तकनीक की मदद से मजदूरों पर निर्भरता कम होगी. वहीं, सही मात्रा और समय पर सिंचाई, खाद एवं पोषक तत्व मिल सकेंगे. जिससे सामान्य की अपेक्षा अधिक उत्पादन भी किसान को मिलता है.

ऑटोमेशन सिस्टम पर फ्रूट यार्ड और ब्लूबेरी उगा रहे किसान (ETV Bharat)

ब्लूबेरी की खेती ऑटोमेटिक सिस्टम के भरोसे

अपने 12 एकड़ के कृषि फार्म पर ऑटोमेशन सिस्टम लगाने वाले किसान राजेश पटेल ने बताया कि "सबसे पहले उन्होंने अंगूर और वीएनआर जाम का बगीचा लगाया था. जिसके लिए ट्रेंड मजदूर की जरूरत पड़ती थी. महाराष्ट्र या उत्तर प्रदेश से इस खेती के जानकार मजदूरों को बुलाना पड़ता था. जिसमें अधिकांश लागत मजदूरों की ही हो जाती थी.

Automation system irrigation
रतलाम में ऑटोमेशन सिस्टम पर ब्लूबेरी की खेती (ETV Bharat)

इसके बाद ऑटोमेशन सिस्टम के बारे में जानकारी मिली. इसकी मदद से पौधों को पानी देने के लिए पहले से लगे ड्रिप इरिगेशन पर ऑटोमेशन सिस्टम लगाया गया. बेहतर नतीजा मिलने पर नेट हाउस में ब्लूबेरी की खेती ऑटोमेशन सिस्टम के माध्यम से शुरू की. मालवा जैसे गर्म क्षेत्र में भी पहली बार में ही ब्लूबेरी का अच्छा उत्पादन प्राप्त हुआ है. इसमें पेस्टिसाइड और खाद की बचत के साथ मजदूरों की भी बचत हुई है."

Ratlam Blueberry farming
ब्लूबेरी की खेती ऑटोमेटिक सिस्टम के भरोसे (ETV Bharat)

ऑटोमेशन सिस्टम लगाने पर मिलता है सब्सिडी

उद्यानिकी फसलों की खेती करने वाले किसानों को कृषि में ऑटोमेशन सिस्टम लगवाने के लिए केंद्र एवं मध्य प्रदेश सरकार द्वारा अनुदान भी दिया जाता है. ऑटोमेशन कंपनी सेल्स मैनेजर संजय शर्मा ने बताया कि "2 लाख से 5 लाख रुपए तक के ऑटोमेशन सिस्टम अलग-अलग एग्री कंपनियों में उपलब्ध है. किसान अपनी आवश्यकता अनुसार इन्हें लगवा सकता है."

Last Updated : May 6, 2026 at 10:42 PM IST