रतलाम की बेटी छत्तीसगढ़ में बनेगी जज, 14 घंटे पढ़कर पहले ही प्रयास में मिली सफलता
रतलाम की दीपांशी जैन ने छत्तीसगढ़ सिविल जज (कनिष्ठ श्रेणी) परीक्षा 2024 में पहले ही प्रयास में हासिल की 12वीं रैंक.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 25, 2026 at 5:41 PM IST
रतलाम: छत्तीसगढ़ सिविल जज परीक्षा 2024 में सफलता हासिल कर दीपांशी जैन ने मध्य प्रदेश का नाम रोशन किया है. दीपांशी ने छत्तीसगढ़ सिविल जज (कनिष्ठ श्रेणी) परीक्षा 2024 में पहले ही प्रयास में 12वीं रैंक हासिल की है. दीपांशी की सफलता पर शहर विभिन्न सामाजिक और शैक्षिक संगठन बधाई देने और सम्मानित करने उनके घर पहुंच रहे हैं.
दीपांशी ने ईटीवी भारत से चर्चा में बताया कि 12वीं के बाद से ही न्यायिक सेवा में जाने का लक्ष्य बनाया था. जिसे परिवार और शिक्षकों के सहयोग से प्राप्त किया है. कार्यक्षेत्र में भी पात्र लोगों को शीघ्र न्याय मिले यह प्रयास रहेगा.
'पिता से इंस्पायर होकर देखा जज बनने का सपना'
दीपांशी जैन ने बताया कि "उनके पिता दीपक जैन लॉ ग्रेजुएट हैं. उन्हीं से प्रभावित होकर न्यायिक सेवा में जाने का सपना देखा था. कक्षा 12वीं से ही लक्ष्य निर्धारित कर इंदौर इंस्टिट्यूट ऑफ लॉ में एडमिशन लिया था. जहां ग्रेजुएशन की पढ़ाई के साथ ही सिविल जज परीक्षा की तैयारी शुरू की थी. इसके बाद पहले ही प्रयास में छत्तीसगढ़ सिविल जज परीक्षा में चयन होने की सूचना मिली. इस सफर में सबसे ज्यादा परिवार में दादा-दादी, माता-पिता और छोटी बहन ने हमेशा प्रोत्साहित किया."

'शीघ्र न्याय देना होगा उद्देश्य'
दीपांशी ने बताया कि "न्यायाधीश के तौर पर वह हमेशा यह प्रयास करेगी कि उनके समक्ष जो भी सुनवाई होगी, उसमें सभी पक्षों को विवेकपूर्ण तरीके से सुनवाई का अवसर देकर शीघ्र न्याय देने का उद्देश्य रहेगा. इसके लिए कड़ी मेहनत की है और पढ़ाई को प्रतिदिन 14 घंटे तक दिए हैं. दीपांशी ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए कहा की परीक्षा का समय नजदीक आने पर तो तैयारी की ही जाती है लेकिन महत्वपूर्ण यह है की इसके बीच के समय में हम सभी विषय पर कितना मेहनत कर रहे हैं."
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'सभी के लिए गौरव का विषय'
पिता दीपक जैन ने बताया कि "बेटी की यह सफलता पूरे परिवार के साथ ही समाज और शहर के लिए गौरव का विषय है. बेटी के सिविल जज परीक्षा पास करने से गर्व महसूस हो रहा है. परिवार और समाज में यह पहली बार है जब बेटी इतने बड़े पद पर जा रही है. जब भी इस बात को लेकर चर्चा होगी तो रतलाम की इस बेटी का नाम हर घर से लिया जाएगा यही सोचकर प्रफुल्लित हूं."

दीपांशी जैन की इस उपलब्धि पर परिवार के लोगों के साथ विभिन्न सामाजिक संगठन के लोग भी उन्हें बधाई देने घर पहुंच रहे हैं. छत्तीसगढ़ में न्यायाधीश बनने पर गुलाब चक्कर परिसर में विभिन्न संगठनों ने उनका स्वागत सम्मान समारोह भी आयोजित किया है.

