रतलाम कलेक्ट्रेट में कर्मचारियों की बहानेबाजी खत्म, सार्थक एप से लगेगी अटेंडेंस
रतलाम कलेक्ट्रेट में काम करने वाले बाबू और अधिकारियों की नहीं चलेगी आना-कानी, सार्थक एप से अब लगेगी रोज की हाजिरी. दिव्यराज सिंह की रिपोर्ट...

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : July 2, 2026 at 9:14 PM IST
रतलाम: शिक्षा विभाग के बाद अब सार्थक एप का प्रयोग रतलाम कलेक्ट्रेट में भी 1 जुलाई से प्रारंभ कर दिया गया है. कलेक्टर कार्यालय में पदस्थ लगभग 62 अधिकारी और कर्मचारियों के डेटाबेस की मैपिंग कर सार्थक एप के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करना शुरू कर दी गई है. वहीं कलेक्ट्रेट परिसर में लगने वाले अन्य विभाग जैसे महिला बाल विकास, जिला कोषालय और जिला योजना कार्यालय सहित अन्य विभागों को भी सार्थक अप के माध्यम से ई अटेंडेंस लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं.
कलेक्ट्रेट में लागू की गई इस व्यवस्था में समय पर कार्यालय में उपस्थित होना होगा और कार्य के पूरे घंटे होने के बाद कार्यालय से ही साइन आउट करना होगा. जिससे कार्यालय में कार्य क्षमता बढ़ेगी और यहां काम के लिए आने वाले लोगों को भी कर्मचारी एवं अधिकारी समय पर मिल सकेंगे.
कर्मचारी और अधिकारी सभी को लगाना होगी ई अटेंडेंस
दरअसल, सार्थक एप से ई अटेंडेंस शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग में पहले से ही लागू है. वहीं, अब रतलाम कलेक्टर कार्यालय और अन्य विभागों में भी सार्थक ऐप से अटेंडेंस शुरू की गई है. सार्थक एप में जीपीएस लोकेटर के माध्यम से कर्मचारी द्वारा लगाई गई अटेंडेंस की जगह का पता चल सकेगा. एप में सेल्फी अटेंडेंस लगाने के बाद फोटो वेरिफिकेशन होता है. यह फोटो जिस लोकेशन पर ली जा रही है उस लोकेशन की जियो टैगिंग अटेंडेंस में दर्ज हो जाएगी. इससे अटेंडेंस की लोकेशन और समय कर्मचारी के डेटा रिकॉर्ड में दर्ज हो जाता है.

कलेक्टर मिशा सिंह ने बताया कि "सार्थक एप के माध्यम से कलेक्ट्रेट परिसर में कार्य करने वाले 62 कर्मचारी और अधिकारियों के डेटाबेस की मैपिंग के साथ 1 जुलाई से ई अटेंडेंस व्यवस्था लागू की गई है. यहां संचालित अन्य विभागों को भी सार्थक एप के माध्यम से अटेंडेंस लगाए जाने के निर्देश दिए गए हैं."
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कार्यालय में रेगुलर समय पर आने वाले कर्मचारियों के लिए तो यह अटेंडेंस व्यवस्था अच्छी साबित हो रही है, लेकिन फील्ड में दौरे पर होने का बहाना बनाने वाले कर्मचारियों अधिकारियों को सार्थक एप की इ अटेंडेंस से परेशानी हो सकती है. वहीं, कलेक्टर कार्यालय में आने वाले आम लोगों को अधिकारी, बाबू और अन्य कर्मचारी अपनी कुर्सी पर ही मिलेंगे जिससे उन्हें काम के लिए ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे.

