2 रुपये कम हुआ दूध का दाम, लगा लें हिसाब कितनी होगी आपकी बचत
रतलाम में दूध के दाम पर छिड़ा विवाद कलेक्टर के हस्तक्षेप पर खत्म. बगैर सूचना के नहीं बढ़ेंगे दाम. सभी को हिदायत.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : January 8, 2026 at 7:37 PM IST
|Updated : January 8, 2026 at 7:59 PM IST
रतलाम : फुटकर दूध विक्रेताओं द्वारा दाम बढ़ाए जाने के बाद आम लोगों में नाराजगी और विरोध देखा गया. लोगों के विरोध के बाद कलेक्टर को इस मामले में हस्तक्षेप कर दुग्ध विक्रेताओं की बैठक बुलानी पड़ी. कलेक्टर के हस्तक्षेप के बाद दूध के दामों में ₹2 लीटर की कमी की गई है.
कलेक्टर ने मीटिंग बुलाकर निकाला हल
रतलाम कलेक्टर मिशा सिंह ने गुरुवार को दुग्ध उत्पादकों और विक्रेताओं के साथ डेयरी संचालकों की बैठक बुलाई. इसमें दुग्ध उत्पादकों और विक्रेताओं को मनमर्जी नहीं करने और फैट के अनुसार दूध के दाम तय करने की हिदायत दी गई. प्रशासन को सूचना दिए बिना दूध उत्पादक और विक्रेताओं ने ₹4 लीटर दूध के दाम बढ़ा दिए थे. इससे रतलाम शहर में 62 रुपए प्रति लीटर दूध विक्रय हो रहा था.
दूध के दाम 4 रुपये बढ़ने से थी नाराजगी
लोगों में नाराजगी इस बात को लेकर थी कि दाम बढ़ाए जाने के बावजूद दूध की गुणवत्ता अच्छी नहीं मिल रही है. इसकी शिकायत रतलाम कलेक्टर से की गई. रतलाम में दूध को लेकर हो रहे हंगामे और ग्राहकों की नाराजगी को देखते हुए कलेक्टर मिशा सिंह ने दुग्ध उत्पादकों और विक्रेताओं के साथ डेयरी संचालकों की बैठक बुलाई. बैठक में तय हुआ कि दूध 62 नहीं बल्कि ₹60 प्रति किलो के दाम से बेचा जाएगा और 4 महीने बाद बैठक कर इस फैसले को रिव्यू किया जाएगा.
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रतलाम में फैट से नहीं, मावे से होते हैं दाम तय
आमतौर पर दूध के दाम उसके फैट पर तय किए जाते हैं. प्रमुख दूध विक्रेता कंपनिया जैसे अमूल, सांची, सरस सहित अन्य कंपनी फैट के आधार पर दाम तय करती हैं. लेकिन रतलाम में दूध के मावे के आधार पर दाम तय किए जाते हैं, जोकि नियम विरुद्ध है. कलेक्टर रतलाम मिशा सिंह ने बताया "फैट के आधार पर ही अगली बैठक में दूध के दाम तय किए जाएंगे. दूध विक्रेताओं को निर्देशित भी किया गया है कि दाम मनमर्जी से नहीं बढ़ाएं."

