हाईवे की जगमगाती हाईमास्ट लाइट से सोयाबीन बेचैन, पौधे कमर भर के पर फली नदारद
रतलाम में हाईवे की चमचमाती लाइट बर्बाद कर रही सोयाबीन की फसल, करमदी के किसान फसल में फूल और फलियां न आने से परेशान. दिव्यराज सिंह की रिपोर्ट.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : September 2, 2026 at 9:06 PM IST
|Updated : September 6, 2026 at 2:54 PM IST
रतलाम: मध्य प्रदेश में चल रहे हाईवे प्रोजेक्ट से राज्य का इंफ्रास्ट्रक्चर तो विकसित हो रहा है, लेकिन इन हाईवे के किनारे हो रही खेती प्रभावित हो रही है. रतलाम के करमदी गांव में ऐसा ही एक मामला देखने को मिला है, जहां पर बने फोरलेन बाईपास की वजह से सोयाबीन और मक्का की फसल में अफलन की समस्या देखने को मिल रही है. किसानों का कहना है कि रात भर बाईपास सड़क पर लाइटें जलती हैं, साथ ही रोड पर चलने वाले वाहनों की हाई मास्ट लाइटों की वजह से इन फसलों में उम्मीद से अधिक ग्रोथ हो रही है और फूल और फलियां नहीं लग रही हैं. किसानों ने अब कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों से इस अनोखी समस्या की शिकायत की है.
किसान बोले- लाइटों की वजह से फसल हुई प्रभावित
रतलाम जिले के करमदी गांव में कुछ महीने पहले ही बनकर तैयार हुए बाईपास रोड पर सड़क किनारे दोनों तरफ लगी फसलों में अजीब समस्या देखी जा रही है. इन फसलों में सामान्य से अधिक ग्रोथ हुई है और इन पौधों पर फूल, फलियां और फल नहीं लगे हैं. खासकर सोयाबीन की फसल की हाइट 3 से 4 फीट तक ऊंची हो गई. वहीं, एक भी फली इन पौधों पर दिखाई नहीं दे रही है.
किसान ओमप्रकाश पाटीदार ने अपनी फसल के बारे में बताते हुए कहा कि "उन्नत किस्म की सोयाबीन को अपने अलग-अलग खेतों में बोया था सड़क किनारे लगी सोयाबीन की फसल में 2 महीने बीत जाने के बाद भी उत्पादन नहीं आया है. जबकि दूसरे खेत में सोयाबीन में पर्याप्त फूल और फलियां आ गई हैं. लगातार जल रही लाइटों की वजह से हमारी फसल खराब हो रही है. ऐसे करीब 40 से 50 किसान है. जिन्हें इस तरह की समस्या का सामना करना पड़ रहा है."
एक अन्य किसान मनोहर पाटीदार ने बताया कि "केवल सोयाबीन ही नहीं मक्का की फसल में भी यही स्थिति है पौधों की बढ़वार बहुत अधिक हुई है लेकिन उन पर भुट्टे नहीं लगे हैं."

किसान नेता राजेश पुरोहित ने बताया कि उनके द्वारा कृषि वैज्ञानिकों से संपर्क किया गया था. मौके पर पहुंचे कृषि विशेषज्ञों ने उन्हें बताया कि पौधे की प्रकाश संश्लेषण क्रिया लगातार प्रकाश मिलने की वजह से जारी रहती है जिससे उसमें अधिक बढ़वार हो जाती है और पौधा अफलन की स्थिति में चला जाता है."

कृषि वैज्ञानिक और कृषि अधिकारी बोले- अफलन के कई कारण
उद्यानिकी विद्यालय मंदसौर में प्राध्यापक रहे कृषि वैज्ञानिक रोशन गलानी ने बताया कि "फसल में अफलन की स्थिति उत्पन्न होने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन यह संभव है कि दिन की रोशनी के अलावा यदि रात में भी कृत्रिम रोशनी पौधों पर लगातार गिरे तो पौधा आराम नहीं कर पाता है. जिसकी वजह से पौधा सामान्य से अधिक लंबाई ले लेता है और उसमें फूल और फल का उत्पादन भी प्रभावित हो सकता है."

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वहीं, जिला कृषि अधिकारी आरएस अर्गल ने बताया कि "यह अनोखी समस्या मीडिया के माध्यम से संज्ञान में आई है. कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों को मौके पर भेजकर स्थिति का परीक्षण करवाया जाएगा. इसके बाद किसानों की समस्या के समाधान के लिए प्रयास किए जाएंगे."

बहरहाल मौके पर करमदी गांव में सड़क के दोनों तरफ स्थित खेतों में फसल में फूल, फल या फलिया नहीं आई है. ग्रामीणों की माने तो यह समस्या केवल सड़क किनारे स्थित उन्हीं खेतों में दिखाई दी है जहां सड़क पर लगी हाई मास्क की लाइटों का दायरा पहुंचता है. सड़क से दूर स्थित खेतों में फसल सामान्य अवस्था में ही है.

