जापान के ओसाका में रतलाम की बेटी मचाएगी धमाल, इंडियन वूमेन ब्लाइंड फुटबॉल टीम से खेलेगी
रतलाम की दिव्यांग बेटी अनुष्का दुबे का इंडियन वूमेन ब्लाइंड फुटबॉल टीम में सेलेक्शन. जापान में होने वाली एशिया ओशियाना चैंपियनशिप में लेगी भाग.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 20, 2026 at 7:49 AM IST
रतलाम: क्रिकेट, बास्केटबॉल और एथलेटिक्स ही नहीं अब फुटबॉल में भी रतलाम और एमपी का नाम रोशन होने जा रहा है. रतलाम की दिव्यांग बेटी अनुष्का दुबे का चयन भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम में हुआ है. भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम जापान के ओसाका शहर में आयोजित होने वाली एशिया ओशियाना चैंपियनशिप में भाग लेगी.
ग्वालियर के ट्रेनिंग सेंटर में ले रहीं प्रशिक्षण
रतलाम की 20 वर्षीय अनुष्का दुबे वर्तमान में ग्वालियर स्थित दिव्यांग खिलाड़ियों के ट्रेनिंग सेंटर में प्रशिक्षण ले रही हैं. 13 से 19 अप्रैल के बीच जापान के ओसाका शहर में होने वाली प्रतियोगिता के लिए अनुष्का का चयन भारतीय महिला ब्लाइंड टीम में हुआ है. अनुष्का के चयन से रतलाम में खेल जगत से जुड़े लोगों और खिलाड़ियों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी है.

पिता के संघर्ष से दोनों दिव्यांग बेटे-बेटी ने पाई सफलता
रतलाम की बेटी अनुष्का दुबे का चयन भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम में होने के बाद डेयरी संचालक पंकज दुबे के घर और दुकान पर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. दूध डेयरी चलाने वाले पंकज दुबे ने बताया कि दोनों बच्चे अयांक दुबे और अनुष्का दुबे जन्म से ही आंखों से दिव्यांग है. दोनों बच्चों को पढ़ने और अन्य गतिविधियों से जोड़ने के लिए पिता पंकज दुबे और उनके परिवार ने बड़ा संघर्ष किया है. पिता के संघर्ष का सुखद प्रतिफल दोनों बच्चों ने अपनी मेहनत से दिया है.
अनुष्का दुबे का दिव्यांग भाई बैंक पीओ की नौकरी कर रहा
बड़े भाई अयांक दुबे (27) ने पहले अपनी मेहनत से बैंक पीओ की नौकरी हासिल कर पिता को गौरांवित किया है. वहीं, अब छोटी बहन अनुष्का दुबे ने राष्ट्रीय टीम में जगह बनाकर दुबे परिवार और रतलाम शहर का नाम देश भर में रोशन किया है. पिता पंकज दुबे ने बताया कि "अनुष्का की शुरुआती पढ़ाई रतलाम के निजी स्कूलों में सामान्य बच्चों के साथ ही पूरी हुई. जिसके बाद उसका चयन देहरादून स्थित स्कूल में हुआ. जहां उसने अपने खेल प्रतिभा का परिचय देते हुए एथलेटिक्स में राष्ट्रीय स्पर्धा में भाग लिया है. इसके बाद स्थानीय कोच ने अनुष्का को फुटबॉल खेलने की सलाह दी और अब वह राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनने जा रही है."

11 नहीं बल्कि 5 खिलाड़ी खेलते हैं ब्लाइंड फुटबॉल
फुटबॉल की सामान्य टीम में जहां 11 खिलाड़ी होते हैं वहीं, दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए 4 + 1 की टीम होती है जिसमें बी1 कैटेगरी के दृष्टिबाधित खिलाड़ी फील्ड में खेलते हैं. वहीं, आंशिक रूप से दृष्टि बाधित खिलाड़ी गोलकीपर का रोल अदा करते हैं. दृष्टि बाधित खिलाड़ियों के लिए खेल मैदान का आकार भी 10×20 मीटर का होता है. फुटबॉल में भी विशेष प्रकार की आवाज करने वाली घंटी लगी होती है जिससे दृष्टिबाधित खिलाड़ियों को गेंद के पास होने का अनुभव होता है.
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बहरहाल, अनुष्का का चयन भारतीय फुटबॉल टीम में हुआ है. अनुष्का वर्तमान में ग्वालियर स्थित अटल बिहारी वाजपेई ट्रेनिंग सेंटर ऑफ डिसेबल्ड स्पोर्ट्स में प्रशिक्षण हासिल कर रही थी. इसके बाद अब जापान के ओसाका रवाना होने के पहले भारतीय ब्लाइंड फुटबॉल टीम अहमदाबाद में ट्रेनिंग करेंगी. 13 अप्रैल से 19 अप्रैल के बीच होने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में यह भारतीय टीम हिस्सा लेगी.

