गर्मी की आइसक्रीम में चर्बी घी ला रहा कमाल की तरावट, खंडवा से रतलाम तक दिल खोल मिलावट
मिलावटी घी बेचने वालों के खिलाफ रतलाम में 2 माह में दूसरी बड़ी कार्रवाई. खंडवा में होटल-ढाबों के अलावा आइसक्रीम फैक्ट्री और कपड़ा मिलों में सप्लाई हो रहा था चर्बी वाला घी.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : April 25, 2026 at 4:08 PM IST
|Updated : April 25, 2026 at 4:20 PM IST
रतलाम: देसी मिलावटी घी के खिलाफ खंडवा के बाद रतलाम में शनिवार को खाद्य एवं औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. 2 महीने के अंदर ही रतलाम शहर में दूसरी बार मिलावटी घी का बड़ा मामला सामने आया है. इसके बावजूद मिलावटखोर बाज नहीं आ रहे हैं. खंडवा में गुरुवार को प्रशासन ने नकली घी बनाने के एक कारखाने पर छापामार कार्रवाई की थी. यहां पशुओं की चर्बी से नकली घी और आइसक्रीम बनाने का गोरखधंधा चल रहा था. यहां से बड़ी मात्रा में पशुओं की चर्बी से बना घी, खाल और हड्डियां जब्त की गईं थीं.
रतलाम के मोहन नगर क्षेत्र में खाद्य एवं औषधि विभाग ने छापामार कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में देसी मिलावटी घी जब्त किया है. विभाग ने यहां से 2 से 3 अलग-अलग ब्रांड के घी बरामद किए हैं, जिसमें से एक ब्रांड के घी का सैंपल नकली पाया गया है. इस ब्रांड की पैंकिग नामी गिरामी कंपनियों के घी जैसी ही की गई है.
देसी मिलावटी घी के एक दर्जन कार्टून जब्त
रतलाम के मोहन नगर क्षेत्र में एक निजी फर्म पर खाद्य एवं औषधि विभाग की टीम ने छापा मारा है.कार्रवाई के दौरान खाद्य विभाग की टीम को मौके से एक दर्जन से ज्यादा कार्टून घी मिला है. जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है. बताया जा रहा है कि यह देसी घी मिलावटी होने की आशंका है, जिसे बाजार में खपाया जा रहा था.

महाराष्ट्र में है मैन्युफैक्चरिंग कंपनी
खाद्य और औषधि विभाग ने 2 से 3 अलग-अलग कंपनियों के देसी घी के सैंपल जांच के लिए भेजे हैं. इन सभी देसी घी के ब्रांड की मैन्युफैक्चरिंग भिवंडी मुंबई महाराष्ट्र में की गई है. यहां इस डिस्ट्रीब्यूटर के माध्यम से स्थानीय किराना दुकानों और ग्रामीण क्षेत्रों में इस घी की सप्लाई की जा रही थी. यह देसी घी बाजार में मिल रहे दूसरी देसी घी की कंपनियों से कम रेट पर बेचा जा रहा था.

2 माह में दूसरी बड़ी कार्रवाई
बीते 2 महीनों में खाद्य और औषधि विभाग की यह दूसरी बड़ी कार्रवाई है, जो यह दर्शाती है कि शहर में देसी मिलावटी घी का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है. हैरानी की बात यह है कि कई दुकानदार भी अनजाने में इस मिलावटी घी को बेच रहे हैं, जिससे आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है. वहीं कई दुकानदार जानबूझकर मुनाफाखोरी के चक्कर में आम लोगों से खिलवाड़ कर रहे हैं.

'जांच के लिए भेजे सैंपल'
खाद्य एवं औषधि अधिकारी शैलेश गुप्ता ने बताया कि "विभाग द्वारा सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट आने के बाद आगे कार्रवाई की जाएगी. मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जिले में लगातार जारी रहेगी. वहीं जहां-जहां इस संदिग्ध घी की सप्लाई की गई है उन दुकानों की भी जांच की जाएगी. यह देसी मिलावटी घी दूसरे ब्रांडों से कम रेट पर बेचा जा रहा था. रिपोर्ट आने पर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.
खंडवा में पशुओं की चर्बी से बन रहा था नकली घी
खंडवा में शहर के बीच इमलीपुरा क्षेत्र में एक मदरसे के सामने रहवासी क्षेत्र में एक कारखाना संचालित हो रहा था. प्रशासन को सूचना मिलने पर सिटी मजिस्ट्रेट ने पूरी टीम के साथ यहां शुक्रवार को छापा मारा था. इस दौरान यहांं पशुओं की चर्बी को गला कर नकली घी बनाया जा रहा था. यहां से 69 टीन के कनस्तर और 9 नीले ड्रमों में भरकर रखा गया पशुओं की चर्बी से बना घी जब्त किया गया है. इसके अलावा 3 ट्रक भरकर मवेशियों के अवशेष खाल, सींग भी बरामद किए गए थे. पुलिस ने मौके से 2 आरोपियों को हिरासत में लिया है. यह अवैध फैक्ट्री साल 2015 से संचालित हो रही थी.
आइसक्रीम बनाने उपयोग हो रहा था मिलावटी घी
जानवरों की चर्बी की फैक्ट्री चलाने वाले खंडवा के अनवर कुरैशी को पशु परीक्षण एक्ट में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि मवेशियों की चर्बी से बना घी होटल-ढाबों के अलावा आइसक्रीम फैक्ट्री और कपड़ा मिलों में सप्लाई हो रहा था. इससे बने घी को आइसक्रीम बनाने में भी इस्तेमाल किया जा रहा था.
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आरोपी ने पुलिस को बताया कि घी जैसा दिखने वाला तेल बुरहानपुर के एक कपड़ा उद्योग में सप्लाई होता था. कॉटन से कपड़ा और धागा बनाते समय फिनिशिंग में इसका उपयोग किया जाता था. चर्बी से बने इस घी का इस्तेमाल ढाबों और आइसक्रीम बनाने में भी किया जा रहा था. पुलिस और प्रशासन इस पूरे मामले की जांच में जुटा है.

