रतलाम में टीका लगने के बाद 10 माह के बच्चे की मौत, परिजनों के आरोपों को CMHO ने नकारा
रतलाम में 10 माह के बच्चे की मौत, परिजनों ने टीका लगने से बताई मौत की वजह, स्वास्थ्य विभाग पर लगाए गंभीर आरोप.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : February 26, 2026 at 3:45 PM IST
|Updated : February 26, 2026 at 3:52 PM IST
रतलाम: नयाखेड़ा गांव में 10 माह के बच्चे की मौत के बाद परिजनों ने सरकारी अस्पताल के टीकाकरण कार्यक्रम पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. परिजनों का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में टीका लगवाने के बाद 2 बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी, जिसमें 10 महीने के मासूम प्रियांशु मालवीय की मौत हो गई. जिसे लेकर परिजनों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति गहरा आक्रोश है.
धराड़ गांव स्थित शासकीय अस्पताल में 24 फरवरी को 6 बच्चों को मिसल्स के टीके लगाए गए थे. जिसमें से 2 बच्चों को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई थी और बाल चिकित्सालय में इलाज के दौरान बुधवार को एक बच्चे की मौत हो गई थी. जिसे लेकर अब परिजनों ने आरोप लगाए हैं कि टीका लगाए जाने की वजह से बच्चे की मौत हुई है. वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि टीका लगाए जाने के बाद ऑब्जरवेशन में बच्चों को रखा गया था. जहां उन्हें कोई समस्या नहीं हुई थी.
टीका लगने के बाद बिगड़ी बच्चे की तबीयत, परिजनों का आरोप
आरोप है कि नयाखेड़ा गांव के 2 बच्चों की टीका लगाए जाने के कुछ घंटे के बाद तबीयत खराब हुई थी. जिन्हें रतलाम के बाल चिकित्सालय में भर्ती करवाया गया था. इलाज के दौरान एक बच्चे की मौत हो गई. जिसके बाद परिजनों ने टीका लगाए जाने की वजह से बच्चे की मौत होने का आरोप लगाया है. बच्चे के परिजन सुरेश मालवीय ने बताया कि "बच्चा एकदम स्वस्थ था, टीका लगाए जाने के बाद अचानक से उसकी तबीयत खराब हो गई. उसे उल्टियां होने लगी और दस्त भी लगे थे. स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से बच्चे की जान गई है."
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
बिलपांक थाना प्रभारी अयूब खान ने बताया कि "24 फरवरी को धराड़ गांव स्थित सरकारी अस्पताल में कुल 6 बच्चों को टीके लगाए गए थे. जिसमें से 2 बच्चों की तबीयत बिगड़ी थी. 10 वर्षीय प्रियांशु मालवीय की मौत हो गई. बच्चों की मौत के बाद परिजनों ने आक्रोश व्यक्त किया था और स्वास्थ्य विभाग पर आरोप लगाए हैं. इस मामले में मर्ग कायम कर डॉक्टर के पैनल से पोस्टमार्टम करवाया गया है. पीएम रिपोर्ट आने के बाद ही तय हो सकेगा कि बच्चे की मौत की वजह क्या है."

सीएमएचओ ने आरोपों को नकारा
वहीं, सीएमएचओ डॉक्टर संध्या बेलसेरे ने बताया कि "किसी भी बच्चे को टीका लगाए जाने के बाद 20 मिनट तक ऑब्जर्वेशन में रखा जाता है. इस दौरान उसमें किसी भी प्रकार की एलर्जी के लक्षण दिखाई देते हैं तो तुरंत इलाज किया जाता है. इस मामले में भी बच्चों को टीका लगाए जाने के बाद 20 मिनट तक अंडर ऑब्जर्वेशन रखा गया था. स्वास्थ्य केंद्र से रवाना होते समय बच्चा स्वस्थ था.
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टीका लगाए जाने के बाद कुछ मामलों में एलर्जी के लक्षण दिखाई देते हैं. जिसमें बच्चों को सांस लेने में तकलीफ होना शरीर का नीला पड़ जाना, इत्यादि लक्षण नजर आते हैं. सीएमएचओ ने बताया कि इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही बच्चे की मृत्यु का कारण पता चल सकेगा."
बहरहाल इस मामले में बिलपांक थाना पुलिस जांच कर रही है. पुलिस परिजनों के बयान दर्ज के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. जिसमें बच्चे की मृत्यु का वास्तविक कारण पता चल सकेगा.

