Explainer: बिहार के डेढ़ करोड़ लोगों के राशन पर मंडराया खतरा
अगर आप राशन कार्ड धारी हैं तो तुरंत अपना ई-केवाईसी करवा लें. वरना सरकारी योजना से वंचित रह सकते हैं. पढ़ें खबर

Published : February 19, 2026 at 6:56 AM IST
रिपोर्ट : अविनाश
पटना : बिहार में 8 करोड़ 30 लाख लोग सरकारी राशन पाने वाले लाभुक हैं. केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आधार सीडिंग ई-केवाईसी करना अनिवार्य कर दिया है लेकिन बिहार में अभी 6 करोड़ 74 लाख राशन कार्ड धारी का ही ई-केवाईसी हुआ है. ऐसे में एक करोड़ 56 लाख लाभुकों के राशन कार्ड पर संकट है. इनको राशन मिलने पर रोक लगा सकती है.
बिहार में एसआईआर के माध्यम से विधानसभा चुनाव से पहले 65 लाख के करीब वोटरों के नाम काटे गए. किसान फार्मर आईडी रजिस्ट्रेशन नहीं होने से 50 लाख से अधिक के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना का लाभ नहीं मिलेगा. वहीं बड़ी संख्या में पेंशनधारियों के लिए भी केवाईसी समस्या बनी हुई है. अब लाखों की संख्या में राशन कार्ड धारी के सामने केवाईसी नहीं होने से राशन कार्ड से नाम काटने का खतरा है. डेढ़ करोड़ से अधिक राशन कार्ड लाभुकों के सामने ई-केवाईसी को लेकर संकट बना हुआ है.
वैशाली-सीतामढ़ी-सिवान में लाखों लोगों का केवाईसी नहीं : बिहार में सबसे अधिक पूर्वी चंपारण में 42 लाख 12 हजार राशन कार्ड धारी लाभुक हैं. जबकि सबसे कम अरवल में 4 लाख 58000 राशन कार्ड धारी लाभुक हैं. अरवल, कैमूर और बक्सर में लगभग 90% के करीब ईकेवाईसी हो गया है सबसे खराब स्थिति सीतामढ़ी, सिवान और वैशाली की है. सीतामढ़ी में 6 लाख लाभुकों का ई केवाईसी नहीं हुआ है. वैशाली में 6 लाख 20000 के करीब लाभुकों का केवाईसी नहीं हुआ है जबकि सिवान में 5 लाख 83000 के करीब लाभुकों का ई केवाईसी नहीं हुआ है.


जो गड़बड़ हैं उनका नाम कटेगा- मंत्री : राशन कार्ड धारी की समस्या को लेकर ईटीवी भारत ने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की मंत्री लेसी सिंह से बातचीत की. कितने लोगों के नाम कटेंगे इसका आंकड़ा मंत्री के पास नहीं है. वैसे मंत्री ने कई सवालों के जवाब दिये.
इस सवाल पर कि राशन कार्ड धारी के केवाईसी नहीं होने से राशन नहीं मिलने का खतरा लाखों राशन कार्ड धारी के सामने है? बिहार सरकार की खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेसी सिंह का कहना है कि हम लोगों का लगातार प्रयास हो रहा है ई-केवाईसी भी हो रहा है. नया राशन कार्ड भी बड़े पैमाने पर बनाया जा रहा है. नए राशन कार्ड के लिए जो भी इच्छुक लाभार्थी हैं आवेदन दिया है उनकी जांच भी चल रही है, यह सतत प्रक्रिया है.
''मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हम लोगों को निर्देश दिया है कि कोई भी गरीब व्यक्ति भूखा ना सोए.''- लेसी सिंह, मंत्री, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग
ई केवाईसी नहीं होने के कारण क्या राशन कार्ड धारी का नाम भी कट सकता है? इस पर मंत्री लेसी सिंह ने कहा कि जिनकी गड़बड़ी होगी, उनका नाम कटेगा. लगातार इसमें अपडेट हो रहा है, जो नया आंकड़ा है, वह ऑफिस से लेकर हम आपको बता देंगे. दूसरे राज्यों में भी जो लोग हैं, उनके सामने भी परेशानी हो रही है? इस पर भी मंत्री लेसी सिंह ने टाल मटोल वाला जवाब देते हुए कहा कि पूरी जानकारी लेकर आपको बताएंगे.
15 फरवरी से डेढ़ बढ़ कर 28 फरवरी हुआ : सभी राशन कार्ड धारी को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आधार सीडिंग यानी कि केवाईसी करना अनिवार्य है. पहले 15 फरवरी तक ही समय दिया गया था लेकिन इसे अब बढ़ाकर 28 फरवरी कर दिया गया है. 80% के करीब केवाईसी हो चुका है लेकिन अभी भी 20% के आसपास ई केवाईसी लंबित है. इसके कारण डेढ़ करोड़ से अधिक लोगों के राशन बंद होने का खतरा हो गया है.
बाहर रहने वाले क्या करें? : बड़ी संख्या में लोग बिहार से बाहर दूसरे राज्यों में हैं. वन नेशन वन रेशन के कारण दूसरे राज्यों में काम कर रहे लोग वहीं राशन उठाते हैं. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अधिकारियों के अनुसार दूसरे राज्यों में रहने वाले लोगों को बिहार आने की जरूरत नहीं है क्योंकि ई केवाईसी करने की सुविधा पूरे देश में उपलब्ध है. जहां भी वह रह रहे हैं निकटतम उचित मूल्य के दुकान या जन्म वितरण प्रणाली की दुकान पर ई केवाईसी करा सकते हैं.
राशन कार्डधारी ध्यान दें।
— IPRD Bihar (@IPRDBihar) February 12, 2026
राशन कार्ड में दर्ज सभी सदस्यों का e-KYC अनिवार्य है।
अंतिम तिथि: 28 फरवरी 2026
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50 लाख नाम पर संकट : खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग राशन कार्ड धारी का ई केवाईसी करने के लिए कई कदम भी उठा रहा है. हालांकि जो जानकारी मिल रही है उसके अनुसार बिहार में 8 करोड़ 30 लाख राशन कार्ड धारी लोगों में से 50 लाख का नाम कट सकता है. इसमें से बड़ी संख्या में फर्जी नाम भी हैं, जो गलत ढंग से अपना राशन कार्ड बना लिया है. वैसे विभाग के तरफ से अंतिम आंकड़ा 28 फरवरी के बाद ही मिलेगा.
कैसे कराएं निशुल्क e KYC? : भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक राशन कार्ड में अंकित परिवार के सदस्यों का ई केवाईसी किया जाना आवश्यक है. सभी राशन कार्ड धारी जन वितरण प्रणाली दुकान पर स्थापित ई पोस (e -Pos) यंत्र के माध्यम से बायोमेट्रिक सत्यापन या हाथ की उंगलियों या iris स्कैनर के माध्यम से निशुल्क केवाईसी करा सकते हैं.
सभी राशन कार्ड धारी facial e kyc मोबाइल ऐप के माध्यम से भी ई केवाईसी कर सकते हैं. दूसरे राज्यों में रहने वाले राशन कार्ड धारी फेशियल ई केवाईसी मोबाइल ऐप के माध्यम से ई केवाईसी कर सकते हैं लेकिन मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, उड़ीसा, हिमाचल प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल में रहने वाले राशन कार्ड धारी को यह सुविधा नहीं दी गई है.

सचिव खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की ओर से विस्तृत जानकारी के लिए टोल फ्री नंबर भी जारी किया गया है जो इस प्रकार से हैं- 1800 3456194 या 1445 अथवा 1967. इस पर संपर्क करके पूरी जानकारी ली जा सकती है. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग और आईपीआरडी की ओर से विज्ञापन भी निकाला जा रहा है और राशन कार्ड धारी से ई केवाईसी जल्द से जल्द करने की अपील की जा रही है.
कई तरह की गड़बड़ियां हैं- विशेषज्ञ : प्रोफेसर प्रमोद कुमार का कहना है कि ई केवाईसी के माध्यम से राशन कार्ड धारी जीवित हैं कि नहीं या सही है कि नहीं यह जांच चल रही है लेकिन राशन कार्ड में कई तरह की गड़बड़ियां हैं. जो सुखी संपन्न लोग हैं उन्होंने भी राशन कार्ड बना लिया है. दूसरी तरफ गरीबों को कम राशन भी मिलता है. जो सुखी संपन्न हैं इन्हीं राशन के माध्यम से अपने मजदूरों को अनाज देते हैं. अब केंद्र सरकार का आदेश है चाहे पेंशन लेने वाले हों या राशन लेने वाले सभी का ई-केवाईसी हो रहा है.

''विधानसभा चुनाव के समय लोगों को छूट मिल गई थी लेकिन अब भारत सरकार का निर्देश है कि जो सही है उनका नाम ही राशन कार्ड में हो, बिहार सरकार उसी पर काम कर रही है. सरकार को यह देखना होगा कि जो गरीब हैं उनका नाम राशन कार्ड से ना कटे. इसके लिए समय तिथि बढ़ाना पड़े तो सरकार को और आगे उसे बढ़ाना चाहिए.''- प्रोफेसर प्रमोद कुमार, विशेषज्ञ
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