ऐसा दुर्लभ सांप.. जिसके मुंह के आगे नहीं होते दांत, इंसानों को काटने पर जो होता है जानकर रह जाएंगे हैरान
वाल्मीकि नगर के VTR में एक दुर्लभ लंबे मुंह वाला वाइन स्नेक पाया गया है. इसका सुरक्षित रेस्क्यू किया गया. दिलीप कुमार की रिपोर्ट

Published : August 21, 2026 at 5:08 PM IST
बगहा: बिहार के बगहा के वाल्मीकि नगर में लॉन्ग-स्नाउटेड वाइन स्नेक (Long-snouted Vine Snake) पाया गया है. इसे 'लंबी थूथन वाला लता सांप' या 'बेल सांप' भी कहा जाता है. बेल सांप, पावर हाउस के पास जाली में फंसा मिला, जिसका सकुशल रेस्क्यू किया गया और जंगल में छोड़ दिया गया है. इसे वैज्ञानिक रूप से अहेतुल्ला लॉन्गिरोस्ट्रिस कहा जाता है.
वाल्मीकि नगर में मिला दुर्लभ सांप : यह एक लंबी पतली और पेड़ों पर रहने वाली सांप की प्रजाति है. इसे आमतौर पर वाइन स्नेक (Asian Vine Snake) जैसे नामों से भी जाना जाता है. इसका सिर नुकीला है और नाक के आगे एक लंबी पतली पूंछ जैसी बनावट Rostral appendage है. इसका ऊपरी हिस्सा भूरा गेहूंआ और पेट का हिस्सा चमकीला नारंगी या हल्का भूरा नारंगी दिखता है. वाइन स्नेक पेड़ों और झाड़ियों में रहता है.
"20 अगस्त को रेस्क्यू किया गया था. पावर हाउस की जाली में फंसा हुआ मिला, जिसका रेस्क्यू किया गया है. वाइन स्नेक हल्का जहरीला होता है. अगर इंसान को काटता है तो कुछ भी नहीं होगा. देहाती भाषा में सुगवा सांप कहा जाता है. इसका पेट लाल होता है."- मुरारी कुमार, स्नेक कैचर
सांप का भोजन और जहर का असर : इन सांपों का मुख्य भोजन छिपकलियां, मेंढक और छोटे जीव होते हैं. सामान्यत मनुष्यों के लिए खतरनाक नहीं माना जाता लेकिन काटने पर स्थानीय दर्द सूजन हो सकती है. इसकी मुख्य विशेषता है कि यह एक बेहद पतला और बेलनाकार शरीर वाला सांप हैं. यह बहुत विषैला नहीं होता, लेकिन हल्का विषैला तो होता ही है इसके काटने से हल्की सूजन और जलन होता ही है.

ओपिस्थोग्लिफस सांपों की जीवविज्ञानी बनावट : रियर-फैंग्ड सांपों को वैज्ञानिक भाषा में मुख्य रूप से ओपिस्थोग्लिफस सांप कहा जाता है. इन अनोखे जीवों के जहरीले दांत मुंह में आगे नहीं, बल्कि पीछे की तरफ स्थित होते हैं. उदाहरण के लिए, कुछ वाइन स्नेक्स यानी लता सांपों में ऐसी विशेष संरचना पाई जाती है. ये जीव मुख्य रूप से घने पेड़ों पर निवास करते हैं. ये ऊंचाई से नीचे छलांग लगाने में बेहद माहिर होते हैं.
विशेषज्ञ अभिषेक के महत्वपूर्ण शोध निष्कर्ष : मानव वन्यजीव संघर्ष विशेषज्ञ अभिषेक बताते हैं कि अभी इनकी संख्या का कोई सटीक अनुमान नहीं है. इस विषय पर अब तक कोई ठोस वैज्ञानिक रिसर्च नहीं किया गया है. अभिषेक के अनुसार, यह सांप बेहद माइल्ड वेनमस यानी हल्के जहर वाला होता है.
"इसके काटने से इंसानों को कोई गंभीर खतरा नहीं होता है. पीछे दांत होने से यह शरीर के चौड़े हिस्सों पर नहीं काट पाता."- अभिषेक, मानव वन्यजीव संघर्ष विशेषज्ञ

अंडे नहीं बच्चे देते हैं ये सांप : ये अनोखे सांप इंसान की उंगलियों, नाक या कान जैसे संकरे हिस्सों पर ही काट सकते हैं. इनकी कुल लंबाई लगभग डेढ़ मीटर तक होती है. यह सांप छोटे पक्षियों, छिपकलियों और गिरगिटों को मारकर अपना भोजन बनाते हैं. सबसे अनोखी बात यह है कि ये सांप सामान्य सांपों की तरह अंडे नहीं देते हैं. ये सीधे पूर्ण विकसित बच्चों को जन्म देते हैं.
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