रणथंभौर: त्रिनेत्र गणेश मंदिर मार्ग पर बाघिन सुल्ताना का फिर दिखा मूवमेंट, आवागमन रोका
बाघिन सुल्ताना ने कुछ दिन पहले त्रिनेत्र गणेश मार्ग स्थित मिश्रदर्रा गौमुखी के पास शावकों को जन्म दिया था. तब से उसकी यहां आवाजाही है.

Published : January 9, 2026 at 7:35 PM IST
सवाईमाधोपुर: रणथंभौर नेशनल पार्क में त्रिनेत्र गणेश मार्ग पर शुक्रवार को एक बार फिर बाघिन टी-107 सुल्ताना का मूवमेंट नजर आया. बाघिन सुल्ताना त्रिनेत्र गणेश मार्ग के मुख्य प्रवेश द्वार गणेशधाम स्थित वन विभाग की चौकी के बेहद निकट पहुंच गई और मुख्य मार्ग पर इधर-उधर घूमती रही. बाघिन की गतिविधि की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम अलर्ट हो गई और मौके पर पहुंच गई. श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग ने त्रिनेत्र गणेश मार्ग के मुख्य प्रवेश द्वार को अस्थायी रूप से बंद कर दिया और श्रद्धालुओं के आवागमन को कुछ देर के लिए पूरी तरह रोक दिया. बाघिन के मार्ग छोड़कर अटल सागर की ओर चले जाने के बाद ही वन विभाग द्वारा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों के लिए मार्ग को पुनः खोला गया.
प्रवेश द्वार बंद होने के कारण गणेशधाम पर त्रिनेत्र गणेश दर्शन को जाने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ टाइगर सफारी पर जाने वाली जिप्सियों व कैंटरों की लंबी कतारें लग गईं. वाहनों की भीड़ के चलते गणेशधाम पर कुछ देर के लिए यातायात जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई. हालांकि, बाघिन के सड़क छोड़ने के बाद गेट खोल दिए गए और हालात शीघ्र ही सामान्य हो गए.
कुछ दिन पहले ही बाघिन सुल्ताना ने त्रिनेत्र गणेश मार्ग स्थित मिश्रदर्रा गौमुखी के पास शावकों को जन्म दिया था. इसी कारण से बाघिन का मूवमेंट इस मार्ग पर लगातार बना हुआ है. पहले भी वह कई बार इस मार्ग पर देखी जा चुकी है. मार्ग पर उसकी लगातार उपस्थिति से श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है, जिसके मद्देनजर वन विभाग के निर्देश पर लगातार निगरानी जारी है.
श्रद्धालुओं के लिए प्रतिबंध जारी: वन विभाग लगातार बाघिन की निगरानी कर रहा है और त्रिनेत्र गणेश मार्ग पर श्रद्धालुओं की पैदल व दोपहिया वाहनों से आवाजाही पर रोक लगा रखी है. केवल चार पहिया वाहनों के माध्यम से ही श्रद्धालुओं को मार्ग पर प्रवेश दिया जा रहा है, लेकिन जिस तरह से प्रतिदिन बाघिन का आवागमन इस मार्ग पर होता है, उससे एक ओर जहां श्रद्धालुओं की सुरक्षा जोखिम में रहती है. दूसरी ओर वन विभाग की टीम को भी कड़ी मेहनत करनी पड़ रही है. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाघिन गणेशधाम स्थित चौकी के निकट कुछ देर के लिए दिखी, जिसके बाद उसने जंगल की ओर रुख कर लिया.

