रांची रेल डिवीजन की सख्ती से उजागर हुई यात्रियों की लापरवाही! जानें, क्या हुई कार्रवाई
रांची रेल डिवीजन बिना टिकट यात्रा और स्टेशन परिसर में गंदगी करने वालों पर सख्ती बरत रहा है.

Published : January 5, 2026 at 5:23 PM IST
रांचीः रेलवे यात्रियों से सुविधा, सुरक्षा और अनुशासन की उम्मीद करता है. लेकिन रांची रेल डिवीजन की हालिया एनुअल रिपोर्ट यह बताती है कि बड़ी संख्या में यात्री अब भी नियमों की अनदेखी कर रहे हैं. बिना टिकट यात्रा और रेलवे परिसर में गंदगी फैलाने जैसी आदतों ने न सिर्फ रेलवे की परेशानी बढ़ाई. बल्कि सख्त कार्रवाई के चलते रेलवे को करोड़ों रुपये की वसूली भी हुई है.
रांची रेल डिवीजन से प्रतिदिन लगभग 50 जोड़ी ट्रेनों का संचालन होता है. इतने बड़े नेटवर्क में टिकट जांच और स्वच्छता बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है. इसी को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने बीते एक साल में लगातार विशेष अभियान चलाए, जिनके चौंकाने वाले आंकड़े अब सामने आए हैं.
बिना टिकट यात्रा पर कड़ा शिकंजा
एनुअल रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष भर में बिना टिकट यात्रा करने वालों के खिलाफ 688 विशेष जांच अभियान चलाए गए. इन अभियानों के दौरान 44,790 यात्रियों को बिना टिकट या अनियमित टिकट पर यात्रा करते हुए पकड़ा गया. इन यात्रियों से रेलवे ने कुल 30 करोड़ 24 लाख 24 हजार 651 रुपये का जुर्माना वसूला.
यह आंकड़ा साफ दर्शाता है कि नियमों की अनदेखी कितनी व्यापक है और रेलवे को टिकट रहित यात्रा के कारण हर साल कितना बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है. रेलवे अधिकारियों का मानना है कि अगर यात्री नियमों का पालन करें तो यह राशि बुनियादी सुविधाओं और यात्री सेवाओं को और बेहतर बनाने में इस्तेमाल की जा सकती है.
स्वच्छता को लेकर भी कार्रवाई
केवल टिकट जांच ही नहीं, बल्कि रेलवे ने स्वच्छता को लेकर भी सख्त रुख अपनाया. स्टेशन परिसर और ट्रेनों में थूकने, कचरा फेंकने और गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया गया. इस दौरान 723 लोगों से 72,300 रुपये का जुर्माना वसूला गया. रेलवे का कहना है कि गंदगी केवल स्टेशन की सुंदरता ही नहीं बिगाड़ती, बल्कि यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए भी खतरा बनती है. इसी कारण स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर अब किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही.
रांची रेल डिवीजन के डिविजनल सीनियर डीसीएम ने साफ शब्दों में कहा कि रेलवे का मकसद जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि अनुशासन स्थापित करना है. ये अभियान कमाई के लिए नहीं, बल्कि यात्रियों में नियमों के प्रति जिम्मेदारी पैदा करने के लिए चलाए जा रहे हैं. बिना टिकट यात्रा और गंदगी से न केवल रेलवे को नुकसान होता है, बल्कि ईमानदार यात्रियों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है.
आगे और सख्ती के संकेत
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले समय में यह अभियान और तेज किए जाएंगे. मोबाइल टिकट चेकिंग सिस्टम, डिजिटल रिकॉर्ड, और सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी को और मजबूत किया जाएगा. खासकर भीड़भाड़ वाले स्टेशनों और ट्रेनों में जांच बढ़ाई जाएगी.
रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे समय पर टिकट खरीदें, सफर के दौरान स्वच्छता बनाए रखें और रेलवे नियमों का पालन करें. रेलवे का मानना है कि सहयोग और जागरूकता से ही सुरक्षित, स्वच्छ और अनुशासित यात्रा संभव है.
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