मादक पदार्थों और मानव तस्करी के खिलाफ आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, 16 किलो गांजा जब्त, चार नाबालिगों का रेस्क्यू
ट्रेन से मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी के खिलाफ रांची आरपीएफ ने बड़ी कार्रवाई की है.

Published : February 25, 2026 at 1:51 PM IST
|Updated : February 25, 2026 at 5:21 PM IST
रिपोर्टः चंदन भट्टाचार्य
रांचीः रांची रेल मंडल में आरपीएफ द्वारा मादक पदार्थों की तस्करी और मानव तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है. कमांडेंट पवन कुमार के निर्देशन में आरपीएफ पोस्ट रांची, हटिया और फ्लाइंग टीम ने अलग-अलग अभियान में 16 किलो गांजा जब्त किया है. साथ ही चार नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है.
ऑपरेशन “NARCOS” में 16 किलो गांजा जब्त
ऑपरेशन “नार्कोस” के तहत रांची रेलवे स्टेशन पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया. ट्रेन संख्या 18309 एक्सप्रेस के आगमन पर कोच S-7 की जांच के दौरान सीट संख्या 04 पर बैठे एक यात्री के पास नीले रंग का पिट्ठू बैग संदिग्ध अवस्था में पाया गया. पूछताछ में उसने अपना नाम मोहन सिंह (41 वर्ष), निवासी सुंदरगढ़ (ओडिशा) बताया. तलाशी लेने पर उसके बैग से प्लास्टिक में लिपटा गांजा बरामद हुआ.
उसके बयान के आधार पर उसी कोच की सीट संख्या 64 पर बैठे राहुल पांडेय (32 वर्ष), निवासी गाजीपुर (उत्तर प्रदेश) की तलाशी ली गई. उसके बैग से भी गांजा बरामद किया गया. दोनों के पास से कुल 8 पैकेट गांजा (5 पैकेट मोहन सिंह और 3 पैकेट राहुल पांडेय के पास से) जब्त किए गए. बरामद गांजे का कुल वजन 16 किलोग्राम पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 8 लाख रुपये बताई जा रही है.
पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे गांजा ओडिशा से खरीदकर उत्तर प्रदेश में अवैध बिक्री के उद्देश्य से ले जा रहे थे. एनडीपीएस एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया और जब्त गांजा सहित जीआरपी रांची को सौंप दिया गया.
ऑपरेशन “AAHT” में मानव तस्करी का प्रयास विफल
इसी क्रम में 24 और 25 फरवरी की दरमयानी रात ट्रेन संख्या 12825 (झारखंड संपर्क क्रांति एक्सप्रेस) के आगमन पर आरपीएफ पोस्ट रांची ने ऑपरेशन “AAHT” के तहत जांच अभियान चलाया. जांच के दौरान एक महिला दो नाबालिग बालिकाओं के साथ संदिग्ध स्थिति में पाई गई.
पूछताछ में महिला ने अपना नाम रेशमा देवी (40 वर्ष), निवासी दिल्ली बताया. वहीं पूछताछ में दोनों नाबालिग लड़कियों ने बताया कि वे दोनों सिमडेगा की निवासी हैं और घरेलू काम के लिए दिल्ली जा रही हैं. गहन पूछताछ में खुलासा हुआ कि महिला उन्हें घरेलू कार्य में लगाने के नाम पर प्रति बालिका 14-15 हजार रुपये वेतन तय कर स्वयं कमीशन लेने वाली थी. यह भी सामने आया कि महिला के खिलाफ पहले से गंभीर धाराओं में मामला दर्ज है.
सभी कानूनी प्रक्रिया पूरी कर महिला को गिरफ्तार कर एएचटीयू थाना को सुपुर्द किया गया, जबकि दोनों नाबालिग लड़कियों को बाल संरक्षण के तहत सुरक्षित आश्रय गृह भेजा गया.
“ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” में दो बालकों का रेस्क्यू
24 फरवरी को ही हटिया रेलवे स्टेशन पर “ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते” के तहत आरपीएफ पोस्ट हटिया और डीएनएफटी टीम ने प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर दो नाबालिग बालकों को संदिग्ध अवस्था में घूमते पाया. पूछताछ में दोनों ने अपना पता चतरा बताया. दोनों बालकों ने बताया कि वे घर से डांट खाने के बाद भाग आए थे और मजदूरी करने के लिए बेंगलुरु जाने की योजना बना रहे थे. मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल चाइल्ड लाइन रांची को सूचना दी गई और सभी औपचारिकताएं पूरी कर दोनों को परामर्श और संरक्षण के लिए सुपुर्द किया गया.
अभियानों में इनकी रही सराहनीय भूमिका
इन अभियानों में आरपीएफ पोस्ट रांची, हटिया, फ्लाइंग टीम और डीएनएफटी टीम के अधिकारियों एवं स्टाफ की सक्रिय भूमिका रही. कमांडेंट पवन कुमार ने टीम की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि रेलवे परिसरों में अवैध गतिविधियों और मानव तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा.
लगातार चल रहे इन अभियानों से यह स्पष्ट है कि रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है, जिससे मादक पदार्थ तस्करी और मानव तस्करी जैसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके.
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