साला और सरहज की साजिश, बहन के पति की ही करवा दी हत्या, शव को रेलवे ट्रैक पर फेंककर हादसे का रूप देने की कोशिश
रांची में एक व्यक्ति ने अपनी सरहज के साथ मिलकर साजिश की और अपनी बहन के पति की ही हत्या करवा दी.


Published : January 7, 2026 at 7:32 PM IST
रांची: पुलिस ने एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस को सुलझा लिया है. गुमला जिले के रहने वाले संजय उरांव की मौत रेल हादसे में नहीं हुई थी, बल्कि चाकू मारकर उनकी हत्या की गई थी. हत्यारों ने सबूत मिटाने और हत्या को रेल दुर्घटना का रूप देने के इरादे से शव को रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में अशोक नगर रोड नंबर-1 के पीछे रेलवे लाइन के किनारे झाड़ियों में फेंक दिया था.
क्या है पूरा मामला
10 फरवरी 2025 को रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में अशोक नगर के पीछे रेलवे लाइन से एक अज्ञात शव बरामद हुआ था. शुरुआत में कई दिनों तक शव की पहचान नहीं हो पाई. बाद में पुलिस के इनपुट के आधार पर शव की शिनाख्त गुमला निवासी संजय उरांव के रूप में हुई. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि मौत की वजह रेल हादसा नहीं, बल्कि चाकू से वार कर हत्या थी.
इसके बाद वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) रांची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (नगर) ने पुलिस उपाधीक्षक (हटिया) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की. टीम ने गहन जांच के आधार पर इस ब्लाइंड केस को सुलझाया.
हत्या की वजह: सरहज के साथ अनुचित संबंध
रांची के सीनियर एसएसपी राकेश रंजन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा किया. जांच में पता चला कि संजय उरांव का अपनी सरहज (साले की पत्नी राजमणि देवी) के साथ अनुचित संबंध था. इस वजह से परिवार में कई बार विवाद और कहा-सुनी हुई थी, लेकिन संजय अपनी आदत नहीं छोड़ रहे थे.
इसी रंजिश में संजय के साले विनोद उरांव ने अपनी पत्नी राजमणि देवी की सहमति से हत्या की साजिश रची. विनोद ने भाड़े के हत्यारों के रूप में अमरदीप खालखो (पूर्व नक्सली) और अनुप उरांव की मदद ली. आरोपियों ने चाकू से वार कर संजय की हत्या की और शव को अशोक नगर गेट नंबर-1 के पीछे रेलवे लाइन के पास फेंक दिया.
गिरफ्तारियां और आरोपियों का कबूलनामा
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, विनोद उरांव (मृतक का साला), राजमणि देवी (मृतक की पत्नी और विनोद की बहन), अमरदीप खालखो, अनुप उरांव. पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने हत्या को रेल हादसे का रूप देने की पूरी कोशिश की थी और शुरुआत में वे इसमें लगभग सफल भी हो गए थे. लेकिन रांची पुलिस की बेहतर जांच से मामला उजागर हो गया.
यह मामला परिवारिक रंजिश और अनुचित संबंधों से उपजी हिंसा का उदाहरण है, जहां हत्यारों ने सबूत छिपाने के लिए शव को रेलवे ट्रैक पर फेंकने की चाल चली. पुलिस ने उत्कृष्ट अनुसंधान से केस सॉल्व कर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचाया. आगे की जांच जारी है.
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