निजी स्कूलों ने दिखाया शिक्षा के अधिकार कानून को ठेंगा, नाराज जिला प्रशासन ने कार्रवाई की दी चेतावनी
रांची के निजी स्कूलों द्वारा आरटीई कानून के उल्लंघन के बाद जिला प्रशासन ने कार्रवाई की चेतावनी दी है.


Published : May 9, 2026 at 8:41 PM IST
रांची : निजी स्कूलों पर अंकुश लगाने के लिए भले ही लाख कवायद की जाती हो मगर हकीकत यह है कि उन्हें ना तो कानून का भय है और ना ही प्रशासनिक कार्रवाई का. यही वजह है कि निजी स्कूल प्रबंधन लगातार शिक्षा का अधिकार कानून को ठेंगा दिखाकर सरकारी व्यवस्था को चुनौती दे रहे हैं. निजी स्कूलों की इस मनमानी से आजिज होकर रांची जिला प्रशासन ने एक महीने के अंदर आज शनिवार को दूसरी बैठक तो की, मगर इसमें भी 20 स्कूलों के प्रतिनिधि अनुपस्थित रहे.
खास बात यह है कि बैठक से दूर रहे निजी स्कूलों ने ना ही कोई सूचना दी और ना ही जिला प्रशासन की नोटिस की तरजीह दी. नाराज जिला उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने ऐसे स्कूलों पर सीबीएसई के माध्यम से मान्यता समाप्त करने तक की चेतावनी देते हुए कारण बताओ नोटिस भेजने का निर्णय लिया है.
राजधानी के आर्यभट्ट सभागार में हुई इस जिलास्तरीय बैठक में निजी स्कूलों के मनमानेपूर्ण रवैये से उपायुक्त खासे नाराज दिखे और उन्होंने कानूनी कार्रवाई के साथ साथ प्रशासनिक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. गौरतलब है कि रांची जिले में सीबीएसई और आईसीएसई के कुल 149 स्कूल हैं जिसमें से 20 स्कूल प्रबंधन बैठक से अनुपस्थित रहा.
मनमाने तरीके से हर साल बढ़ती रही स्कूल फीस
शिक्षा का अधिकार कानून की धज्जियां निजी स्कूलों ने किस कदर उड़ाई है उसका पता तब चला जब जिला प्रशासन ने इन स्कूलों द्वारा हर साल बढ़ाए जा रहे स्कूल फीस की पोल खोलकर रख दी. बैठक के दौरान 149 सीबीएसई-आईसीएसई स्कूलों में 92 ऐसे पाए गए जिन्होंने नियम कानून को ताक पर रखकर हर साल स्कूल फीस में वृद्धि की है.
आंकड़ों के मुताबिक, इन स्कूलों ने 6% से लेकर 134% तक स्कूल फीस में वृद्धि की है. हास्यास्पद बात यह है कि जिला प्रशासन की सख्ती के बावजूद इस साल भी राजधानी के स्कूलों में विभिन्न मदों में फीस बढ़ोत्तरी कर अभिभावकों से पैसे लिए गए हैं. उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई करने का आदेश देते हुए कहा है कि जिस स्कूल ने आरटीई कानून का उल्लंघन करते हुए मानवाने तरीके से फीस वृद्धि की है, उन्हें बच्चों के स्कूल फी को एडजस्ट करना होगा और इसके लिए आवश्यक निर्देश जारी किए जा रहे हैं.
उन्होंने कहा कि यह गंभीर मसला है कि 129 स्कूलों से प्राप्त रिपोर्ट में 92 ऐसे पाए गए हैं, जिन्होंने मनमाने ढंग से वृद्धि की है. उन्होंने कहा कि आरटीई के तहत बच्चों को होने वाले नामांकन की जानकारी सभी स्कूलों को सार्वजनिक करनी होगी और इसकी भी समीक्षा की जा रही है.
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