बिजनौर जेल से रिहा हुए सपा नेता अजहर अहमद खान, बोले- "आजम खान बाहर आएंगे तभी मनाएंगे ईद"
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और रामपुर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अजहर अहमद खान करीब 4 साल बाद बिजनौर जेल से रिहा हो गए.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : May 30, 2026 at 7:30 PM IST
रामपुर: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष अजहर अहमद खान करीब चार साल बाद आखिरकार जेल से रिहा हुए. इलाहाबाद हाईकोर्ट से नियमित जमानत मिलने के बाद शनिवार को उन्हें उत्तर प्रदेश की बिजनौर जेल से आधिकारिक तौर पर रिहा कर दिया गया. इस भावुक रिहाई के तुरंत बाद अजहर अहमद खान ने मीडिया के सामने कई बेहद अहम बयान दिए.
इसके साथ ही उन्होंने सपा के कद्दावर नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान की जल्द रिहाई के लिए भी समर्थकों से दुआ करने की विशेष अपील की.
सीजेएम कोर्ट से जारी हुआ परवाना: रामपुर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अजहर अहमद खान आज सुबह जैसे ही बिजनौर जेल के मुख्य द्वार से बाहर आए, वहां मौजूद समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया. इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मंजूर होने की सत्यापित कॉपी मिलने के बाद रामपुर की CJM कोर्ट ने बीती शाम उनकी रिहाई के आदेश जारी किए थे. गौरतलब है कि अजहर अहमद खान सितंबर 2022 से विभिन्न आपराधिक और राजनीतिक मामलों के चलते जेल की सलाखों के पीछे बंद थे. उन पर रामपुर के चर्चित डूंगरपुर प्रकरण, नगर पालिका की आधुनिक रोड स्वीपर मशीन चोरी और गैंगस्टर एक्ट समेत दर्जनभर से अधिक मुकदमे दर्ज हैं.
करोड़ों के तालाब सौंदर्यीकरण का आरोप: इन सभी मामलों में सबसे ज्यादा चर्चित मामला नगर पालिका क्षेत्र की सीमा से बाहर पनवड़िया में करोड़ों रुपये खर्च कर कराए गए तालाब सौंदर्यीकरण कार्य से जुड़ा रहा है. इस वित्तीय फर्जीवाड़े के आरोप में पुलिस ने उनके खिलाफ जांच के बाद कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल की थी. जेल से बाहर आने के बाद भावुक मन से मीडिया से बातचीत करते हुए अजहर अहमद खान ने कहा कि आज देश के सभी लोग आजम खान और अब्दुल्ला आजम खान की रिहाई के लिए मिलकर विशेष दुआ करें. उन्होंने रुंधे गले से कहा कि जब वे दोनों भी कानूनी रूप से जेल से बाहर आएंगे, तभी रामपुर में असली खुशी के साथ ईद का त्योहार मनाया जाएगा.
जेल से बहुत कुछ सीखने को मिला: अजहर अहमद खान ने सलाखों के पीछे के अपने कड़वे अनुभवों को शेयर करते हुए कहा कि उन्होंने अपने पूरे जीवन में पहली बार जेल देखी है और वहां के माहौल से उन्हें बहुत कुछ नया सीखने को मिला. उन्होंने दार्शनिक अंदाज में कहा कि जेल की चारदीवारी इंसान को यह अच्छी तरह समझा देती है कि समाज में कौन सचमुच आपका अपना है और कौन पराया. उन्होंने अपने बयान को दोहराते हुए कहा कि "मैं सबसे यही कहता हूं कि दुआ करें, आजम खान साहब के लिए दुआ करें, अब्दुल्ला साहब के लिए दुआ करें. जब वो पूरी गरिमा के साथ बाहर आएंगे, हम सब तभी मिलकर असली ईद मनाएंगे. जेल के इस लंबे सफर ने मुझे जमीन से जुड़े रहना सिखाया है."

न्याय व्यवस्था पर जताया पूरा भरोसा: बीते चार वर्षों में लगातार निचली अदालतों से जमानत अर्जियां खारिज होने के सवाल पर अजहर अहमद खान ने कहा कि उन्हें देश की न्याय व्यवस्था पर हमेशा से पूरा भरोसा था और आज भी है. उन्होंने कहा कि कानूनी प्रक्रिया में देर जरूर हो सकती है, लेकिन अंततः इंसाफ का सूरज जरूर निकलता है. उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि चार साल की कठिन प्रताड़ना के बाद आखिरकार देश की उच्च अदालत से उन्हें बड़ी विधिक राहत मिली है. फिलहाल चार साल से अधिक समय जेल में बिताने के बाद अजहर अहमद खान की यह रिहाई रामपुर और आसपास के जिलों की सियासत में एक बहुत ही महत्वपूर्ण घटनाक्रम मानी जा रही है. अब सभी विश्लेषकों की निगाहें आजम खान और उनके परिवार से जुड़े अन्य मामलों पर टिक गई हैं.
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