नाबालिग से दुष्कर्म पर कोर्ट ने सुनाई इतने साल की सजा, पीड़िता का रिश्तेदार लगता था आरोपी
रामपुर: नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को कठोर कारावास. इसके साथ ही कोर्ट ने जुर्माना भी लगाया है.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : April 27, 2026 at 7:04 PM IST
रामपुर बुशहर: अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय किन्नौर स्थित रामपुर की अदालत ने सोमवार को नाबालिग से दुष्कर्म के एक जघन्य मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाया. विशेष न्यायाधीश पोक्सो ने आरोपी ललित कुमार को दोषी करार देते हुए कुल 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही, दोषी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है.
मामले की जानकारी देते हुए उप-जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने बताया कि घटना फरवरी 2023 की है. पीड़िता, जिसकी उम्र उस समय मात्र 15 वर्ष थी, रात में अपने कमरे में सो रही थी. इसी दौरान आरोपी ललित कुमार, जो रिश्ते में पीड़िता की माता का भतीजा लगता है और पड़ोस में ही रहता था, कमरे में घुसा और उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए. डरी-सहमी पीड़िता ने लोकलाज और भय के कारण यह बात किसी को नहीं बताई. करीब छह महीने बाद जब पीड़िता के पेट में अचानक दर्द हुआ, तो परिजन उसे उपचार के लिए केएनएच अस्पताल शिमला ले गए. वहां अल्ट्रासाउंड जांच के दौरान खुलासा हुआ कि पीड़िता छह माह की गर्भवती है. अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर छानबीन शुरू की थी.
19 गवाहों ने दी गवाही
कमल चंदेल ने सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष (सरकार) की ओर से उप-जिला न्यायवादी कमल चंदेल ने प्रभावी ढंग से पैरवी की. अदालत के समक्ष कुल 19 गवाहों के साक्ष्य दर्ज किए गए. दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद, माननीय न्यायालय ने आरोपी को पोक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी पाया, जिसमें 20 साल का कारावास और 10 हजार रुपए की सजा सुनाई गई. न्यायालय ने पीड़िता के भविष्य और पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए उसे 2 लाख रुपये का मुआवजा देने के आदेश भी पारित किए हैं. वहीं, कोर्ट के फैसले के बाद पीड़िता को इंसाफ मिला है.
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