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85 ट्रैप कैमरे, 5 पिंजरे और 60 वनकर्मी, ऐसे ट्रैंक्विलाइज हुआ फतेहपुर रेंज का आदमखोर बाघ

रामनगर की फतेहपुर रेंज में बाघ ने 2 महिलाओं को मारा था, बाघ के डीएनए परीक्षण से पता चलेगा कि ये वही है या नहीं

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फतेहपुर रेंज में बाघ को ट्रैंक्विलाइज किया गया (ETV Bharat Graphics)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : March 4, 2026 at 10:27 AM IST

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Updated : March 4, 2026 at 2:10 PM IST

5 Min Read
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रामनगर/हल्द्वानी: नैनीताल जिले के रामनगर वन प्रभाग के अंतर्गत फतेहपुर रेंज में दो महिलाओं को अपना शिकार बनाने वाले बाघ को आखिरकार वन विभाग की टीम ने ट्रैंक्विलाइज कर पकड़ लिया है. लगातार बढ़ती दहशत और ग्रामीणों के आक्रोश के बीच मंगलवार देर रात यह बड़ी कार्रवाई की गई.

फतेहपुर रेंज में आदमखोर बाघ ट्रैंक्विलाइज: रामनगर वन प्रभाग की फतेहपुर रेंज में बीते दिनों बाघ के हमलों से क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ था. पिछले सप्ताह हल्द्वानी के कटघरिया क्षेत्र स्थित पनियाली जंगल में घास लेने गई कमला फर्त्याल नामक महिला संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी. रोज की तरह अकेले जंगल गई महिला जब दोपहर तक घर नहीं लौटी, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की थी. काफी खोजबीन के बाद परिजनों ने वन विभाग और मुखानी थाना पुलिस को सूचना दी.

पकड़ा गया फतेहपुर रेंज का शिकारी बाघ (Video Courtesy- Forest Department)

दो महिलाओं की ले चुका था जान: सूचना मिलते ही वन विभाग, पुलिस प्रशासन और स्थानीय लोगों की संयुक्त टीम ने जंगल में सघन कांबिंग अभियान चलाया था. तलाश के दौरान कई स्थानों पर खून के निशान और महिला के कपड़े मिले थे. करीब दो किलोमीटर भीतर जंगल में महिला का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ था. इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई और ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश भी देखने को मिला.

गौरतलब है कि इससे पहले भी फतेहपुर रेंज के गांधी आश्रम क्षेत्र में घास लेने गई एक अन्य महिला को बाघ ने अपना शिकार बनाया था. लगातार दो घटनाओं के बाद वन विभाग ने इलाके में कैमरे और पिंजरे लगाकर बाघ को ट्रैप करने की कोशिशें तेज कर दी थीं.

डीएफओ ने क्या कहा: रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ ध्रुव मर्तोलिया ने बताया कि-

मंगलवार देर रात टीम द्वारा फतेहपुर रेंज से एक बाघ को रेस्क्यू किया गया है. बाघ का डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है, जिसके बाद पता चल पाएगा कि उक्त बाघ दोनों महिलाओं को निवाला बनाने वाला था कि नहीं. जब तक दो महिलाओं को निवाला बनाने वाले बाघ की पुष्टि नहीं हो जाती, तब तक टीम और गांव वालों को विशेष सतर्कता बरतनी होगी.
-ध्रुव मर्तोलिया, डीएफओ, रामनगर वन प्रभाग-

मुख्य वन संरक्षक ने क्या कहा: वहीं मामले की जानकारी देते हुए कुमाऊं के मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) डॉ. साकेत बडोला ने बताया कि-

घटना के बाद से ही पशु चिकित्सकों की दो टीमें मौके पर तैनात थीं और बाघ को पकड़ने के प्रयास लगातार जारी थे. मंगलवार देर रात बाघ को सफलतापूर्वक ट्रैंक्विलाइज कर लिया गया. पकड़ा गया बाघ नर है. उसकी उम्र लगभग 5 से 7 वर्ष के बीच आंकी गई है. बाघ को रेस्क्यू सेंटर भेजा जा रहा है. वहां आगे की कार्रवाई की जाएगी.
-डॉ साकेत बडोला, मुख्य वन संरक्षण (वन्य जीव)-

डॉ बडोला ने बताया कि साथ ही बाघ के सैंपल भी जांच के लिए भेजे जा रहे हैं, ताकि यह पुष्टि हो सके कि वारदात को अंजाम देने वाला यही बाघ है या नहीं. फिलहाल बाघ के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है. इसके बावजूद क्षेत्र में सतर्कता बरती जा रही है.

घास लेने गई महिलाओं को बनाया था निवाला: गौरतलब है कि फतेहपुर रेंज में जंगल घास लेने गई दो महिलाओं को बाघ अपना निवाला बना चुका है. पहली घटना 12 फरवरी की है. 12 फरवरी की सुबह पीपल पोखरी की महिला गंगा देवी अपनी बहू और पड़ोस में रहने वाली महिला के साथ जंगल घास लेने गई हुई थी. घास काटने के दौरान बाघ गंगा देवी पर झपट गया और उसे अपने साथ ले गया. जब अन्य महिलाओं ने घटना की जानकारी पास के गांव वालों को दी, तो उन्होंने वन विभाग और पुलिस प्रशासन के साथ कांबिंग कर महिला की तलाश की. महिला का शव तीन किलोमीटर दूर जंगल में मिला था.

वहीं दूसरी घटना 25 फरवरी की है. कमला नाम की महिला फतेहपुर रेंज के जंगल में घास लेने के लिए गई हुई थी. जब वह घर नहीं लौटी तो परिजन उसकी तलाश में जुटे. जंगल में उसकी दराती और कपड़े मिले जिसके बाद वन विभाग को घटना की जानकारी दी गई. सूचना पर पहुंची वन विभाग और मुखानी पुलिस ने दो किलोमीटर अंदर जंगल से उसका क्षत विक्षत शव बरामद किया था.

85 ट्रैप कैमरे, 5 पिंजरे और 60 कर्मचारियों की टीम: दोनों घटनाओं के बाद वन विभाग की टीम ने बाघ को ट्रैप करने के लिए 85 ट्रैप कैमरा और पांच पिंजरे लगाए गए थे. इसके साथ ही 60 कर्मचारियों को फतेहपुर रेंज के पीपलपोखरा से लेकर पानियली तक तैनात किया गया था. इसके अलावा दो मचान तैयार किए गए थे. मंगलवार देर रात लगभग 10 बजे टीम को बाघ की मूवमेंट दिखाई दी, जिसके बाद कॉर्बेट रिजर्व टाइगर के वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉक्टर दुष्यंत शर्मा ने बाघ को 30 मीटर की दूरी से ट्रेंकुलाइज गन से निशाना साध कर सटीक निशाना लगाया. थोड़ी देर बाद टाइगर बेहोश हो कर झाड़ियों में जा गिरा. इसके बाद टीम ने उसे तलाश कर रेस्क्यू कर लिया.
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Last Updated : March 4, 2026 at 2:10 PM IST