ट्रांसजेंडर समुदाय को मुख्यधारा से जोड़ने में रामगढ़ बना मिसाल, राज्य का पहला 'ट्रांसकैफे' शुरू
रामगढ़ जिला ट्रांसजेंडरों को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक मिसाल बन गया है. यहां प्रशासन की पहल पर कई काम हो रहे हैं.


Published : February 17, 2026 at 8:20 PM IST
रामगढ़: झारखंड सरकार की ट्रांसजेंडर समुदाय को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में शुरू की गई पहल अब रामगढ़ जिले में ठोस परिणाम दे रही है. उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज के नेतृत्व में समुदाय के सम्मान, सुरक्षा, रोजगार और आत्मनिर्भरता को लेकर बहुआयामी प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे यह जिला राज्य में एक मॉडल के रूप में उभर रहा है.
सरकारी योजनाओं से जोड़ने का विशेष अभियान
जिला प्रशासन ने ट्रांसजेंडर समुदाय के सदस्यों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया है. राशन कार्ड, आयुष्मान भारत कार्ड, पहचान पत्र और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जा रहा है. नियमित स्वास्थ्य जांच और कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया तेज की गई है, ताकि समुदाय को अधिकार, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित हो सके. गणतंत्र दिवस के अवसर पर ट्रांसजेंडर सदस्यों को सम्मानित कर प्रशासन ने समाज में सकारात्मक संदेश दिया.
सार्वजनिक स्थलों पर ट्रांसजेंडर शौचालयों का निर्माण
समुदाय की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समाहरणालय परिसर, सदर अस्पताल और बस स्टैंड में विशेष ट्रांसजेंडर शौचालयों का निर्माण कर संचालन शुरू किया गया है. यह कदम सार्वजनिक स्थलों पर भेदभाव को कम करने और समान सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है.

रोजगार और कौशल विकास की नई पहल
आर्थिक सशक्तिकरण के लिए मौलाना अबुल कलाम आजाद पार्क (समाहरणालय परिसर) में राज्य का पहला 'ट्रांसकैफे' शुरू किया गया है. इस कैफे का संचालन ट्रांसजेंडर समुदाय के 10 सदस्य मिलकर कर रहे हैं, जिससे उन्हें स्थायी आय का स्रोत मिलेगा और समाज में सम्मानजनक भूमिका निभाने का अवसर प्राप्त होगा.
इसके अलावा, पतरातू प्रखंड के सुंदर नगर (भुरकुंडा) में 15 दिवसीय ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है. यह कौशल विकास और स्वरोजगार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें विशेषज्ञ घर-घर जाकर ट्रेनिंग प्रदान कर रहे हैं.

नौकरी और संगठन में भागीदारी
हाल के प्रयासों में प्रशासन ने समुदाय के तीन सदस्यों को समाहरणालय में नियुक्ति दी है, जबकि दो अन्य की नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है. स्वयं सहायता समूहों, समाज कल्याण विभाग और प्रशिक्षण संस्थाओं के सहयोग से समुदाय को संगठित कर आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का कार्य किया जा रहा है.

उपायुक्त का संदेश और समुदाय की प्रतिक्रिया
उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज ने कहा कि विकास की धारा से समाज का कोई भी वर्ग वंचित नहीं रहेगा. समान अधिकार दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है. उन्होंने समाज से अपील की कि ट्रांसजेंडर समुदाय के प्रति भेदभाव समाप्त कर उन्हें समान अवसर प्रदान किए जाएं.
किन्नर उत्थान समिति रामगढ़ की जिला अध्यक्ष हिमांशी प्रधान ने प्रशासन के प्रयासों की सराहना की. उन्होंने कहा कि शौचालय, रोजगार, प्रशिक्षण और सामाजिक सम्मान मिलने से समुदाय का आत्मविश्वास बढ़ा है और अब वे समाज में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.

रामगढ़ जिला प्रशासन की यह पहल सामाजिक न्याय के साथ-साथ संवेदनशील प्रशासनिक इच्छाशक्ति से वास्तविक बदलाव का प्रमाण है. आर्थिक सशक्तिकरण, सामाजिक स्वीकृति और सम्मान के साथ यह प्रयास ट्रांसजेंडर समुदाय को नई पहचान दे रहा है. झारखंड का यह पहला जिला बनता दिख रहा है, जहां ट्रांसजेंडर समुदाय के समावेशी विकास को योजनाबद्ध रूप से लागू किया गया है. यह मॉडल पूरे राज्य के लिए प्रेरणादायक साबित हो रहा है.
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