रामगढ़ महोत्सव: सरकार रामगढ़, सीताबेंगरा, जोगीमारा की ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाएगी
रामगढ़ महोत्सव के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब खुद सीएम इसमें शिरकत करने पहुंचे हों.

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : July 1, 2026 at 9:01 AM IST
सरगुजा: दो दिवसीय ऐतिहासिक रामगढ़ महोत्सव का मंगलवार को रंगारंग समापन हो गया. समापन कार्यक्रम में शामिल होने के लिए खुद सीएम विष्णु देव साय पहुंचे. रामगढ़ महोत्सव के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जब खुद सीएम इसमें शिरकत करने पहुंचे हों. दो दिनों तक विभिन्न सांस्कृतिक आयोजनों के साथ एक विशाल मेले का आयोजन किया गया.
रामगढ़ महोत्सव
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा, प्रकृति पूजा और ऐतिहासिक विरासत का उत्सव है. सरगुजा की यह पवित्र भूमि प्राकृतिक सौंदर्य के साथ-साथ आस्था, इतिहास और संस्कृति की अमूल्य धरोहर है. वेदों, पुराणों और उपनिषदों सहित अनेक प्राचीन ग्रंथों में रामगढ़ का उल्लेख मिलता है, जो इसकी ऐतिहासिक महत्व को बताता है.
राज्य सरकार रामगढ़, सीताबेंगरा और जोगीमारा जैसी ऐतिहासिक धरोहरों को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है. पर्यटक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है ताकि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक यहाँ की संस्कृति, इतिहास और प्राकृतिक सौंदर्य से परिचित हो सकें. सीताबेंगरा, जोगीमारा गुफा पवित्र एवं सुंदर स्थान है: विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
कवि कालीदास की कृति मेघदूत में मिलता है यहां का जिक्र
सीएम ने कहा कि ये ऐतिहासिक क्षेत्र सांस्कृतिक रूप से बहुत ही सुंदर है. रामगढ़ का उल्लेख हमारे देश के वेद पुराण उपनिषदों में मिलता है, विख्यात कवि कालीदास मेघदूतम की रचना यहीं पर किए हैं. आज यहां भव्य आयोजन हो रहा है, इसी भव्यता के साथ हर साल रामगढ़ मनाया जाएगा.

रामगढ़ के विकास के लिए 1 करोड़ होंगे खर्च
विष्णु देव साय ने कहा कि प्रदेश की सरकार जिले के विकास के लिए काम कर रही है. सरकार के पिछले ढाई वर्षों में सरगुजा जिले में 2387 करोड़ से अधिक के विकास कार्य स्वीकृत हुए हैं. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने रामगढ़ के विकास के लिए 1 करोड़ रुपए की घोषणा की. वहीं क्षेत्रवासियों के मांग पर उदयपुर एवं डूमरडीह को मिलाकर नगर पंचायत बनाने की घोषणा की गई.

विकास के लिए कई बार पेड़ काटना जरुरी: सीएम
रामगढ़ महोत्सव में शामिल होने पहुंचे सीएम ने कोयला खदान की स्वीकृति और ब्लास्टिंग से रामगढ़ पहाड़ को होने वाले नुकसान, हसदेव अरण्य के जंगल के नष्ट होने के सवाल पर कहा, ''लोगों को अपने मन से यह गलतफहमी बाहर निकलनी चाहिए. हमारे छत्तीसगढ़ का 44 प्रतिशत भू-भाग वनों से आच्छदित है. वर्षों से कैम्पा योजना के तहत फारेस्ट विभाग पौधरोपण कर रहा है. इसके साथ ही 4 वर्षों से पीएम नरेंद्र मोदी साल से एक पेड़ मान के नाम लगवा रहे हैं.''
कैम्पा और एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत 44 प्रतिशत के अतिरिक्त प्रदेश का ढाई प्रतिशत एरिया कवर हुआ है. उद्योग निति के तहत भी उद्योग लगाने पर पेड़ काटने के बदले में उससे ज्यादा पेड़ लगाना है, इसे भी देखना चाहिए. विकास के लिए कई बार पेड़ काटना जरुरी हो जाता है. मैं स्वयं अपने क्षेत्र की बात करूं तो एनएच 43 पहले के हिसाब से बना था, अब सड़क चौड़ीकरण के लिए पेड़ों की कटाई होगी तभी रोड बनेगा: विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
सड़कें आसमान में नहीं बनती हैं: सीएम
सीएम ने कहा कि सड़क आसमान में नहीं बन सकता. आरोप लगाने वालों को भी सोचना चाहिए. ब्लास्टिंग से रामगढ़ पर्वत के धराशायी होने की आशंकाओं पर सीएम ने कहा कि रामगढ़ पवर्त क्यों गिरेगा, इतने वर्षों तक नहीं गिरा, यह पर्वत त्रेता युग से है तो अब क्यों कल्पना करते हैं कि गिर जाएगा. आज हमने क्षेत्र के लिए एक करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा की है, आने वाले समय में योजना बनाकर रामगढ़ का विकास किया जाएगा.

