राम रहीम ने कराया सिरसा डेरे का रेनोवेशन, पैरोल खत्म होने से पहले किया गेट का उद्घाटन, हनीप्रीत भी रही संग
राम रहीम ने पेरोल खत्म होने से पहले शाह सतनाम जी धाम के मुख्य गेट का उद्घाटन किया. इस दौरान उसके साथ हनीप्रित भी रही.

Published : June 26, 2026 at 3:52 PM IST
सिरसा: डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख राम रहीम ने पेरोल खत्म होने से पहले शाह सतनाम जी धाम के मुख्य गेट का उद्घाटन किया. एक दिन पहले राम रहीम ने पुराने डेरे के रेनोवेशन का उद्घाटन किया था. खास बात ये रही कि समारोह में हनीप्रीत इंसा भी मौजूद थीं. हनीप्रीत डेरा प्रमुख की सबसे करीबी शिष्या और मुंहबोली बेटी हैं. लंबे टाइम के बाद वो राम रहीम के साथ दिखाई दीं. पैरोल पर आने के बाद राम रहीम पहली बार श्रद्धालुओं के बीच दिखाई दिया. अभी तक जितनी बार भी वो जेल से बाहर आया, डेरे के अंदर ही रहा या वीडियो के जरिए अनुयायियों को प्रवचन दिए.
राम रहीम के सिरसा डेरे का रेनोवेशन: सिरसा डेरे का रेनोवेशन उसने खुद अपने सामने कराया है. इसी के साथ सिरसा डेरा सच्चा सौदा में कई तरह की सुविधाएं बढ़ गई हैं. डेरे में प्रवेश के लिए तीन विशाल गेट लगाए गए हैं. साध-संगत के लिए होटल भी बनाया गया है, जहां पर वो ठहर सकेंगे. हालांकि, अभी भी डेरा में निर्माण कार्य चल रहा है. इस बीच शुक्रवार शाम को राम रहीम दोबारा रोहतक की सुनारिया जेल चला जाएगा. इससे पहले ही डेरा प्रमुख ने डेरे का शुभ-मुहूर्त कर संगत की सेवा के लिए खोल दिया. इसकी कुछ फोटो भी सामने आईं हैं.

शाह मस्ताना के समय किया गया था निर्माण: सिरसा के इस डेरे का निर्माण शाह मस्ताना के समय किया गया था. शाह सतनाम भी इस डेरे से ता-उम्र जुड़े रहे. राम रहीम द्वारा गद्दीनशीन होने के बाद यहां से कुछ दूर आगे नए डेरे का निर्माण किया गया. मगर, विवादों में घिरे राम रहीम के जेल चले जाने के बाद पुराना डेरा ही डेरा सच्चा सौदा से जुड़े अनुयायियों का केंद्र बन गया. इसके बाद नए और पुराने डेरे के प्रेमियों की जमात खड़ी होनी शुरू हो गई.

पैरोल पर आने के बाद डेरा प्रमुख ने खुद कराया रेनोवेशन: 26 मई 2026 को डेरा प्रमुख ने पैरोल पर आने के बाद पुराने डेरे का रेनोवेशन शुरू कराया. इससे पुराने डेरे से जुड़े अनुयायी काफी खुश हैं. डेरा प्रबंधन ने पुराने डेरे के एंट्री द्वारों में बदलाव करते हुए भव्य रूप दिया है. पास में एक भव्य कैंटीन का भी निर्माण किया गया है. डेरा प्रमुख ने सारा काम अपनी देख-रेख में करवाया है.

अभी भी काफी काम बाकी: डेरे से जुड़ें लोगों के मुताबिक, पिछली बार जनवरी में पैरोल पर आने के बाद डेरा प्रमुख ने रेनोवेशन का काम शुरू करवाया था. पहले यहां पर साधारण प्रवेश द्वार बने हुए थे. मगर, अब नया रुप दिया गया है. हालांकि अभी काफी काम बाकी है, लेकिन डेरा प्रमुख ने गुरुवार को इसे साध-संगत को समर्पित कर दिया. पुराने डेरे के द्वार को भव्य लुक दिया गया है. डेरे में बनाई गई कैंटीन की भव्यता देखते ही बनती है.

26 मई को जेल से बाहर आया था, आज सुनारिया जेल वापसी: डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम 30 दिन की पैरोल पर 26 मई की सुबह 6.30 बजे रोहतक की सुनारिया जेल से आया था और करीब सवा 9 बजे सिरसा डेरे पहुंचा. तब से पुराने डेरे का निर्माण कार्य देख-रेख में करवाया. निर्माण कार्य के चलते पर्दा डाला गया था. इस दौरान अनुयायियों को मोबाइल से वीडियो और फोटो खींचने की मनाही थी.

अब तक 16 बार पैरोल-फरलो पर जेल से बाहर आ चुका डेरा प्रमुख: साध्वियों के यौन उत्पीड़न में उम्रकैद की सजा काट रहे राम रहीम की ये 16वीं पैरोल या फरलो है. इस साल के पहले 5 महीनों में ही वह दूसरी बार जेल से बाहर आया है. जनवरी-2026 में उसे 40 दिन की पैरोल मिली थी और वो फरवरी में ही वापस जेल लौटा था. वर्ष 2017 में सजा होने के बाद डेरा प्रमुख को इससे पहले 16 बार पैरोल और फरलो मिल चुकी है.
क्या होती हैं पैरोल-फरलो?
पैरोल: अगर कैदी ने अपनी सजा का एक हिस्सा पूरा कर लिया है, तो उसे पैरोल मिल सकती है. स्पेशल कंडीशंस में ही कैदियों को पैरोल मिलती है, जैसे- परिवार में किसी की मृत्यु हो जाए या बीमारी हो, किसी करीबी की शादी हो, या अन्य जरूरी वजह हों. पैरोल 2 तरह की होती हैं. रेगुलर और कस्टडी. रेगुलर पैरोल में कैदी आजाद रह सकता है, लेकिन कस्टडी पैरोल में कैदी के साथ पुलिस होती है.
फरलो के बारे में भी जानिए: फरलो के लिए कैदी को किसी तरह की स्पेशल कंडीशन की जरूरत नहीं होती. ये उसका कानूनी अधिकार है. हर राज्य ने फरलो के लिए अपने रूल्स और गाइडलाइंस बनाई हैं. कई राज्यों के रूल्स और गाइडलाइंस कमोबेश एक जैसे ही हैं, केवल फरलो पाने की प्रोसेस अलग-अलग है.

