Raksha Bandhan 2026: महंगाई के बीच सोने-चांदी की राखियों का नया ट्रेंड, कम वजन में आकर्षक डिजाइन, लोगों में क्रेज
अलग-अलग बजट और पसंद के हिसाब से कई पैटर्न और डिजाइन तैयार किए गए हैं. पेश है कपिल पारीक की रिपोर्ट.

Published : August 27, 2026 at 9:35 PM IST
उदयपुर: झीलों की नगरी उदयपुर में रक्षाबंधन का उत्साह चरम पर है. यह पर्व कल धूमधाम से मनाया जाएगा. इस पर्व को देखते हुए बाजारों में रौनक बढ़ गई है. इस बार राखियों में परंपरागत धागों के साथ सोने-चांदी की राखियों का विशेष क्रेज देखने को मिल रहा है. महंगाई के इस दौर में बहनों का बजट न बिगड़े, इसके लिए ज्वेलर्स ने नया फॉर्मूला अपनाया है- वजन कम, फैलाव ज्यादा. पिछले साल तक 5 ग्राम चांदी में तैयार होने वाली राखी इस बार करीब 3 ग्राम में तैयार की जा रही है. पहले 7 से 8 ग्राम वजन वाली राखियां आम थीं, लेकिन अब ग्राहकों की मांग और महंगाई को देखते हुए ज्वेलर्स ने चांदी की मात्रा घटाकर डिजाइन का फैलाव बढ़ा दिया है. इससे राखी कलाई पर छोटी नहीं लगती, बल्कि पहले से ज्यादा बड़ी और आकर्षक दिखती है, जबकि कीमत कम रहती है.बाजार में चांदी की 3 हजार रुपए तक की राखियां हैं. अलग-अलग बजट और पसंद के हिसाब से कई पैटर्न और डिजाइन तैयार किए गए हैं.
कम वजन में बड़ी राखी का फॉर्मूला: महंगाई को देखते हुए ज्वेलर्स ने वजन घटाया है. पिछले साल 5 ग्राम चांदी में बनने वाली राखी इस बार करीब 3 ग्राम में बन रही है, लेकिन फैलाव बढ़ा दिया गया है, जिससे कलाई पर बड़ी और आकर्षक लगती है और कीमत भी कम रहती है. ज्वेलर महेंद्र सोनी सोजतिया ने बताया कि पहले 7-8 ग्राम वाली राखियां बनती थीं, अब वजन कम कर फैलाव बढ़ाया गया है, ताकि कम कीमत में बड़ी राखी मिले. ग्राहक ऐसी राखी चाहते हैं जो आकर्षक हो और जेब पर भारी न पड़े.
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500 से 3 हजार तक चांदी की राखियां: बाजार में 500 से 3 हजार रुपए तक की चांदी की राखियां हैं. अलग-अलग डिजाइन और पैटर्न में उपलब्ध हैं. ग्राहक इसे सिर्फ राखी नहीं, बल्कि यादगार निशानी के रूप में देख रहे हैं. सोने की राखियां 2 हजार से 1 लाख रुपए तक हैं. इनमें डायमंड और अन्य आकर्षक डिजाइन शामिल हैं. भाई-बहन के रिश्ते को दर्शाने वाले डिजाइन के साथ सुदामा राखी और भाई के प्यार को समर्पित राखियां भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं. कुछ ग्राहक इसे निवेश और यादगार उपहार के तौर पर देख रहे हैं. पारंपरिक के साथ सोने-चांदी की राखियों की मांग बढ़ी है.

भावनाओं की निशानी बनी राखी: खरीदार खुशबू ने बताया कि वह पिछले साल से चांदी की राखी खरीदना चाहती थीं. इस बार भाई के लिए चांदी की राखी बांधेंगी. उनका कहना है कि यह सिर्फ खरीदारी नहीं, रिश्ते को खास बनाने वाला पल है.एक छोटी बच्ची ने कहा कि भाई-बहन का रिश्ता अटूट प्यार का है. वह भाई को चांदी की राखी देना चाहती है. इनमें डायमंड और अन्य आकर्षक डिजाइन शामिल हैं. भाई-बहन के रिश्ते को दर्शाने वाले डिजाइन के साथ सुदामा राखी और भाई के प्यार को समर्पित राखियां भी ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं. ज्वेलर्स के अनुसार, कुछ ग्राहक राखी को त्योहार के साथ निवेश और यादगार उपहार के तौर पर भी देख रहे हैं.

महंगाई और भावनाओं में संतुलन का प्रयास: रक्षाबंधन के बाजार में इस बार महंगाई और ग्राहकों की भावनाओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश दिखाई दे रही है. राखी का वजन कम हुआ है, लेकिन डिजाइन और फैलाव बढ़ाकर उसे आकर्षक बनाया गया है. इससे बहनों को कम बजट में भी चांदी की राखी खरीदने का विकल्प मिल रहा है. बाजार का यह नया ट्रेंड बताता है कि महंगाई चाहे जितनी बढ़े, भाई-बहन के रिश्ते की चमक कम नहीं होती. इस बार राखियों को डिजाइन और फैलाव बढ़ाकर आकर्षक बनाया गया है.


