Raksha Bandhan 2026 : रक्षाबंधन पर सीएम भजनलाल और राज्यपाल समेत कई नेताओं ने दी शुभकामनाएं
रक्षाबंधन का पर्व आज हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है. राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दी.

Published : August 28, 2026 at 10:12 AM IST
जयपुर: भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व आज पूरे राजस्थान में उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है. सुबह से ही घरों में त्योहार की खास रौनक देखने को मिल रही है. पारंपरिक परिधानों में सजी बहनों ने अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और उनकी लंबी उम्र व उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना की.
वहीं, भाइयों ने भी बहनों को उपहार भेंट करते हुए जीवनभर उनकी रक्षा करने और हर कदम पर साथ निभाने का वचन दिया. त्योहार को लेकर राजधानी जयपुर सहित जोधपुर, उदयपुर, कोटा और बीकानेर जैसे सभी प्रमुख शहरों के बाजारों में जबरदस्त चहल-पहल है. वहीं बहन- भाई के पावन पर्व के इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने प्रदेशवासियों को रक्षा बंधन की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं.
भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता से जुड़े पावन पर्व ‘रक्षाबंधन’ के अवसर पर समस्त मातृशक्ति एवं प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं!
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) August 28, 2026
रक्षाबंधन हमारी समृद्ध पारिवारिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं में भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का सुंदर प्रतीक है।
प्रभु श्री गोविंद… pic.twitter.com/wGLtgsr1vS
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सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना : राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने रक्षा बंधन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के पवित्र रिश्ते में प्रेम, विश्वास और स्नेह को मजबूत करता है. उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और खुशहाली की कामना की. वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेशवासियों को रक्षा बंधन की बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व भारतीय संस्कृति में भाई-बहन के स्नेह और आपसी विश्वास का प्रतीक है. उन्होंने कहा कि राखी का यह पवित्र धागा भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत करने के साथ परिवार में प्रेम और सौहार्द का संदेश देता है. मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखी और समृद्ध जीवन की कामना की.
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विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने भी प्रदेशवासियों को रक्षा बंधन की शुभकामनाएं दीं. विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि यह त्योहार हमें पारिवारिक जिम्मेदारियों और परस्पर सम्मान का बोध कराता है. उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन हमारी समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और पारिवारिक मूल्यों का पर्व है. यह भाई-बहन के रिश्ते में प्रेम, विश्वास और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है.
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने रक्षा बंधन के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि यह पर्व भाई-बहन के स्नेह और विश्वास का उत्सव है. उन्होंने सभी बहनों और भाइयों के सुखद एवं मंगलमय जीवन की कामना की. उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा ने भी प्रदेशवासियों को रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन भारतीय संस्कृति और पारिवारिक रिश्तों की सुंदर परंपरा को दर्शाने वाला पर्व है. यह पर्व समाज में प्रेम, सद्भाव और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है.
समस्त प्रदेशवासियों को भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और अखंड विश्वास के पावन पर्व रक्षाबंधन की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
— Dr Prem Chand Bairwa (@DrPremBairwa) August 28, 2026
ईश्वर से प्रार्थना है कि यह पुनीत पर्व आप सभी के जीवन में सुख, समृद्धि, शांति और खुशहाली लेकर आए तथा भाई-बहन के स्नेहपूर्ण रिश्ते को प्रगाढ़ बनाए। pic.twitter.com/dBYazCb1ZE
लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और उनके परिवार को बांधी राखी : रक्षाबंधन के पावन पर्व पर मारवाड़ के घेनड़ी, पिलोवणी, वणदार, रूंगड़ी और शिवतलाव गांवों के राजपुरोहित समाज के प्रतिनिधियों ने राजमहल उदयपुर पहुंच कर लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ और उनके परिवार को राखी बांधी और प्राचीन आत्मीय संबंधों की परंपरा को पुनः जीवंत किया. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ ने पांचों गांवों के समाजजनों का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं.
इस अवसर पर राजपुरोहित समाज की ओर से राखी बांधना मेवाड़ पूर्व राजपरिवार और इन पांचों गांवों के बीच सदियों पुराने भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीय रिश्ते की पुनर्स्थापना का प्रतीक बना. ऐतिहासिक रूप से इन गांवों की बहन-बेटियां राजमहल में राखी भेजती रही हैं और राजमहल की ओर से उन्हें परंपरानुसार चूंदड़ी भेजी जाती थी. कालांतर में करीब 300 वर्षों से यह परंपरा बाधित रही. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ की पहल से प्राचीन परंपरा को पुनः प्रतिष्ठित किया गया है.

लक्ष्यराज सिंह ने बताया कि राजपुरोहित समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि रक्षाबंधन के इस पावन अवसर पर राखी बांधकर उन्होंने केवल एक परंपरा का निर्वहन नहीं किया, बल्कि इतिहास से जुड़े आत्मीय रिश्तों को नई पीढ़ी के लिए फिर से सजीव किया है. यह अवसर दोनों पक्षों के बीच स्नेह, सम्मान और पारंपरिक संबंधों को और प्रगाढ़ करने वाला रहा.
ड्यूटी के बीच बहन ने सड़क पर रुकवाई रोडवेज बस, भाई की कलाई पर बांधी राखी : रक्षाबंधन के पावन पर्व पर उदयपुर में भाई-बहन के अटूट प्रेम की एक भावुक तस्वीर देखने को मिली. ड्यूटी की जिम्मेदारी के चलते जब रोडवेज बस चालक भाई घर पहुंच कर बहन से राखी नहीं बंधवा सका, तो बहन खुद सड़क पर पहुंच गई. उसने रास्ते में रोडवेज बस रुकवाई और भाई की कलाई पर राखी बांधकर रक्षाबंधन की रस्म पूरी की.
किशनलाल मेघवाल बताया कि प्रतापगढ़ डिपो में रोडवेज बस चालक के पद पर कार्यरत हैं. रक्षाबंधन के दिन भी किशनलाल अपनी ड्यूटी पर तैनात थे. बस लेकर वे अपने निर्धारित रूट पर जा रहे थे. त्योहार होने के बावजूद ड्यूटी के कारण उनके लिए घर जाना संभव नहीं था. ऐसे में बहन रूपा देवी मेघवाल से राखी बंधवाने का मौका भी नहीं मिल पा रहा था. भाई से राखी बंधवाने की परंपरा और अपने स्नेह को निभाने के लिए रूपा देवी ने अनोखा तरीका अपनाया. उन्होंने रास्ते में रोडवेज बस को रुकवाया. बस रुकते ही रूपा देवी भाई किशनलाल के पास पहुंचीं. इसके बाद सड़क पर ही भाई की कलाई पर राखी बांधी और रक्षाबंधन की रस्म पूरी की.

