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घनश्याम तिवाड़ी ने गहलोत पर किया पलटवार, बोले- गहलोत ही नहीं, पूरी कांग्रेस 'अर्ध मूर्छित'

घनश्याम तिवाड़ी ने पलटवार करते हुए कहा कि गहलोत का बयान विधानसभा, कार्य सलाहकार समिति और प्रदेश की जनता का अपमान है.

राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी
राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी (ETV Bharat Jaipur)
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By ETV Bharat Rajasthan Team

Published : February 23, 2026 at 10:52 PM IST

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जयपुर: राज्यसभा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के विधानसभा में "सरकार@2 वर्ष प्रगति एवं उत्कर्ष 2024-25-2026" की चर्चा को "मूर्खतापूर्ण" और "मजाक" कहने वाले बयान पर तीखा हमला बोला. तिवाड़ी ने बीजेपी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि यह बयान विधानसभा, कार्य सलाहकार समिति तथा प्रदेश की 8 करोड़ जनता का अपमान है.

सदन में चर्चा तय होने के बावजूद बाहर बयानबाजी: उन्होंने बताया कि 16 फरवरी को कार्य सलाहकार समिति की बैठक में इस प्रतिवेदन पर चर्चा के लिए 21 फरवरी का दिन निर्धारित किया गया था. इसके बावजूद गहलोत सदन में अपनी बात रखने के बजाय सदन के बाहर आकर इस चर्चा को मूर्खतापूर्ण बता रहे हैं. तिवाड़ी ने कहा कि यह उनकी गंभीरता पर प्रश्नचिह्न लगाता है और सदन की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाला है. उन्होंने गहलोत को "अर्ध मुर्छित अवस्था" में बताया और कहा कि गहलोत ही नहीं, संपूर्ण कांग्रेस अर्ध मुर्छित हो गई है. तिवाड़ी ने मांग की कि गहलोत को सदन और प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए.

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जवाबदेही से भाग रही कांग्रेस: घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि जब गहलोत विपक्ष में होते हैं तो सदन में चर्चा से बचते हैं और बाहर आकर बयानबाजी करते हैं. वर्तमान भजनलाल सरकार ने अपने दो वर्षों के कार्यकाल का पूरा लेखा-जोखा सदन में प्रस्तुत कर जनता के प्रति जवाबदेही निभाई है. सरकार ने पहले अपने कार्यों की समीक्षा की और फिर पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल का तुलनात्मक विवरण सामने रखा. इससे कांग्रेस की वास्तविकता उजागर हुई है. इसी कारण गहलोत और विपक्ष को मिर्ची लगी और वे सदन में चर्चा से बचते नजर आ रहे हैं.

गहलोत सरकार का रिकॉर्ड खराब: राज्यसभा सांसद ने बताया कि भजनलाल सरकार के कार्यकाल में अपराध दर में 10 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है. महिला सुरक्षा जैसे मुद्दों पर गहलोत सरकार का रिकॉर्ड संतोषजनक नहीं रहा. पूर्ववर्ती सरकार के समय महिला अपराध, गैंगरेप, पेपर लीक, जेजेएम में भ्रष्टाचार, ईआरसीपी और यमुना जल समझौते जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं में विलंब जैसे गंभीर मुद्दे सामने आए.

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तिवाड़ी ने कहा कि यदि 19 में से 18 कॉलेज कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत हुए थे, तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि उन पर धरातल पर कार्य किस सरकार ने किया. उन्होंने आरोप लगाया कि गहलोत सरकार ने अपने अंतिम वर्ष 2023—24 में 1426 घोषणाएं कीं, जिनमें से 1142 पर कोई ठोस कार्य नहीं हुआ. तिवाड़ी ने गहलोत से सदन के बाहर मीडिया में भ्रामक बयान देने के बजाय सदन में अपनी बात रखने तथा सदन और प्रदेश की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की अपील की.