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राज्यसभा चुनाव 2026: राज्यसभा भेजने का फैसला करेगा हाईकमान, सीएलपी और पीसीसी चीफ देंगे सुझाव: भूपेश बघेल

भूपेश बघेल ने कहा कि वो पाटन का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, ऐसे में किसी और मौका मिलना चाहिए.

BHUPESH BAGHEL
राज्यसभा चुनाव 2026 (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : February 23, 2026 at 5:19 PM IST

3 Min Read
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रायपुर: राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीति हलचल तेज हो गई है. संभावित नामों और समीकरणों पर चर्चाओं के बीच पूर्व मुख्यमंत्री और पाटन विधायक भूपेश बघेल ने कहा, राज्यसभा भेजे जाने का निर्णय उनका नहीं, बल्कि पार्टी हाईकमान का होगा. बघेल ने कहा कि पैनल तैयार करने से लेकर अंतिम निर्णय तक की प्रक्रिया संगठन तय करेगा.



“पीसीसी और सीएलपी तय करेंगे पैनल”

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने राज्यसभा जाने के सवाल पर कहा, यह निर्णय पीसीसी चीफ और सीएलपी लीडर के स्तर पर चर्चा के बाद लिया जाएगा. उन्होंने कहा “यह सवाल पीसीसी चीफ और सीएलपी लीडर से पूछिए. वही लोग पैनल बनाएंगे, वही लोग बैठेंगे और वही तय करेंगे. अंततः फैसला हाईकमान करेगा.” बघेल के इस बयान से साफ संकेत मिलता है कि कांग्रेस संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत नामों का चयन करेगी, जिसमें प्रदेश नेतृत्व की भूमिका अहम रहेगी, लेकिन अंतिम मुहर केंद्रीय नेतृत्व लगाएगा.

राज्यसभा चुनाव 2026 (ETV Bharat)



“मैं पहले से हो विधायक, दूसरों को मिले मौका”

राज्यसभा भेजे जाने के सवाल पर बघेल ने साफ शब्दों में कहा, पहले से पाटन विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं. “मैं ऑलरेडी पाटन का विधायक हूं. ऐसे में दूसरे साथियों को मौका मिलना चाहिए, जो किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं. मैं पहले से विधानसभा में हूं, तो क्यों सीट खाली करना चाहते हैं? ”इस बयान को राजनीतिक हलकों में एक संतुलित और संगठनात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें बघेल ने खुद को दावेदारी की दौड़ से अलग बताते हुए अन्य नेताओं के लिए अवसर की बात कही है.



“हाईकमान का फैसला सर्वमान्य होगा”

भूपेश बघेल ने दोहराया कि अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान करेगा. “कौन जाएगा, कौन नहीं जाएगा यह हाईकमान तय करेगा. हमारे सीएलपी और पीसीसी दोनों सुझाव देंगे, लेकिन फैसला हाईकमान का होगा. हाईकमान क्या फैसला करेगा, यह मेरी जानकारी में नहीं है.” बघेल के इस बयान से यह स्पष्ट है कि पार्टी के भीतर सामूहिक सहमति और केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका निर्णायक रहेगी.


बयान राजनीतिक मायने

राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस में अंदरूनी चर्चाएं तेज हैं. बघेल का यह बयान जहां एक ओर संगठनात्मक अनुशासन का संकेत देता है, वहीं यह भी दर्शाता है कि पार्टी नेतृत्व सामूहिक निर्णय की प्रक्रिया पर जोर दे रहा है. आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि कांग्रेस हाईकमान किस नाम पर मुहर लगाता है और क्या छत्तीसगढ़ से कोई नया चेहरा राज्यसभा की दौड़ में आगे आता है.

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