केंद्रीय बजट की विशेषता बताने रांची पहुंचे राजीव प्रताप रूडी, कहा- आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को आधार प्रदान करने वाला
केंद्रीय बजट की अच्छाइयां बताने राजीव प्रताप रूडी रांची पहुंचे. उन्होंने कहा कि यह जबट विकसित भारत के लक्ष्य को आधार देने वाला है.


Published : February 8, 2026 at 7:22 PM IST
रांची: भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी ने आज झारखंड प्रदेश भाजपा कार्यालय में वित्तीय वर्ष 2026-27 के केंद्रीय बजट को 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने वाला बजट करार दिया. उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा 1 फरवरी को लोकसभा में पेश इस बजट के मुख्य प्रावधानों और घोषणाओं को जनता तक पहुंचाने के लिए पार्टी के नेता विभिन्न स्थानों पर पीसी के माध्यम से जनता से रूबरू हो रहे हैं. इसी क्रम में उन्हें रांची आकर बजट से जुड़ी जानकारियां साझा करने की जिम्मेदारी मिली है.
बजट आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत का मजबूत आधार: रूडी
सांसद राजीव प्रताप रूडी ने बजट को आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के लक्ष्य को सशक्त आधार प्रदान करने वाला बताया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह बजट निर्णय, सुधार और जन-कल्याण की स्पष्ट सोच के साथ प्रस्तुत किया गया है. यह बजट आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने के साथ-साथ राज्यों, खासकर झारखंड को विकास की मुख्यधारा में तेजी से आगे ले जाने वाला है.
रूडी ने बजट में बायो फार्मा क्षेत्र को हब के रूप में विकसित करने की योजना का उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि सेमीकंडक्टर क्षेत्र में अभी अमेरिका और चीन प्रमुख ताकत हैं, लेकिन इस बजट में बड़े अभियान की घोषणा की गई है. राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के साथ हर क्षेत्र को विकास की ओर ले जाने का संकल्प है.
झारखंड की सरकार भी अन्य राज्यों से प्रतिस्पर्धा कर राज्य को विकास के पथ पर आगे ले जा सकती है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि अमेरिका से होने वाले व्यापारिक समझौते से देश को फायदा होगा और भारत की कृषि या डेयरी क्षेत्र को कोई नुकसान नहीं होगा.
झारखंड को बजट से मिली विशेष राशि और योजनाएं
रूडी ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में झारखंड को कर हस्तांतरण के रूप में ₹51,236 करोड़ प्रस्तावित है. वर्ष 2014 से अब तक राज्य को ₹3.14 लाख करोड़ से अधिक का कर हस्तांतरण मिल चुका है. इसके अलावा अनुदानों के रूप में 2014-26 के दौरान ₹1.04 लाख करोड़ प्रदान किए गए हैं. यह मोदी सरकार की सहकारी संघवाद की नीति का प्रमाण है.
विशेष पूंजीगत सहायता योजना के तहत 2020-21 से जनवरी 2026 तक झारखंड को ₹11,567 करोड़ की ब्याज-मुक्त ऋण सहायता मिली है, जिससे सड़क, सिंचाई, शहरी अवसंरचना और औद्योगिक परियोजनाओं को गति मिली.
रेलवे क्षेत्र में झारखंड 100 प्रतिशत रेलवे विद्युतीकरण वाला राज्य बन चुका है. रेलवे बजट आवंटन 2009-14 के औसत ₹457 करोड़ से बढ़कर 2024-25 में ₹7,302 करोड़ हो गया. राज्य में 57 रेलवे स्टेशनों को अमृत स्टेशन के रूप में विकसित किया जा रहा है और रांची-पटना, रांची-वाराणसी सहित 7 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें संचालित हो रही हैं.
देवघर और जमशेदपुर में नए हवाई अड्डों की शुरुआत, वाराणसी-रांची-कोलकाता ग्रीनफील्ड कॉरिडोर, 3,600 किमी से अधिक राष्ट्रीय राजमार्गों का निर्माण और ₹30,000 करोड़ से अधिक की सड़क परियोजनाएं झारखंड की आर्थिक तस्वीर बदल रही हैं.
जनजातीय कल्याण पर जोर देते हुए रूडी ने धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, पीएम-जनमन योजना और बहु-क्षेत्रीय परियोजनाओं का जिक्र किया, जिनसे आदिवासी अंचलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका के नए अवसर सृजित हो रहे हैं.
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