'सुक्खू सरकार ने 105 वकील कोर्ट में लगाए, करोड़ों रुपये का किया भुगतान'
हिमाचल की आर्थिक बदहाली के लिए राजीव बिंदल सुक्खू सरकार को जिम्मेदार ठहराया है. उन्होंने सरकार पर फिजूलखर्ची के आरोप लगाए हैं.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : February 11, 2026 at 7:26 PM IST
|Updated : February 11, 2026 at 7:32 PM IST
शिमला: RDG बंद होने पर हिमाचल प्रदेश में आर्थिक स्थिति डगमगाने का खतरा पैदा हो गया है. सुक्खू सरकार हिमाचल की आर्थिक स्थिति की बदहाली के लिए पूर्व की भाजपा सरकार को दोषी ठहरा रही है. दूसरी तरफ भाजपा ने सुक्खू सरकार के आर्थिक कुप्रबंधन को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा कि सलाहकारों की सलाह ने सुक्खू सरकार को हिमाचल में डूबो दिया है. तीन साल में सुक्खू सरकार ने विकास कार्य बंद कर मित्रों को करोड़ों रुपए बांट दिए.
राजीव बिंदल ने कहा कि सुक्खू सरकार ने सत्ता में आते ही गैर कानूनी तरीके से CPS लगाए और कोर्ट के आदेश पर हटाने पड़े, लेकिन सरकार फिर भी नहीं मानी और अब मामला सुप्रीम कोर्ट में है, जहां करोड़ों रुपए वकीलों को दिया जा रहा है. कोर्ट में वकीलों की बड़ी फौज खड़ी कर दी है. करीब 105 वकील सरकार ने लगाए हैं, जिन्हें करोड़ों रुपए दिए जा रहे हैं. बावजूद इसके गंभीर मामलों में बाहर से वकील पैरवी कर लिए लाने पड़ रहे हैं. नई नई गाड़ियां खरीदी जा रही हैं. निगमों बोर्डो के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष की संख्या 50 से अधिक हो गई. करोड़ो रुपए उसमें व्यय किया जा रहा है. मित्रों की सरकार में मित्र होना जरूरी है भले ही वो पंचायत प्रधान बनने योग्य ही न हो.
राजीव बिंदल ने कहा कि 'आपदा में सरकार ने 4500 करोड़ की घोषणा की, लेकिन 165 करोड़ रुपए ही खर्च किए. 5 हजार ज्यादा होर्डिंग सत्ता में आने के बाद लगाए, जिसमें करोड़ों रुपए खर्चे जा रहे हैं. महिलाओं को 1500 रुपए मिले नहीं, लेकिन होर्डिंग बड़े बड़े लगा दिए. मुख्यमंत्री ने सत्ता संभालते ही केंद्र को गालियां देने का काम किया, जब आर्थिक स्थिति खराब थी तो अरबों रुपए की गारंटियों को क्यों दिया गया, केवल कुर्सी हासिल करने के लिए झूठ बोला. सारा वित्तीय कुप्रबंधन तीन साल में सरकार ने किया तभी प्रदेश आज बदहाली की दहलीज पर पहुंच गया है. आज आर्थिक तंगी आई है तो तीन साल में सरकार ने संस्थानों को बंद क्यों किया, हिम केयर, सहारा योजना में क्यों लाभ खत्म किया गया. एक सड़क भी सरकार ने अपने पैसे से नहीं बनाई है और आज RDG का रोना रो रहे हैं. 12वें वित्त आयोग के समय से RDG बंद करने की सिफारिशें दी जा रही है. सुक्खू सरकार ने झूठी गारंटी देकर सत्ता हासिल की और आज प्रदेश को कंगाल कर दिया है.'

